{"_id":"d5fc1582a788bf0c5672bf33dd118090","slug":"people-anger-burst-on-the-corporate-team-demolishing-illegal-shops-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध दुकानें गिराने गई निगम टीम पर फूटा लोगों का गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध दुकानें गिराने गई निगम टीम पर फूटा लोगों का गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Tue, 23 Feb 2016 09:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के बस्तियात क्षेत्र में अवैध दुकानें गिराने गई निगम टीम को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने बिल्डिंग विभाग के इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल को काफी समय तक बंधक बनाए रखा।
उन्होंने इंस्पेक्टर पर पैसे खाने के आरोप भी लगाए। गुस्साए लोगों ने डिच मशीन पर पत्थरों से वार किया, जिससे शीशे तक टूट गए। बिल्डिंग ब्रांच की टीम ने अवैध बनीं तीन दुकानों को तो गिरा दिया, लेकिन लोगों के गुस्से का जमकर सामना करना पड़ा।
इन अवैध दुकानों में एक दुकान शिव सेना समाजवादी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रजनीश कुमार नीटू की थी। अवैध निर्माण गिराने के लिए बिल्डिंग ब्रांच की पूरी टीम गई थी। इसमें एसटीपी से लेकर एमटीपी, सभी एटीपी और इंस्पेक्टर शामिल थे।
विज्ञापन
सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया ने शिकायत की थी कि उनके वार्ड में पड़ते बाबा बालक नाथ मंदिर के पास गोविंद नगर में शिव सेना समाजवादी के एक नेता की अवैध दुकान बन रही है। शिकायत के बाद हरकत में आई निगम टीम मंगलवार को अवैध दुकान पर कार्रवाई करने गई।
टीम ने सबसे पहले बस्ती गुंजा रोड पर एक अवैध बन रही दुकान को डिच मशीन से तोड़ा। इसके बाद टीम शिव सेना समाजवादी के राष्ट्रीय उपप्रधान की दुकानें तोड़ने चली गई। टीम को काफी विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी गई। निगम टीम ने कुल तीन बन रही अवैध दुकानों को तोड़ने का काम किया।
गुस्साए लोगों ने निगम की डिच मशीन पर पत्थर भी मारे, जिससे डिच मशीन के शीशे टूट गए। मौके पर जमा हुए लोगों ने निगम टीम का जमकर विरोध किया। गुस्से से भरे हुए लोगों ने सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया के खिलाफ नारेबाजी भी की। कुछ स्थानीय भाजपाइयों ने भी लोगों का साथ दिया।
भाजपाइपों ने निगम की इस कार्रवाई का विरोध जताया। निगम कार्रवाई का विरोध करते हुए लोगों ने बिल्डिंग ब्रांच के इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल को बंधक बना लिया। आखिर में पुलिस बल ने संज्ञान लेते इंस्पेक्टर दुग्गल को लोगों के चुंगल से बाहर निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल के साथ धक्कामुक्की की और पैसे खाने के भी आरोप लगाए। निगम टीम ने शिव सेना समाजवादी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रजनीश कुमार नीटू, किशन कुमार और जगमोहन की निर्माणधीन अवैध दुकानों पर कार्रवाई की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर निगम वह इमारतें क्यों नहीं गिरा रहा, जो भाटिया के संरक्षण में अवैध रूप से बनाई गई हैं। लोगों का दावा है कि भाटिया ने खुद के संरक्षण में वार्ड की कई जगहों पर अवैध निर्माण करवाया है। इन पर निगम प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया ने अल्टीमेटम दिया था कि अगर शिव सेना समाजवादी नेता की अवैध बन रही दुकान पर कार्रवाई न हुई तो वे निगमायुक्त कार्यालय के सामने धरना देंगे। इसके चलते निगम प्रशासन ने कार्रवाई की।
