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भाजपा के निशाने पर ये वोट बैंक: मंदिर में माथा टेकना रणनीति, 'आप' की धार्मिक आउटरीच के बीच पार्टी का नया दांव
Thu, 01 Oct 2026 11:34 AM IST
Sharukh Khan
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:34 AM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जालंधर के श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने पहुंचे। भाजपा के निशाने पर हिंदू वोट बैंक है। हमारे राम से तीर्थ यात्रा तक आम आदमी पार्टी की धार्मिक आउटरीच के बीच भाजपा ने नया दांव खेला है।
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punjab election
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हिंदू मतदाताओं को लेकर राजनीतिक सक्रियता तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी सरकार धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों और तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार से हिंदू समाज तक पहुंच बढ़ा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जालंधर के श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकना भाजपा की पंजाब रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शाह बुधवार को भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्राओं के समापन समारोह से पहले मंदिर दर्शन करने आए।
पंजाब की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 38.49 फीसदी है। राजनीतिक विश्लेषणों में करीब 34 विधानसभा सीटों पर हिंदू मतदाताओं की मजबूत मौजूदगी बताई जाती है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जालंधर के श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकना भाजपा की पंजाब रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शाह बुधवार को भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्राओं के समापन समारोह से पहले मंदिर दर्शन करने आए।
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पंजाब की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 38.49 फीसदी है। राजनीतिक विश्लेषणों में करीब 34 विधानसभा सीटों पर हिंदू मतदाताओं की मजबूत मौजूदगी बताई जाती है।
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जालंधर, गुरदासपुर, होशियारपुर, लुधियाना, अमृतसर जैसे इलाकों में इनकी उल्लेखनीय उपस्थिति है। शहरी और अर्ध-शहरी सीटों पर यह वर्ग चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भाजपा अकाली दल के साथ गठबंधन में मुख्य रूप से 23 शहरी सीटों पर चुनाव लड़ती थी।
2007 में भाजपा ने 23 में से 19 सीटें जीतकर सर्वाधिक प्रदर्शन किया था। 2022 में गठबंधन टूटने पर भाजपा ने पहली बार 73 सीटों पर चुनाव लड़ा और दो सीटें जीतीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट 18.56 फीसदी तक पहुंचा, जो 2019 के 9.63 फीसदी से लगभग नौ फीसदी अंक अधिक है।
आप की धार्मिक-सांस्कृतिक पहुंच
आप सरकार ने अगस्त-सितंबर में अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत हमारे राम के 12 शहरों में 41 निशुल्क मंचन करवाए। इनमें मोहाली, बठिंडा, जालंधर, अमृतसर जैसे शहर शामिल थे। सरकार ने इसे सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने की पहल बताया।
आप सरकार ने अगस्त-सितंबर में अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत हमारे राम के 12 शहरों में 41 निशुल्क मंचन करवाए। इनमें मोहाली, बठिंडा, जालंधर, अमृतसर जैसे शहर शामिल थे। सरकार ने इसे सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने की पहल बताया।
इससे पहले एक शाम भगवान शिव के नाम कार्यक्रम भी राज्य के सभी 22 जिलों में आयोजित हुए। तीर्थ यात्रा योजना का दायरा भी बढ़ाया गया। अगस्त में 15 बसें खाटू श्याम-सालासर बालाजी, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना की गईं। सरकार यात्रा, ठहरने और भोजन का खर्च वहन कर रही है।
भाजपा की रणनीति और विस्तार
भाजपा की चार नशामुक्त पंजाब यात्राओं ने करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। अमित शाह का देवी तालाब मंदिर जाना धार्मिक आस्था और नशे के खिलाफ अभियान दोनों से जुड़ा है। मंदिर परिसर स्थित त्रिपुरमालिनी शक्तिपीठ दो सौ वर्ष पुराना प्रमुख धार्मिक स्थल है।
भाजपा की चार नशामुक्त पंजाब यात्राओं ने करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। अमित शाह का देवी तालाब मंदिर जाना धार्मिक आस्था और नशे के खिलाफ अभियान दोनों से जुड़ा है। मंदिर परिसर स्थित त्रिपुरमालिनी शक्तिपीठ दो सौ वर्ष पुराना प्रमुख धार्मिक स्थल है।
यह दोआबा क्षेत्र में हिंदू आस्था के महत्वपूर्ण केंद्रों में शामिल है। शाह का यह दौरा भाजपा के पुराने शहरी आधार को मजबूत करने और अकेले चुनावी विस्तार की दिशा में काम करने का संकेत देता है। यह समुदाय के बीच पार्टी की मौजूदगी का संदेश देता है।
पंजाब में चुनावी समीकरण
पंजाब में हिंदू मतदाता महत्वपूर्ण हैं पर चुनाव का समीकरण केवल धार्मिक पहचान पर निर्भर नहीं करता। 2024 में भाजपा का वोट बढ़ने पर भी उसे केवल दो लोकसभा सीटें मिलीं। 2022 में आप ने हिंदू बहुल या हिंदू प्रभाव वाली कई शहरी सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया था।
पंजाब में हिंदू मतदाता महत्वपूर्ण हैं पर चुनाव का समीकरण केवल धार्मिक पहचान पर निर्भर नहीं करता। 2024 में भाजपा का वोट बढ़ने पर भी उसे केवल दो लोकसभा सीटें मिलीं। 2022 में आप ने हिंदू बहुल या हिंदू प्रभाव वाली कई शहरी सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया था।
राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि पंजाब के हिंदू मतदाताओं का व्यवहार हिंदी पट्टी से एकरूप नहीं है। धार्मिक मुद्दों को सीधे चुनावी समर्थन में बदलना स्वतः तय नहीं माना जा सकता। कांग्रेस भी इस सामाजिक और शहरी मतदाता वर्ग में अपनी पुरानी मौजूदगी के कारण इस समीकरण का हिस्सा रहेगी।