{"_id":"66954d5df1efa2a51602e354","slug":"indefinite-strike-of-corporation-workers-kapurthala-news-c-80-1-spkl1018-101402-2024-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalandhar News: मांगों के समर्थन में निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalandhar News: मांगों के समर्थन में निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल
विज्ञापन
निगम कमिश्नर के कार्यालय का घेरा, प्रशासन व पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
कपूरथला। निगम कर्मचारी यूनियन अपनीं मांगो के समर्थन में सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। निगम कमिश्नर के दफ्तर के बाहर धरना लगाकर प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। यूनियन के प्रधान गोपाल थापर कहा कि वर्ष 2021 से सीवरेजमैन तथा सफाई कर्मचारी रखने के लिए मांग उठाई जा रही है, लेकिन निगम में समय-समय पर आए अधिकारियों द्वारा हाउस में भर्ती प्रस्ताव रखने की बात कहते हुए टाल दिया जाता है। वहीं, निगम कमिश्नर के अनुसार उक्त कर्मियों की भर्ती पंजाब सरकार की ओर से सिलेक्शन बोर्ड की ओर से की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कूड़े के दाम की समस्या के लिए डीसी कपूरथला से मीटिंग भी हुई है। इस समस्या को जल्दी ही हल कर दिया जाएगा।
अक्टूबर 2022 में सफाई सेवकों तथा सीवरेजमैन के पदों के लिए इंटरव्यू रखा गया था, जिसमें 1119 आवेदनकर्ताओं ने इंटरव्यू दी थी। कागजातों की पड़ताल करने के लिए निगम के ही कर्मचारियों की तैनाती हुई। लगभग 4 दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा किया गया था, लेकिन इंटरव्यू के बाद भी यह भर्ती नहीं हो पाई। अब पंजाब सरकार द्वारा जारी किए गए नए नोटिफिकेशन ने इस भर्ती को खटाई में डाल दिया है। जिसके चलते अब सैकड़ों सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है। कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। दूसरी तरफ शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए है। जिससे शहरवासियों को गंदगी भरे माहौल का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश उपप्रधान गोपाल थापर ने कहा कि उनकी मुख्य मांगो में आउटसोर्स पर काम कर रहे सफाई सेवक व सीवरमैनों को पक्का किया जाए। निगम में काम करते क्लर्क, कंप्यूटर आप्रेटर, फायर बिग्रेड, ड्राइवर, सेवादार, माली आदि को डीसी रेट पर तब्दील करने सबंधी हाउस में प्रस्ताव डाला जाए। उन्होंने यह भी रोष जताया कि जहां सफाई कर्मियों की कमी है, वहीं निगम कई वर्षो से कूड़ा डंप करने के लिए उचित स्थान उपलब्ध करवाने में विफल रहा है। वहीं निगम कर्मियों की हड़ताल और मानसून सीजन के सिर पर होने के चलते कूड़े के ढेरों से शहर में बीमारियां फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। यूनियन अपनी मांगों को लेकर पिछले 3 वर्षों से कई बार हड़ताल की जा चुकी है। इस दौरान कूड़े के ढेर लगने से शहर निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। अब फिर से शहर में गंदगी का आलम बन गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कपूरथला। निगम कर्मचारी यूनियन अपनीं मांगो के समर्थन में सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। निगम कमिश्नर के दफ्तर के बाहर धरना लगाकर प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। यूनियन के प्रधान गोपाल थापर कहा कि वर्ष 2021 से सीवरेजमैन तथा सफाई कर्मचारी रखने के लिए मांग उठाई जा रही है, लेकिन निगम में समय-समय पर आए अधिकारियों द्वारा हाउस में भर्ती प्रस्ताव रखने की बात कहते हुए टाल दिया जाता है। वहीं, निगम कमिश्नर के अनुसार उक्त कर्मियों की भर्ती पंजाब सरकार की ओर से सिलेक्शन बोर्ड की ओर से की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कूड़े के दाम की समस्या के लिए डीसी कपूरथला से मीटिंग भी हुई है। इस समस्या को जल्दी ही हल कर दिया जाएगा।
अक्टूबर 2022 में सफाई सेवकों तथा सीवरेजमैन के पदों के लिए इंटरव्यू रखा गया था, जिसमें 1119 आवेदनकर्ताओं ने इंटरव्यू दी थी। कागजातों की पड़ताल करने के लिए निगम के ही कर्मचारियों की तैनाती हुई। लगभग 4 दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा किया गया था, लेकिन इंटरव्यू के बाद भी यह भर्ती नहीं हो पाई। अब पंजाब सरकार द्वारा जारी किए गए नए नोटिफिकेशन ने इस भर्ती को खटाई में डाल दिया है। जिसके चलते अब सैकड़ों सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है। कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। दूसरी तरफ शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए है। जिससे शहरवासियों को गंदगी भरे माहौल का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
प्रदेश उपप्रधान गोपाल थापर ने कहा कि उनकी मुख्य मांगो में आउटसोर्स पर काम कर रहे सफाई सेवक व सीवरमैनों को पक्का किया जाए। निगम में काम करते क्लर्क, कंप्यूटर आप्रेटर, फायर बिग्रेड, ड्राइवर, सेवादार, माली आदि को डीसी रेट पर तब्दील करने सबंधी हाउस में प्रस्ताव डाला जाए। उन्होंने यह भी रोष जताया कि जहां सफाई कर्मियों की कमी है, वहीं निगम कई वर्षो से कूड़ा डंप करने के लिए उचित स्थान उपलब्ध करवाने में विफल रहा है। वहीं निगम कर्मियों की हड़ताल और मानसून सीजन के सिर पर होने के चलते कूड़े के ढेरों से शहर में बीमारियां फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। यूनियन अपनी मांगों को लेकर पिछले 3 वर्षों से कई बार हड़ताल की जा चुकी है। इस दौरान कूड़े के ढेर लगने से शहर निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। अब फिर से शहर में गंदगी का आलम बन गया है।
विज्ञापन