{"_id":"95056571febe5834083d4e046e9512b9","slug":"jewelers-strike-gold-market-closed-in-jalandhar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जालंधर में ज्वेलरों की हड़ताल से बंद रहे स्वर्ण बाजार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालंधर में ज्वेलरों की हड़ताल से बंद रहे स्वर्ण बाजार
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Wed, 10 Feb 2016 04:49 PM IST
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सरकार की ओर से किसी भी व्यक्ति को दो लाख या फिर उससे अधिक का सोना खरीदने पर पैन कार्ड नंबर लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस फैसले का ज्वेलर्स एसोसिएशन ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ज्वेलर्स का कहना है कि सरकार के इस फैसले के बाद उनके काम में मंदी आनी शुरू हो जाएगी।
इसके खिलाफ जैम एंड ज्वेलरी फेडरेशन के आह्वान पर देश भर में ज्वेलर्स ने बुधवार को हड़ताल रखी। इस वजह से स्वर्ण बाजार में कामकाज ठप्प रहा है।
इससे सरकार को लाखों का मिलने वाला रेवन्यु नहीं मिल पाया है। स्वर्णकार संघ के प्रधान हरजीत सिंह और जालंधर सराफा एसोसिएशन के प्रधान नरेश मल्होत्रा व उप प्रधान राजेश कपूर ने कहा कि पहले लोग अगर 5 लाख तक का सोना खरीदते थे तो ही उन्हें पैन कार्ड का नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन सरकार ने इस रकम को कम करके 2 लाख कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अब 2 लाख तक का सोना खरीदने से भी परहेज करेगा। इससे उनका धंधा मंदा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्यादातर सोना गांव के लोग खरीदते हैं और वहां के लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है।
इसके अलावा एनआरआई भी सोना खरीदते हैं और उनके पास भी पैन कार्ड नहीं होता है। यह व्यवस्था लागू होने से यह दोनों ही सोना खरीदने से परहेज करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस फैसले को नहीं बदला तो यह हड़ताल लंबी चल सकती है।
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इस फैसले का ज्वेलर्स एसोसिएशन ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ज्वेलर्स का कहना है कि सरकार के इस फैसले के बाद उनके काम में मंदी आनी शुरू हो जाएगी।
इसके खिलाफ जैम एंड ज्वेलरी फेडरेशन के आह्वान पर देश भर में ज्वेलर्स ने बुधवार को हड़ताल रखी। इस वजह से स्वर्ण बाजार में कामकाज ठप्प रहा है।
इससे सरकार को लाखों का मिलने वाला रेवन्यु नहीं मिल पाया है। स्वर्णकार संघ के प्रधान हरजीत सिंह और जालंधर सराफा एसोसिएशन के प्रधान नरेश मल्होत्रा व उप प्रधान राजेश कपूर ने कहा कि पहले लोग अगर 5 लाख तक का सोना खरीदते थे तो ही उन्हें पैन कार्ड का नंबर देना जरूरी होता था, लेकिन सरकार ने इस रकम को कम करके 2 लाख कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अब 2 लाख तक का सोना खरीदने से भी परहेज करेगा। इससे उनका धंधा मंदा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्यादातर सोना गांव के लोग खरीदते हैं और वहां के लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है।
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इसके अलावा एनआरआई भी सोना खरीदते हैं और उनके पास भी पैन कार्ड नहीं होता है। यह व्यवस्था लागू होने से यह दोनों ही सोना खरीदने से परहेज करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस फैसले को नहीं बदला तो यह हड़ताल लंबी चल सकती है।
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