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मोदी सरकार अब तक की सबसे जालिम सरकार : दीप सिद्धू
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भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की मोदी सरकार अब तक की सबसे जालिम सरकार है, जो मानवाधिकारों की जमकर धज्जियां उड़ा रहीं हैं। यह कहना है किसानी संघर्ष से जुड़े फिल्मी अदाकार व चर्चित चेहरे दीप सिद्धू का। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह तानाशाही प्रवृति अपनाते हुए जनता के हर वर्ग को दबाने में लगे हैं।
इससे पहले गांव चक्कगुरुके गुरुद्वारा साहिब में घल्लूघारा सप्ताह पर आयोजित समागम में एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए दीप सिद्धू ने कहा कि जरनैल सिंह भिंडरावाला की सोच दूर अंदेशी थी। इसलिए किसी भी संघर्ष को जीतने के लिए लीडरशिप दूरदर्शी होनी चाहिए। बिना दूरदर्शी सोच के संघर्ष को जीतना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने 26 जनवरी को लाल किले पर हुई घटना के लिए सीधे तौर पर केंद्र की भाजपा सरकार को जिम्मेवार ठहराया और कहा कि सरकार ने ऐसा माहौल बनाया कि पंथ प्रकट हो गया, लेकिन किसान लीडरशिप उस पंथ को सही दिशा नहीं दे सकी।
दीप सिद्धू ने कहा कि 26 जनवरी को युवाओं को किसानों ने दिल्ली बार्डरों पर पहुंचाया। इन युवाओं ने किसान संघर्ष की रूपरेखा ही बदल दी और संघर्ष को चरम पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष हम सभी के लिए जरूरी है, क्योंकि इसी से हमारा अस्तित्व जुड़ा है। जमीन बचेगी तो ही हमारा सभ्याचार बचेगा। यह किसानी संघर्ष गुरु अर्जन देव जी से प्रेरित है, जो शांतिपूर्वक चल रहा है। ऐसे में अगर युवा शक्ति व बुजुर्ग मिलकर चलेंगे तो सरकार हमारे आगे नहीं टिक सकती।
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फोटो कैप्शन : गांव चक्क गुरु के गुरुद्वारा साहिब में लोगों को संबोधित करते दीप सिद्धू ।
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इससे पहले गांव चक्कगुरुके गुरुद्वारा साहिब में घल्लूघारा सप्ताह पर आयोजित समागम में एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए दीप सिद्धू ने कहा कि जरनैल सिंह भिंडरावाला की सोच दूर अंदेशी थी। इसलिए किसी भी संघर्ष को जीतने के लिए लीडरशिप दूरदर्शी होनी चाहिए। बिना दूरदर्शी सोच के संघर्ष को जीतना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने 26 जनवरी को लाल किले पर हुई घटना के लिए सीधे तौर पर केंद्र की भाजपा सरकार को जिम्मेवार ठहराया और कहा कि सरकार ने ऐसा माहौल बनाया कि पंथ प्रकट हो गया, लेकिन किसान लीडरशिप उस पंथ को सही दिशा नहीं दे सकी।
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दीप सिद्धू ने कहा कि 26 जनवरी को युवाओं को किसानों ने दिल्ली बार्डरों पर पहुंचाया। इन युवाओं ने किसान संघर्ष की रूपरेखा ही बदल दी और संघर्ष को चरम पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष हम सभी के लिए जरूरी है, क्योंकि इसी से हमारा अस्तित्व जुड़ा है। जमीन बचेगी तो ही हमारा सभ्याचार बचेगा। यह किसानी संघर्ष गुरु अर्जन देव जी से प्रेरित है, जो शांतिपूर्वक चल रहा है। ऐसे में अगर युवा शक्ति व बुजुर्ग मिलकर चलेंगे तो सरकार हमारे आगे नहीं टिक सकती।
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फोटो कैप्शन : गांव चक्क गुरु के गुरुद्वारा साहिब में लोगों को संबोधित करते दीप सिद्धू ।