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छात्रा के कत्ल मामले में 10 साल बाद भगोड़ा गिरफ्तार
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जिला पुलिस ने छात्रा के कत्ल मामले के भगोड़े व्यक्ति को शाहपुरकंडी से काबू किया है। यह व्यक्ति 10 साल से भगोड़ा था और पुलिस को लगातार गच्चा दे रहा था। उम्रकैद की सजा पा चुके इस आरोपी ने इन 10 वर्षों में कई ठिकाने बदले। बता दें भगोड़े ने 2008 में पठानकोट के एसडी कॉलेज में दिन-दहाड़े छात्रा को चाकुओं से गोद दिया था। जिसके बाद पुलिस ने इसे काबू किया था।
वीरवार को एसएसपी पठानकोट सुरिंदर लांबा ने पत्रकार वार्ता कर इस बाबत जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि मूलरूप से पठानकोट के झझेली के रहने वाले जसवीर सिंह ने मई 2008 में एसडी कॉलेज में छात्रा का कत्ल किया था। आरोपी को गिरफ्तार किया गया और मामला कोर्ट में पहुंचा। दिसंबर 2008 में अदालत ने आरोपी जसवीर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। जुलाई 2011 में आरोपी 4 सप्ताह की पैरोल पर गया। जिसे अगस्त 2011 में जेल में हाजिर होना था। लेकिन आरोपी पेश नहीं हुआ। जिसके चलते 2016 में आरोपी पर पैरोल जंप की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी 10 साल से पुलिस से बचता फिर रहा था। एसएसपी ने डीएसपी सिटी राजेंदर मन्हास और थाना 2 प्रभारी दविंदर प्रकाश की सराहना की।
पठानकोट से परिवार जालंधर शिफ्ट हुआ, आरोपी अहमदाबाद भागा
एसएसपी सुरेंदर लांबा ने बताया कि जब जसवीर जेल से भगोड़ा हुआ तो पूरा परिवार झझेली से घर और जमीन बेचकर जालंधर चला गया। जसवीर अहमदाबाद की किसीफैक्टरी में काम करने लगा। इस दौरान इसने कई ठिकाने बदले। 8-9 साल पहले शाहपुरकंडी निवासी लड़की से शादी कर घर बसाया। आरोपी के एक बेटा भी है। अब वह एक माह की छुट्टी पर शाहपुरकंडी अपनी पत्नी के पास आया था। पुलिस को इनपुट मिला तो इसे काबू कर लिया। एसएसपी ने कहा कि जसवीर की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। कत्ल का आरोपी होने के चलते वह आम जनता के लिए खतरा बन सकता था।
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वीरवार को एसएसपी पठानकोट सुरिंदर लांबा ने पत्रकार वार्ता कर इस बाबत जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि मूलरूप से पठानकोट के झझेली के रहने वाले जसवीर सिंह ने मई 2008 में एसडी कॉलेज में छात्रा का कत्ल किया था। आरोपी को गिरफ्तार किया गया और मामला कोर्ट में पहुंचा। दिसंबर 2008 में अदालत ने आरोपी जसवीर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। जुलाई 2011 में आरोपी 4 सप्ताह की पैरोल पर गया। जिसे अगस्त 2011 में जेल में हाजिर होना था। लेकिन आरोपी पेश नहीं हुआ। जिसके चलते 2016 में आरोपी पर पैरोल जंप की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी 10 साल से पुलिस से बचता फिर रहा था। एसएसपी ने डीएसपी सिटी राजेंदर मन्हास और थाना 2 प्रभारी दविंदर प्रकाश की सराहना की।
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पठानकोट से परिवार जालंधर शिफ्ट हुआ, आरोपी अहमदाबाद भागा
एसएसपी सुरेंदर लांबा ने बताया कि जब जसवीर जेल से भगोड़ा हुआ तो पूरा परिवार झझेली से घर और जमीन बेचकर जालंधर चला गया। जसवीर अहमदाबाद की किसीफैक्टरी में काम करने लगा। इस दौरान इसने कई ठिकाने बदले। 8-9 साल पहले शाहपुरकंडी निवासी लड़की से शादी कर घर बसाया। आरोपी के एक बेटा भी है। अब वह एक माह की छुट्टी पर शाहपुरकंडी अपनी पत्नी के पास आया था। पुलिस को इनपुट मिला तो इसे काबू कर लिया। एसएसपी ने कहा कि जसवीर की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। कत्ल का आरोपी होने के चलते वह आम जनता के लिए खतरा बन सकता था।
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