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फरीदकोट में पूर्व डीजीपी सैनी व आईडी उमरानंगल जेएमआईसी की अदालत में पेश
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फरीदकोट। बहिबल गोलीकांड केस में चार्जशीट पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी व निलंबित चल रहे आईजी परमराज सिंह उमरानंगल सोमवार को जेएमआईसी सुरेश कुमार की अदालत में पेश हुए। अदालत ने दोनों को एसआईटी की ओर से दाखिल चार्जशीट की कापियां सौंपी। बाद में इन्हें 1-1 लाख रुपये के निजी मुचलके की जमानत पर रिहा कर दिया गया। अदालत ने अब इस केस की अगली सुनवाई 9 मार्च को रखी है।
जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड में पुलिस की गोली से दो लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस केस में तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व थाना बाजाखाना के एसएचओ अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया था। बाद में इस केस में एसएचओ थाना सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह पंधेर के अलावा पुलिस अधिकारियों की मदद मामले में मोगा के कारोबारी पंकज बांसल व फरीदकोट के सुहेल सिंह बराड़ को भी नामजद किया गया।
केस की जांच कर रही एसआईटी ने वादा माफ गवाह बने आरोपी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के बयान व अपनी पड़ताल के आधार पर तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी व आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को पिछले साल अक्तूबर बतौर आरोपी नामजद कर लिया था। इस साल जनवरी में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। चार्जशीट दाखिल होने पर दोनों अधिकारियों ने जिला अदालत से अग्रिम जमानत मांगी थी। जिला अदालत से याचिका खारिज होने के बाद दोनों ने उच्च न्यायालय में दस्तक दी थी। हाल ही में उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी। उन्हें 8 मार्च तक फरीदकोट अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। उच्च न्यायालय की हिदायत पर पूर्व डीजीपी सैनी व आईजी उमरानंगल ने जेएमआईसी की अदालत में पेश होकर जमानतें भरीं। आईजी उमरानंगल के वकील गुरसाहिब सिंह बराड़ ने बताया कि अदालत ने दोनों अधिकारियों को चार्जशीट की कापियां सौंप दी हैं। सरकारी वकील पंकज तनेजा ने बताया कि इस केस की सुनवाई 9 मार्च को होगी।
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जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड में पुलिस की गोली से दो लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस केस में तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह व थाना बाजाखाना के एसएचओ अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया था। बाद में इस केस में एसएचओ थाना सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह पंधेर के अलावा पुलिस अधिकारियों की मदद मामले में मोगा के कारोबारी पंकज बांसल व फरीदकोट के सुहेल सिंह बराड़ को भी नामजद किया गया।
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केस की जांच कर रही एसआईटी ने वादा माफ गवाह बने आरोपी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के बयान व अपनी पड़ताल के आधार पर तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी व आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को पिछले साल अक्तूबर बतौर आरोपी नामजद कर लिया था। इस साल जनवरी में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। चार्जशीट दाखिल होने पर दोनों अधिकारियों ने जिला अदालत से अग्रिम जमानत मांगी थी। जिला अदालत से याचिका खारिज होने के बाद दोनों ने उच्च न्यायालय में दस्तक दी थी। हाल ही में उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी। उन्हें 8 मार्च तक फरीदकोट अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। उच्च न्यायालय की हिदायत पर पूर्व डीजीपी सैनी व आईजी उमरानंगल ने जेएमआईसी की अदालत में पेश होकर जमानतें भरीं। आईजी उमरानंगल के वकील गुरसाहिब सिंह बराड़ ने बताया कि अदालत ने दोनों अधिकारियों को चार्जशीट की कापियां सौंप दी हैं। सरकारी वकील पंकज तनेजा ने बताया कि इस केस की सुनवाई 9 मार्च को होगी।
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