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काली बेईं में गंदा पानी रोकने की कवायद
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला
Updated Thu, 07 Jan 2016 03:22 PM IST
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पवित्र काली बेईं में विभिन्न गांवों में गंदे पानी को गिरने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
डीसी दलजीत सिंह मांगट के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक हुई। इसमें डीसी ने अधिकारियों को हिदायत दी गई कि बेईं में गंदा पानी किसी भी सूरत में नहीं गिरना चाहिए।
बैठक में शामिल पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि पिछले 15 सालों से संगत की मेहनत से बाबा नानक की पवित्र काली बेईं निर्मल धारा में बहनी लग पड़ी है, लेकिन अभी तक कपूरथला व होशियारपुर जिले के कई गांवों का गंदा पानी बेरोकटोक गिर रहा है। इससे संगत की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
डीसी दलजीत सिंह मांगट ने बताया कि 15 गांवों का गंदा पानी ट्रीट करके पानी खेतों में लगाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। इन छप्पड़ों पर जल्द मोटरें लगेंगी।
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इसके लिए पावरकॉम के चीफ इंजीनियर की ओर से 19 गांवों को डिमांड नोटिस जारी हो चुके हैं और सरकार की ओर से फंड मुहैया होते ही बिजली के कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे।
पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन-कम-हॉली बेईं प्रोजेक्ट को-आर्डिनेटर मनप्रीत सिंह छतपाल ने बताया कि वह बैठक में लिए निर्णयों के मिनट्स मुख्यमंत्री पंजाब के प्रिंसिपल सचिव एसके संधू व अन्य अधिकारियों को भेजेंगे।
उस रिपोर्ट के अनुरूप फंड का प्रबंध हो सके। गौर हो कि सीचेवाल गांव के छप्पड़ को गंगा की सफाई के लिए मॉडल के रूप में चुना गया है। कपूरथला के करीब 25 ऐसे गांव हैं, जिनका गंदा पानी सीधे बेईं में गिर रहा है।
सीचेवाल ने मांग की है कि पहल के आधार पर उन गांवों में मोटरें लगाई जाए। इस मौके पर संत सुखजीत सिंह सीचेवाल, परमजीत सिंह, दलजीत सिंह, गुरप्रताप सिंह, गुरविंदर सिंह बोपाराय मौजूद थे।
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डीसी दलजीत सिंह मांगट के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक हुई। इसमें डीसी ने अधिकारियों को हिदायत दी गई कि बेईं में गंदा पानी किसी भी सूरत में नहीं गिरना चाहिए।
बैठक में शामिल पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि पिछले 15 सालों से संगत की मेहनत से बाबा नानक की पवित्र काली बेईं निर्मल धारा में बहनी लग पड़ी है, लेकिन अभी तक कपूरथला व होशियारपुर जिले के कई गांवों का गंदा पानी बेरोकटोक गिर रहा है। इससे संगत की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
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डीसी दलजीत सिंह मांगट ने बताया कि 15 गांवों का गंदा पानी ट्रीट करके पानी खेतों में लगाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। इन छप्पड़ों पर जल्द मोटरें लगेंगी।
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इसके लिए पावरकॉम के चीफ इंजीनियर की ओर से 19 गांवों को डिमांड नोटिस जारी हो चुके हैं और सरकार की ओर से फंड मुहैया होते ही बिजली के कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे।
पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन-कम-हॉली बेईं प्रोजेक्ट को-आर्डिनेटर मनप्रीत सिंह छतपाल ने बताया कि वह बैठक में लिए निर्णयों के मिनट्स मुख्यमंत्री पंजाब के प्रिंसिपल सचिव एसके संधू व अन्य अधिकारियों को भेजेंगे।
उस रिपोर्ट के अनुरूप फंड का प्रबंध हो सके। गौर हो कि सीचेवाल गांव के छप्पड़ को गंगा की सफाई के लिए मॉडल के रूप में चुना गया है। कपूरथला के करीब 25 ऐसे गांव हैं, जिनका गंदा पानी सीधे बेईं में गिर रहा है।
सीचेवाल ने मांग की है कि पहल के आधार पर उन गांवों में मोटरें लगाई जाए। इस मौके पर संत सुखजीत सिंह सीचेवाल, परमजीत सिंह, दलजीत सिंह, गुरप्रताप सिंह, गुरविंदर सिंह बोपाराय मौजूद थे।