{"_id":"82e5f1ab528863a8d1f4948012a0884b","slug":"many-traders-to-lay-support-organizations","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापारियों के धरने को कई संगठनों का समर्थन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यापारियों के धरने को कई संगठनों का समर्थन
अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 19 Oct 2013 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालंधर में आबकारी व कराधान विभाग के कार्यालय के बाहर 23 अक्तूबर को व्यापारियों के संघर्ष को हर तरफ से समर्थन मिलता नजर आ रहा है।
शनिवार को नकोदर रोड स्थित मार्बल व सेनेटरी कारोबारियों ने भी समर्थन देकर संघर्ष में शामिल होने की घोषणा की। रबड़ और लघु उद्योग भारती समेत कई संगठनों ने इस संघर्ष में उतरने की घोषणा की है।
यह धरना इंडस्ट्री एंड ट्रेडर्स एक्शन कमेटी की तरफ से लगाया जा रहा है। इसमें वैट रिफंड, ई-ट्रिप के अलावा एडवांस टैक्स के मुद्दे मुख्य हैं।
शनिवार को इस धरने को कामयाब करने के लिए नकोदर रोड स्थित मार्बल और सेनेटरी विक्रेताओं ने मीटिंग की और रणनीति तैयार की। इस मीटिंग में व्यापार सेना के प्रमुख रविंदर धीर खास तौर पर पहुंचे।
इस दौरान मार्बल विक्रेताओं ने बताया कि इस समय व्यापारी, कारोबारी सरकार और अफसरशाही से परेशान हैं। काम करना मुश्किल हो चुका है। इस दौरान गौतम राय, कृष्ण अरोड़ा, संदीप गुप्ता और महिंदर सूरी आदि कारोबारी मौजूद थे।
विज्ञापन
वहीं रबड़ इंडस्ट्री ने भी धरने में शामिल होने की घोषणा की है। रबड़ इंडस्ट्री के प्रधान बीबी ज्योति ने कहा कि वैट रिफंड न होने से इंडस्ट्री का हाल बुरा है और कमर टूट चुकी है।
लघु उद्योग भारती ने भी धरने में शामिल होने की घोषणा की है। भारती के पंकज धीर ने कहा कि सरकार हर तरफ से व्यापारियों को परेशान कर रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने भी धरने में शामिल होने की घोषणा की।
विज्ञापन
शनिवार को नकोदर रोड स्थित मार्बल व सेनेटरी कारोबारियों ने भी समर्थन देकर संघर्ष में शामिल होने की घोषणा की। रबड़ और लघु उद्योग भारती समेत कई संगठनों ने इस संघर्ष में उतरने की घोषणा की है।
यह धरना इंडस्ट्री एंड ट्रेडर्स एक्शन कमेटी की तरफ से लगाया जा रहा है। इसमें वैट रिफंड, ई-ट्रिप के अलावा एडवांस टैक्स के मुद्दे मुख्य हैं।
शनिवार को इस धरने को कामयाब करने के लिए नकोदर रोड स्थित मार्बल और सेनेटरी विक्रेताओं ने मीटिंग की और रणनीति तैयार की। इस मीटिंग में व्यापार सेना के प्रमुख रविंदर धीर खास तौर पर पहुंचे।
विज्ञापन
इस दौरान मार्बल विक्रेताओं ने बताया कि इस समय व्यापारी, कारोबारी सरकार और अफसरशाही से परेशान हैं। काम करना मुश्किल हो चुका है। इस दौरान गौतम राय, कृष्ण अरोड़ा, संदीप गुप्ता और महिंदर सूरी आदि कारोबारी मौजूद थे।
विज्ञापन
वहीं रबड़ इंडस्ट्री ने भी धरने में शामिल होने की घोषणा की है। रबड़ इंडस्ट्री के प्रधान बीबी ज्योति ने कहा कि वैट रिफंड न होने से इंडस्ट्री का हाल बुरा है और कमर टूट चुकी है।
लघु उद्योग भारती ने भी धरने में शामिल होने की घोषणा की है। भारती के पंकज धीर ने कहा कि सरकार हर तरफ से व्यापारियों को परेशान कर रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने भी धरने में शामिल होने की घोषणा की।