इस दौरान एसटीपी हेमंत बतरा, एमटीपी राजकुमार, एटीपी बांके बिहारी, एटीपी लखबीर सिंह, एटीपी राजिंदर शर्मा, एटीपी शाम सुंदर, बिल्डिंग सुपरिंटेंडेंट कमलजीत सिंह, बिल्डिंग इंस्पेक्टर दिनेश जोशी, रूपिंदर सिंह टिवाना, सुषमा दुग्गल और वरिंदर कौर मौजूद थे।
नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एमरजेंसी वार्ड में दाखिल इंस्पेक्टर दुग्गल के मेडिकल टेस्ट हुए। उनका इलाज डॉ. राजकुमार कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने इंस्पेक्टर पर पैसे खाने के आरोप भी लगाए। गुस्साए लोगों ने डिच मशीन पर पत्थरों से वार किया, जिससे शीशे तक टूट गए। बिल्डिंग ब्रांच की टीम ने अवैध बनीं तीन दुकानों को तो गिरा दिया, लेकिन लोगों के गुस्से का जमकर सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
इन अवैध दुकानों में एक दुकान शिव सेना समाजवादी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रजनीश कुमार नीटू की थी। अवैध निर्माण गिराने के लिए बिल्डिंग ब्रांच की पूरी टीम गई थी। इसमें एसटीपी से लेकर एमटीपी, सभी एटीपी और इंस्पेक्टर शामिल थे।
विज्ञापन
सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया ने शिकायत की थी कि उनके वार्ड में पड़ते बाबा बालक नाथ मंदिर के पास गोविंद नगर में शिव सेना समाजवादी के एक नेता की अवैध दुकान बन रही है। शिकायत के बाद हरकत में आई निगम टीम मंगलवार को अवैध दुकान पर कार्रवाई करने गई।
टीम ने सबसे पहले बस्ती गुंजा रोड पर एक अवैध बन रही दुकान को डिच मशीन से तोड़ा। इसके बाद टीम शिव सेना समाजवादी के राष्ट्रीय उपप्रधान की दुकानें तोड़ने चली गई। टीम को काफी विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी गई। निगम टीम ने कुल तीन बन रही अवैध दुकानों को तोड़ने का काम किया।
गुस्साए लोगों ने निगम की डिच मशीन पर पत्थर भी मारे, जिससे डिच मशीन के शीशे टूट गए। मौके पर जमा हुए लोगों ने निगम टीम का जमकर विरोध किया। गुस्से से भरे हुए लोगों ने सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया के खिलाफ नारेबाजी भी की। कुछ स्थानीय भाजपाइयों ने भी लोगों का साथ दिया।
भाजपाइपों ने निगम की इस कार्रवाई का विरोध जताया। निगम कार्रवाई का विरोध करते हुए लोगों ने बिल्डिंग ब्रांच के इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल को बंधक बना लिया। आखिर में पुलिस बल ने संज्ञान लेते इंस्पेक्टर दुग्गल को लोगों के चुंगल से बाहर निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल के साथ धक्कामुक्की की और पैसे खाने के भी आरोप लगाए। निगम टीम ने शिव सेना समाजवादी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रजनीश कुमार नीटू, किशन कुमार और जगमोहन की निर्माणधीन अवैध दुकानों पर कार्रवाई की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर निगम वह इमारतें क्यों नहीं गिरा रहा, जो भाटिया के संरक्षण में अवैध रूप से बनाई गई हैं। लोगों का दावा है कि भाटिया ने खुद के संरक्षण में वार्ड की कई जगहों पर अवैध निर्माण करवाया है। इन पर निगम प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया ने अल्टीमेटम दिया था कि अगर शिव सेना समाजवादी नेता की अवैध बन रही दुकान पर कार्रवाई न हुई तो वे निगमायुक्त कार्यालय के सामने धरना देंगे। इसके चलते निगम प्रशासन ने कार्रवाई की।
इस दौरान एसटीपी हेमंत बतरा, एमटीपी राजकुमार, एटीपी बांके बिहारी, एटीपी लखबीर सिंह, एटीपी राजिंदर शर्मा, एटीपी शाम सुंदर, बिल्डिंग सुपरिंटेंडेंट कमलजीत सिंह, बिल्डिंग इंस्पेक्टर दिनेश जोशी, रूपिंदर सिंह टिवाना, सुषमा दुग्गल और वरिंदर कौर मौजूद थे।
नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एमरजेंसी वार्ड में दाखिल इंस्पेक्टर दुग्गल के मेडिकल टेस्ट हुए। उनका इलाज डॉ. राजकुमार कर रहे हैं।