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पठानकोट : रावी पुल के साथ पूरा हुआ पठानकोट-जम्मूतवी रेल सेक्शन दोहरीकरण, सफल रहा ट्रायल
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जांच करने पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : PATHANKOT
पठानकोट। पठानकोट-जम्मूतवी रेल मार्ग का दोहरीकरण का काम पूरा हो गया। 1-2 दिन बाद इस रेलखंड पर ट्रेनें बिना रुके गंतव्य तक पहुंचेंगी। इस रेलमार्ग के दोहरीकरण में रोड़ा बन रहे माधोपुर रावी दरिया के पुल को मंगलवार दिल्ली से पहुंचे चीफ रेलवे सेफ्टी एस के पाठक ने फिट सर्टिफिकेट दिया। ट्रायल सफल रहा जिसके बाद अब सेक्शन पर चलने वाली ट्रेन डबल ट्रैक पर दौड़ेंगी।
इस दौरान उनके साथ डिवीजनल रेल मैनेजर सीमा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले चीफ रेलवे सेफ्टी सुबह साढ़े नौ बजे अपनी विशेष सैलून से पठानकोट कैंट पहुंचे। कैंट स्टेशन पर बिना रुके वह सीधे कठुआ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। कठुआ रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 11 बजे वह विंडो ट्राली के जरिये माधोपुर स्थित रावी दरिया पर बनाए गए पुल का इंस्पेक्शन करने के लिए आए। इसके बाद पुल के पिल्लरों को विशेष तौर पर चेक किया। पुल शुरू होने के बाद नई ट्रेनों के शुरू होने की भी संभावनाएं बढ़ गई हैं।
दो वर्ष देरी से पूरा हुआ पुल का निर्माण कार्य
270 किलोमीटर लंबे जालंधर-जम्मूतवी रेल सेक्शन के दोहरीकरण के बीच रावी पुल की अड़चन थी। पुल न होने के कारण माधोपुर और कठुआ रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को रोककर चलाना पड़ता है। 2017 में काम शुरू किया गया, जिसे 2019 में पूरा किया जाना था। शुरुआत में ही काम छह महीने पीछे हो गया इसके बाद कोरोना के कारण लेबर वापस चली गई। फिर इसकी अवधि सितंबर 2020 कर दी गई। 900 मीटर लंबे पुल पर 90 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की गई है। पुल पर 20 पिल्लर बनाए गए हैं। रेलवे ने पुल बनने से पहले ही विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया था।
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2 ट्रेनें रही कैंसिल, 3 शॉर्ट टर्मिनेट
अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को सीआरएस की विजिट के कारण पठानकोट-उधमपुर डीएमयू, उधमपुर-प्रयागराज एक्सप्रेस कैंसिल रहीं। इसके अलावा, बेरावल-जम्मूतवी पठानकोट सिटी तक ही आई। वाराणसी से जम्मूतवी बेगमपुरा एक्सप्रेस पठानकोट कैंट तक चली और यहीं से वापस वाराणसी को रवाना हुई। जम्मूतवी-संबलपुर एक्सप्रेस पठानकोट से ही गंतव्य की ओर रवाना हुई। इसके अलावा, इंदौर-उधमपुर एक्सप्रेस 100 मिनट देरी से पहुंची।
हाई स्पीड ट्रेन चलाने के बाद अन्य ट्रेनें चलाई जाएंगी : सीआरएस
बड़ौदा हाउस नई दिल्ली से आए चीफ रेलवे सेफ्टी एस के पाठक ने कहा कि रावी पर नए पुल का काम काफी मुश्किल था, लेकिन हमारे इंजीनियरों ने इसे बखूबी पूरा किया। कहा कि इंस्पेक्शन के दौरान कठुआ से माधोपुर रेलवे स्टेशन तक ट्राली पर बैठ पुल की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद पुल के काम का जायजा भी लिया। चीफ रेलवे सेफ्टी ने बताया कि रात को हाई स्पीड से नए बने पुल पर ट्रेन चलाकर देखा जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे पठानकोट से जम्मूतवी को जाने वाली सभी ट्रेनों को नए पुल से चलाया जाएगा।
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इस दौरान उनके साथ डिवीजनल रेल मैनेजर सीमा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले चीफ रेलवे सेफ्टी सुबह साढ़े नौ बजे अपनी विशेष सैलून से पठानकोट कैंट पहुंचे। कैंट स्टेशन पर बिना रुके वह सीधे कठुआ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। कठुआ रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 11 बजे वह विंडो ट्राली के जरिये माधोपुर स्थित रावी दरिया पर बनाए गए पुल का इंस्पेक्शन करने के लिए आए। इसके बाद पुल के पिल्लरों को विशेष तौर पर चेक किया। पुल शुरू होने के बाद नई ट्रेनों के शुरू होने की भी संभावनाएं बढ़ गई हैं।
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दो वर्ष देरी से पूरा हुआ पुल का निर्माण कार्य
270 किलोमीटर लंबे जालंधर-जम्मूतवी रेल सेक्शन के दोहरीकरण के बीच रावी पुल की अड़चन थी। पुल न होने के कारण माधोपुर और कठुआ रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को रोककर चलाना पड़ता है। 2017 में काम शुरू किया गया, जिसे 2019 में पूरा किया जाना था। शुरुआत में ही काम छह महीने पीछे हो गया इसके बाद कोरोना के कारण लेबर वापस चली गई। फिर इसकी अवधि सितंबर 2020 कर दी गई। 900 मीटर लंबे पुल पर 90 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की गई है। पुल पर 20 पिल्लर बनाए गए हैं। रेलवे ने पुल बनने से पहले ही विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया था।
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2 ट्रेनें रही कैंसिल, 3 शॉर्ट टर्मिनेट
अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को सीआरएस की विजिट के कारण पठानकोट-उधमपुर डीएमयू, उधमपुर-प्रयागराज एक्सप्रेस कैंसिल रहीं। इसके अलावा, बेरावल-जम्मूतवी पठानकोट सिटी तक ही आई। वाराणसी से जम्मूतवी बेगमपुरा एक्सप्रेस पठानकोट कैंट तक चली और यहीं से वापस वाराणसी को रवाना हुई। जम्मूतवी-संबलपुर एक्सप्रेस पठानकोट से ही गंतव्य की ओर रवाना हुई। इसके अलावा, इंदौर-उधमपुर एक्सप्रेस 100 मिनट देरी से पहुंची।
हाई स्पीड ट्रेन चलाने के बाद अन्य ट्रेनें चलाई जाएंगी : सीआरएस
बड़ौदा हाउस नई दिल्ली से आए चीफ रेलवे सेफ्टी एस के पाठक ने कहा कि रावी पर नए पुल का काम काफी मुश्किल था, लेकिन हमारे इंजीनियरों ने इसे बखूबी पूरा किया। कहा कि इंस्पेक्शन के दौरान कठुआ से माधोपुर रेलवे स्टेशन तक ट्राली पर बैठ पुल की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद पुल के काम का जायजा भी लिया। चीफ रेलवे सेफ्टी ने बताया कि रात को हाई स्पीड से नए बने पुल पर ट्रेन चलाकर देखा जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे पठानकोट से जम्मूतवी को जाने वाली सभी ट्रेनों को नए पुल से चलाया जाएगा।