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Jalandhar News: निवेश के नाम पर 100 करोड़ की ठगी मामले में कंपनी डायरेक्टर्स के खिलाफ किया प्रदर्शन
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-2012 में कंप्लेक्स बनाना किया था शुरू, 277 लोगों से लिए गए थे पैसे
-पैसे लेने के बाद अभी तक नहीं किया काम पूरा, लोग मांग रहे इंसाफ
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। वाईबीजी कंपनी के डायरेक्टर की ओर से भोलेभाले लोगों से निवेश के नाम पर करीब सौ करो़ड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद निवेशकों ने वीरवार को वाईबीजी कंपनी के परिसर में प्रदर्शन किया। ग्रैंड सिटी प्लाजा नाम से बनाए जा रहे कांप्लेक्स में लोगों ने प्रदर्शन किया और मामला दर्ज होने के बाद इस मामले में निर्देशकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने निर्देशकों पर कई तरह के आरोप लगाए और उनके साथ ठगी मारने का आरोप लगाया।
फुल्लवाल चौक के पास कीज होटल के नजदीक वाईबीजी कंपनी के डायरेक्टस का दफ्तर है। ठगी के मामले में नामजद किए गए गुरजीत सिंह गरेवाल पचास प्रतिशत के मालिक है जबकि बाकी तीन लोग ओर पचास प्रतिशत के मालिक है। निवेशकों ने आरोप लगाया कि 2012 में यह कांप्लेक्स बनाना शुरू किया गया था। 277 लोगों से निवेश करवा लिया गया और कांप्लेक्स में मल्टी सिनेमा, रेस्तरां सहित कई चीजों की दावेदारी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निर्देशकों ने निवेशकों के बारे में न सोच कर सिर्फ अपने बारे में सोचा। आरोपी गुरजीत सिंह ग्रेवाल अपना शेयर दो प्रतिशत ओर बढ़ाने की जिद पर अड़े रहे जबकि बाकी के तीनों पार्टनर इस बार पर अड़े रहे कि उन्हें हिस्सा लेने के बाद कंपनी से निकाल दिया जाएगा।
कई विभागों के नियम पूरे नहीं
निवेशकों ने आरोप लगाया कि उनसे पूरा पैसा लेने के बाद अभी तक कंस्ट्रक्शन का काम पूरा नहीं किया गया है। वाईबीजी कंपनी के निदेशकों ने सरकारी आधारों की भी परवाह नहीं की। कई विभागों के नियम पूरे नहीं किए। झूठ की बुनियाद पर यह कंपनी चल रही थी लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगने दी। निवेशकों ने आरोप लगाया कि आरोपी गुरजीत ग्रेवाल ने अपनी क्लर्क के नाम पर रजिस्ट्री करवा लाखों रुपये की चपत लगा दी। जब शिकायत पुलिस के पास गई तो गुरजीत सिंह ग्रेवाल जो एनआरआई भी है वह विदेश चला जाता था जिस कारण फैसला नहीं हो पाया। निवेशकों ने मांग की है कि इस कांप्लेक्स को सुचारू रूप से चलाया जाए और खरीदारों की रजिस्ट्रियां कार्रवाई जाएं। जिन से पेमेंट ली है उनकी दुकानों का निर्माण और अधूरे कामों को पूरा किया जाए और उसके बाद निर्देशक अपने लाभ का हिसाब करें। नहीं तो पुलिस इन पर ओर सख्ती करे।
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-पैसे लेने के बाद अभी तक नहीं किया काम पूरा, लोग मांग रहे इंसाफ
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। वाईबीजी कंपनी के डायरेक्टर की ओर से भोलेभाले लोगों से निवेश के नाम पर करीब सौ करो़ड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद निवेशकों ने वीरवार को वाईबीजी कंपनी के परिसर में प्रदर्शन किया। ग्रैंड सिटी प्लाजा नाम से बनाए जा रहे कांप्लेक्स में लोगों ने प्रदर्शन किया और मामला दर्ज होने के बाद इस मामले में निर्देशकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने निर्देशकों पर कई तरह के आरोप लगाए और उनके साथ ठगी मारने का आरोप लगाया।
फुल्लवाल चौक के पास कीज होटल के नजदीक वाईबीजी कंपनी के डायरेक्टस का दफ्तर है। ठगी के मामले में नामजद किए गए गुरजीत सिंह गरेवाल पचास प्रतिशत के मालिक है जबकि बाकी तीन लोग ओर पचास प्रतिशत के मालिक है। निवेशकों ने आरोप लगाया कि 2012 में यह कांप्लेक्स बनाना शुरू किया गया था। 277 लोगों से निवेश करवा लिया गया और कांप्लेक्स में मल्टी सिनेमा, रेस्तरां सहित कई चीजों की दावेदारी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निर्देशकों ने निवेशकों के बारे में न सोच कर सिर्फ अपने बारे में सोचा। आरोपी गुरजीत सिंह ग्रेवाल अपना शेयर दो प्रतिशत ओर बढ़ाने की जिद पर अड़े रहे जबकि बाकी के तीनों पार्टनर इस बार पर अड़े रहे कि उन्हें हिस्सा लेने के बाद कंपनी से निकाल दिया जाएगा।
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कई विभागों के नियम पूरे नहीं
निवेशकों ने आरोप लगाया कि उनसे पूरा पैसा लेने के बाद अभी तक कंस्ट्रक्शन का काम पूरा नहीं किया गया है। वाईबीजी कंपनी के निदेशकों ने सरकारी आधारों की भी परवाह नहीं की। कई विभागों के नियम पूरे नहीं किए। झूठ की बुनियाद पर यह कंपनी चल रही थी लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगने दी। निवेशकों ने आरोप लगाया कि आरोपी गुरजीत ग्रेवाल ने अपनी क्लर्क के नाम पर रजिस्ट्री करवा लाखों रुपये की चपत लगा दी। जब शिकायत पुलिस के पास गई तो गुरजीत सिंह ग्रेवाल जो एनआरआई भी है वह विदेश चला जाता था जिस कारण फैसला नहीं हो पाया। निवेशकों ने मांग की है कि इस कांप्लेक्स को सुचारू रूप से चलाया जाए और खरीदारों की रजिस्ट्रियां कार्रवाई जाएं। जिन से पेमेंट ली है उनकी दुकानों का निर्माण और अधूरे कामों को पूरा किया जाए और उसके बाद निर्देशक अपने लाभ का हिसाब करें। नहीं तो पुलिस इन पर ओर सख्ती करे।
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