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सहकारी चीनी मिल वर्कर्स फेडरेशन ने निकाला रोष मार्च
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 14 Dec 2016 09:36 PM IST
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रोष मार्च
- फोटो : अमर उजाला
सहकारी चीनी मिल वर्कर्स फेडरेशन पंजाब के आह्वान पर राज्य भर के सहकारी चीनी मिलों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए रोष मार्च निकाला। यह रोष मार्च देश भगत यादगार हाल से संयुक्त रजिस्ट्रार, सहकारी सभाएं जालंधर डिवीजन के दफ्तर और बाद में डीसी दफ्तर जालंधर पर आकर खत्म हुआ।
रोष मार्च के बाद इन कर्मचारियों ने अपनी मांगोें के लिए डीसी को एक मांग पत्र सौंपा। पंजाब प्रधान बहादर सिंह कौलगढ़ व जनरल सेक्रेटरी पलविंदर सिंह सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि जुलाई 2011 में पंजाब के सहकारी चीनी मिलों के मुलाजिम अपनी मांगों को मनवाने के लिए मरणव्रत पर बैठे थे। पंजाब सरकार ने मरण व्रत पर बैठे कर्मचारियों का व्रत तुड़वाने के लिए पंजाब सरकार के मुलाजिमों की तरह पांचवां पे स्केल लागू करने का समझौता किया था।
सरकार ने कर्मचारियों का मरण व्रत तुड़वाने के लिए समझौता तो कर लिया, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया। इसके अलावा सरकार ने कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु 60 से घटाकर 58 साल कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगें न मान कर उनके साथ धक्केशाही कर रही है।
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रोष मार्च के बाद इन कर्मचारियों ने अपनी मांगोें के लिए डीसी को एक मांग पत्र सौंपा। पंजाब प्रधान बहादर सिंह कौलगढ़ व जनरल सेक्रेटरी पलविंदर सिंह सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि जुलाई 2011 में पंजाब के सहकारी चीनी मिलों के मुलाजिम अपनी मांगों को मनवाने के लिए मरणव्रत पर बैठे थे। पंजाब सरकार ने मरण व्रत पर बैठे कर्मचारियों का व्रत तुड़वाने के लिए पंजाब सरकार के मुलाजिमों की तरह पांचवां पे स्केल लागू करने का समझौता किया था।
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सरकार ने कर्मचारियों का मरण व्रत तुड़वाने के लिए समझौता तो कर लिया, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया। इसके अलावा सरकार ने कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु 60 से घटाकर 58 साल कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगें न मान कर उनके साथ धक्केशाही कर रही है।
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