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जालंधर में बड़ी कार्रवाई: बस्ती बावा खेल थाना प्रभारी जय इंद्र लाइन हाजिर, गुरदीप सिंह को मिला चार्ज
Mon, 31 Aug 2026 01:16 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:16 PM IST
सार
थाना क्षेत्र में बढ़ती गैंगवार, गैंगस्टरों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई न होने और नशा तस्करों व गैंगस्टरों से कथित संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह कार्रवाई की गई है। करीब 9 महीने पहले पारस एस्टेट में घर के अंदर बच्ची की हत्या के मामले में भी थाना बस्ती बावा खेल पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आई थी।
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इंस्पेक्टर जय इंद्र
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जालंधर के थाना बस्ती बावा खेल के एसएचओ इंस्पेक्टर जय इंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह सब-इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह को थाने का कार्यभार सौंपा गया है। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, थाना क्षेत्र में बढ़ती गैंगवार, गैंगस्टरों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई न होने और नशा तस्करों व गैंगस्टरों से कथित संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह कार्रवाई की गई है। करीब 9 महीने पहले पारस एस्टेट में घर के अंदर बच्ची की हत्या के मामले में भी थाना बस्ती बावा खेल पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आई थी। परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची के लापता होने की शिकायत थाने में दी गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी कथित तौर पर घर की तलाशी के बाद बच्ची के वहां न होने की बात कहकर लौट गए थे। बाद में परिवार और लोगों ने खुद घर के अंदर जाकर बाथरूम से बच्ची का शव बरामद किया था। मामले को लेकर लोगों में रोष फैल गया था। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने एएसआई मंगतराम समेत एक अन्य पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया था। इस मामले में थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे थे।
वहीं, करीब 29 दिन पहले जालंधर के देवी तालाब मंदिर में हुए ईंट-पत्थरबाजी के मामले को लेकर भी बस्ती बावा खेल क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे फतेह गैंग पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। आरोप है कि आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज और मेयर विनीत धीर की मौजूदगी में आयोजित शुक्राना यात्रा के दौरान दो गुट आमने-सामने आ गए थे और विवाद के बाद पत्थरबाजी हुई। इस दौरान मेयर बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को राउंडअप किया था, जबकि फतेह गैंग से जुड़े बताए जा रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जाते रहे कि पुलिस की रेड से पहले ही संदिग्धों को इसकी भनक लग जाती थी। अब थाना प्रभारी के तबादले/लाइन हाजिर किए जाने की खबर के बाद थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और गैंगस्टरों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
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सूत्रों के मुताबिक, थाना क्षेत्र में बढ़ती गैंगवार, गैंगस्टरों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई न होने और नशा तस्करों व गैंगस्टरों से कथित संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह कार्रवाई की गई है। करीब 9 महीने पहले पारस एस्टेट में घर के अंदर बच्ची की हत्या के मामले में भी थाना बस्ती बावा खेल पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आई थी। परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची के लापता होने की शिकायत थाने में दी गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी कथित तौर पर घर की तलाशी के बाद बच्ची के वहां न होने की बात कहकर लौट गए थे। बाद में परिवार और लोगों ने खुद घर के अंदर जाकर बाथरूम से बच्ची का शव बरामद किया था। मामले को लेकर लोगों में रोष फैल गया था। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने एएसआई मंगतराम समेत एक अन्य पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया था। इस मामले में थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे थे।
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वहीं, करीब 29 दिन पहले जालंधर के देवी तालाब मंदिर में हुए ईंट-पत्थरबाजी के मामले को लेकर भी बस्ती बावा खेल क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे फतेह गैंग पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। आरोप है कि आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज और मेयर विनीत धीर की मौजूदगी में आयोजित शुक्राना यात्रा के दौरान दो गुट आमने-सामने आ गए थे और विवाद के बाद पत्थरबाजी हुई। इस दौरान मेयर बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को राउंडअप किया था, जबकि फतेह गैंग से जुड़े बताए जा रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जाते रहे कि पुलिस की रेड से पहले ही संदिग्धों को इसकी भनक लग जाती थी। अब थाना प्रभारी के तबादले/लाइन हाजिर किए जाने की खबर के बाद थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और गैंगस्टरों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
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