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मोगा में एसएसए/रमसा महिला अध्यापकों का नारी शक्ति प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Sun, 22 May 2016 09:35 PM IST
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मोगा में प्रदर्शन करतीं एसएसए/रमसा महिला अध्यापक।
- फोटो : अमर उजाला
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एसएसए/रमसा महिला अध्यापकों ने प्रदेश स्तरीय नारी शक्ति के अंतर्गत शहर में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। जत्थेबंदी की प्रदेश नेता नवनीत कौर, सोनाली शर्मा ने कहा कि लगभग 12000 एसएसए/रमसा अध्यापकों को राज्य सरकार ने बीते 8 सालों से ठेके पर स्कूलों में भर्ती किया हुआ है।
उन्होंने कहा कि ठेके पर भर्ती होने के कारण अध्यापक और अध्यापिकाओं को विभागीय सहूलियतों से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिला अध्यापिकाओं को मिलने वाली प्रसूति (प्रसूता) छुट्टी भी शिक्षा विभाग में रेगुलर महिला अध्यापिकाओं से उन्हें 3 माह कम दी जाती है। उन्होंने कहा कि वह पूरी मेहनत से अपनी ड्यूटी निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस महंगाई में उन्हें बीते साल नवंबर माह से कोई वेतन नहीं मिला। उनके घरों का गुजारा चलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि एसएसए/रमसा अध्यापकों के बाद विभाग में हुई दो भर्ती के अध्यापकों को तीन सालों के बाद रेगुलर किया जा चुका है, लेकिन उन्हें आठ साल बीत जाने के बाद भी सरकार रेगुलर करने के लिए कोई अपील सुनने को तैयार नहीं है।
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उन्हें शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह ने एक साल पहले दो माह में रेगुलर की रिपोर्ट तैयार करने का वादा किया था, लेकिन एक वर्ष के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई। जत्थेबंदी नेता जसपाल कौर, दलजिंदर कौर और करमजीत कौर ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार टालमटोल की नीति के तहत समय निकाल रही है। उन्होंने कहा कि अध्यापिकाओं ने संघर्ष जारी रखने का फैसला किया है।
इस मौके पर जत्थेबंदी के प्रदेश प्रधान दीदार सिंह मुद्दकी और महासचिव हरजीत सिंह के अलावा बलजिंदर कौर, नवचरनप्रीत कौर, जगबीरन कौर (डीटीएफ), हरमनप्रीत कौर, हरविंदर कौर, दलजीत कौर, मैडम गीतू चोपड़ा (फरीदकोट), प्रेम लता, रत्ना गुप्ता, संदीप कौर (मोगा), कमलजीत कौर, इंद्रजीत कौर (लुधियाना), तानिया, ज्योति कटारिया, नीरू गर्ग, खुशविंदर कोर मौजूद थी।
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उन्होंने कहा कि ठेके पर भर्ती होने के कारण अध्यापक और अध्यापिकाओं को विभागीय सहूलियतों से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिला अध्यापिकाओं को मिलने वाली प्रसूति (प्रसूता) छुट्टी भी शिक्षा विभाग में रेगुलर महिला अध्यापिकाओं से उन्हें 3 माह कम दी जाती है। उन्होंने कहा कि वह पूरी मेहनत से अपनी ड्यूटी निभा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि इस महंगाई में उन्हें बीते साल नवंबर माह से कोई वेतन नहीं मिला। उनके घरों का गुजारा चलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि एसएसए/रमसा अध्यापकों के बाद विभाग में हुई दो भर्ती के अध्यापकों को तीन सालों के बाद रेगुलर किया जा चुका है, लेकिन उन्हें आठ साल बीत जाने के बाद भी सरकार रेगुलर करने के लिए कोई अपील सुनने को तैयार नहीं है।
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उन्हें शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह ने एक साल पहले दो माह में रेगुलर की रिपोर्ट तैयार करने का वादा किया था, लेकिन एक वर्ष के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई। जत्थेबंदी नेता जसपाल कौर, दलजिंदर कौर और करमजीत कौर ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार टालमटोल की नीति के तहत समय निकाल रही है। उन्होंने कहा कि अध्यापिकाओं ने संघर्ष जारी रखने का फैसला किया है।
इस मौके पर जत्थेबंदी के प्रदेश प्रधान दीदार सिंह मुद्दकी और महासचिव हरजीत सिंह के अलावा बलजिंदर कौर, नवचरनप्रीत कौर, जगबीरन कौर (डीटीएफ), हरमनप्रीत कौर, हरविंदर कौर, दलजीत कौर, मैडम गीतू चोपड़ा (फरीदकोट), प्रेम लता, रत्ना गुप्ता, संदीप कौर (मोगा), कमलजीत कौर, इंद्रजीत कौर (लुधियाना), तानिया, ज्योति कटारिया, नीरू गर्ग, खुशविंदर कोर मौजूद थी।