{"_id":"60f5732b8ebc3e6d613e9143","slug":"patients-upset-due-to-doctors-strike-jalandhar-news-pkl4205806150","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान
विज्ञापन
जालंधर। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ डॉक्टरों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान हो रहे हैं।
सोमवार को आठवें दिन भी डॉक्टरों ने दरी पर बैठकर ही ओपीडी जारी रखी। डॉक्टरों ने खाना-पूर्ति के लिए मरीज तो चेक किए, लेकिन फिर भी मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। इस दौरान डॉक्टरों ने रोष रैली निकाली जो सिविल अस्पताल से शुरू होकर सिविल सर्जन दफ्तर में संपन्न हुई। इस दौरान डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सर्पदंश के मरीज को वार्ड में किया शिफ्ट
हड़ताल के दौरान एक सर्पदंश का मरीज भी सामने आया। डॉक्टरों ने उसका इलाज तो किया, लेकिन उसका दर्द कम नहीं हो रहा था। इसके बाद उक्त मरीज को ग्लूकोस लगाकर वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसके अलावा इमरजेंसी में भी कोई महिला रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से मरीजों को भटकना पड़ा। पूरे दिन में डॉक्टरों ने मात्र 57 मरीजों की ही जांच की।
विज्ञापन
सोमवार को आठवें दिन भी डॉक्टरों ने दरी पर बैठकर ही ओपीडी जारी रखी। डॉक्टरों ने खाना-पूर्ति के लिए मरीज तो चेक किए, लेकिन फिर भी मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। इस दौरान डॉक्टरों ने रोष रैली निकाली जो सिविल अस्पताल से शुरू होकर सिविल सर्जन दफ्तर में संपन्न हुई। इस दौरान डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सर्पदंश के मरीज को वार्ड में किया शिफ्ट
हड़ताल के दौरान एक सर्पदंश का मरीज भी सामने आया। डॉक्टरों ने उसका इलाज तो किया, लेकिन उसका दर्द कम नहीं हो रहा था। इसके बाद उक्त मरीज को ग्लूकोस लगाकर वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसके अलावा इमरजेंसी में भी कोई महिला रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से मरीजों को भटकना पड़ा। पूरे दिन में डॉक्टरों ने मात्र 57 मरीजों की ही जांच की।
विज्ञापन