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पीएमईटी परीक्षा में फिक्सिंग का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर/फगवाड़ा
Updated Sun, 17 May 2015 09:46 PM IST
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बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की तरफ से रविवार को लवली में रखी गई पीएमईटी की
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परीक्षा के दौरान हंगामा हो गया। हंगामा कर रहे विद्यार्थियों के अभिभावकों
ने यूनिवर्सिटी पर पेपर को फिक्स करने तक का आरोप लगा दिया। अभिभावकों का
कहना था कि यूनिवर्सिटी द्वारा करीब 60 बच्चों का पेपर 11.30 बजे ही अलग
बैठा कर ले लिया गया है। पेपर को लीक किया गया और परीक्षा में इन 60 बच्चों
की मदद भी की गई है। बाकी विद्यार्थियों का पेपर 12 बजे शुरू करवाया गया।
भड़के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने लवली में जमकर हंगामा किया और
रोड जाम कर दिया।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी द्वारा लवली में रखे गए पेपर का समय सुबह 11 बजे का था, लेकिन पेपर 12 बजे शुरू हो पाया। परिजनों का आरोप था कि पूरे प्रदेश के बच्चों के लिए सिर्फ एक सेंटर बनाया जाना गलत है। यूनिवर्सिटी में पार्किंग के प्रबंध भी अपर्याप्त थे, उन्हें अपने वाहन यूनिवर्सिटी से दूर ले जाने के लिए मजबूर किया गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम केशव हिंगोनिया और डीएसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने इन आरोपों का खंडन किया। 11.40 पर शुरू हुआ प्रदर्शन करीब 2.40 पर खत्म हुआ। एसपी आई जगजीत सिंह सरोया ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और यातायात सुचारू करवाया।
---कोट---
मैने विद्यार्थियों के बारे में सोचा, यही मेरी गलती थी : वीसी
मुझे पता चला था कि ट्रैफिक में फंसे होने के कारण कुछ विद्यार्थी परीक्षा में देरी से पहुंच सकते हैं। मैंने उन बच्चों के भविष्य को देखते हुए पेपर को 20 मिनट देरी से शुरू करने का फैसला किया। परीक्षा देने के लिए बच्चों का आना जारी था। इसके चलते पेपर का समय कुछ देर के लिए ओर बढ़ा दिया गया। 11.45 पर मुझे लगा कि सभी विद्यार्थी पेपर के लिए पहुंच चुके हैं तो मैंने पेपर शुरू करने का आदेश दे दिया। बच्चों के भविष्य को देखते हुए पेपर का समय देरी से किया, यही मेरी गलती थी। यूनिवर्सिटी पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो सरासर बेबुनियाद हैं।
डॉ. राज बहादुर, वीसी, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी
----
परीक्षा में लवली का कोई रोल ही नहीं है : अशोक मिंतल
इस परीक्षा से लवली यूनिवर्सिटी का कोई लेनदेन नहीं है। यह परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की तरफ से रखी गई थी। इसके बारे में वही ज्यादा बता सकते हैं।
अशोक मित्तल, चांसलर, लवली यूनिवर्सिटी
जालंधर से फगवाड़ा तक लगा जाम
पेपर देने के लिए करीब 15 हजार विद्यार्थी एलपीयू पहुंचे थे। इन बच्चों को छोड़ने के लिए आए वाहनों के कारण एलपीयू से लेकर फगवाड़ा तक रोड जाम हो गया। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे वाहनों को संभालना ट्रैफिक पुलिस के लिए भी टेढ़ी खीर हो रहा था। लोगों को एलपीयू से जालंधर और फगवाड़ा पहुंचने में ही एक घंटे का समय लग गया। कुछ लोग तो यातायात जाम होने के कारण पैदल ही जालंधर की तरफ निकल पड़े।
पेपर के दौरान लवली में दिखी अव्यवस्था
पेपर के लिए 15 हजार विद्यार्थी आए थे लेकिन इन बच्चों और उनके साथ आए अभिभावकों के लिए कुछ खास इंतजाम नहीं किया गया था। सभी अभिभावक गेट पर कई घंटे खड़े रहे। न तो उन्हें पीने के लिए पानी मिल रहा था और न ही बैठने के लिए जगह मिल रही थी। कई अभिभावकों की तो गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी द्वारा लवली में रखे गए पेपर का समय सुबह 11 बजे का था, लेकिन पेपर 12 बजे शुरू हो पाया। परिजनों का आरोप था कि पूरे प्रदेश के बच्चों के लिए सिर्फ एक सेंटर बनाया जाना गलत है। यूनिवर्सिटी में पार्किंग के प्रबंध भी अपर्याप्त थे, उन्हें अपने वाहन यूनिवर्सिटी से दूर ले जाने के लिए मजबूर किया गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम केशव हिंगोनिया और डीएसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने इन आरोपों का खंडन किया। 11.40 पर शुरू हुआ प्रदर्शन करीब 2.40 पर खत्म हुआ। एसपी आई जगजीत सिंह सरोया ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और यातायात सुचारू करवाया।
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मैने विद्यार्थियों के बारे में सोचा, यही मेरी गलती थी : वीसी
मुझे पता चला था कि ट्रैफिक में फंसे होने के कारण कुछ विद्यार्थी परीक्षा में देरी से पहुंच सकते हैं। मैंने उन बच्चों के भविष्य को देखते हुए पेपर को 20 मिनट देरी से शुरू करने का फैसला किया। परीक्षा देने के लिए बच्चों का आना जारी था। इसके चलते पेपर का समय कुछ देर के लिए ओर बढ़ा दिया गया। 11.45 पर मुझे लगा कि सभी विद्यार्थी पेपर के लिए पहुंच चुके हैं तो मैंने पेपर शुरू करने का आदेश दे दिया। बच्चों के भविष्य को देखते हुए पेपर का समय देरी से किया, यही मेरी गलती थी। यूनिवर्सिटी पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो सरासर बेबुनियाद हैं।
डॉ. राज बहादुर, वीसी, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी
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परीक्षा में लवली का कोई रोल ही नहीं है : अशोक मिंतल
इस परीक्षा से लवली यूनिवर्सिटी का कोई लेनदेन नहीं है। यह परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की तरफ से रखी गई थी। इसके बारे में वही ज्यादा बता सकते हैं।
अशोक मित्तल, चांसलर, लवली यूनिवर्सिटी
जालंधर से फगवाड़ा तक लगा जाम
पेपर देने के लिए करीब 15 हजार विद्यार्थी एलपीयू पहुंचे थे। इन बच्चों को छोड़ने के लिए आए वाहनों के कारण एलपीयू से लेकर फगवाड़ा तक रोड जाम हो गया। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे वाहनों को संभालना ट्रैफिक पुलिस के लिए भी टेढ़ी खीर हो रहा था। लोगों को एलपीयू से जालंधर और फगवाड़ा पहुंचने में ही एक घंटे का समय लग गया। कुछ लोग तो यातायात जाम होने के कारण पैदल ही जालंधर की तरफ निकल पड़े।
पेपर के दौरान लवली में दिखी अव्यवस्था
पेपर के लिए 15 हजार विद्यार्थी आए थे लेकिन इन बच्चों और उनके साथ आए अभिभावकों के लिए कुछ खास इंतजाम नहीं किया गया था। सभी अभिभावक गेट पर कई घंटे खड़े रहे। न तो उन्हें पीने के लिए पानी मिल रहा था और न ही बैठने के लिए जगह मिल रही थी। कई अभिभावकों की तो गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई।