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पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग, आठ गैंगस्टर असलाह समेत दबोचे
अमर उजाला, जालंधर
Updated Mon, 11 Nov 2013 11:13 PM IST
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प्रदेश में लूट खसोट मचाने वाले गैंगस्टर गिरोह के आठ सदस्यों को दो बार मुठभेड़ के बाद लुधियाना कमिश्नरेट और जालंधर देहात की पुलिस ने संयुक्त आपरेशन के बाद गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर की उम्र करीब 20 से 22 साल है। उनके पास से नौ पिस्तौल के अलावा 50 कारतूस बरामद किए गए हैं। गिरोह के सदस्यों ने पिछले कुछ दिन में लुधियाना में ताबड़तोड़ वारदात कर दहशत मचा रखी थी। इस गिरोह से जुड़े 17 सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है, जो तरनतारन, सुल्तानपुर व लुधियाना के रहने वाले हैं।
यहां सोमवार को लुधियाना पुलिस के कमिश्नर परमजीत सिंह गिल, एसएसपी देहाती यूरिंदर सिंह हेयर, एसपी डिटेक्टिव राजिंदर सिंह, लुधियाना के एसीपी क्राइम गुरबंस सिंह बैंस ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 29 अक्तूबर को स्लेम टाबरी इलाके में गैंग के सदस्यों ने गोलियां चलाकर जुए की लाखों रुपये की राशि लूट ली थी।
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इसके अलावा 9 नवंबर को दीप नगर व माडल टाउन इलाके में लक्की व गोल्डी नामक युवकों को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। इन्हें दबोचने के लिए एसीपी क्राइम लुधियाना गुरबंस सिंह बैंस के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि गैंग से जुड़ा गौरव शर्मा उर्फ गोरू बच्चा दो माह पहले जेल से बाहर निकला है। उसने जेल से बाहर आकर जालंधर, लुधियाना, कपूरथला, तरनतारन के गैंगस्टर को जोड़कर एक नया गिरोह बनाया है।
इसके बाद जालंधर सीआईए के अंग्रेज सिंह व एसीपी गुरबंस बैंस की संयुक्त टीम बनाई गई। एक सूचना के आधार पर काली रंग की सफारी का पीछा करते हुए पुलिस गांव जगराल पहुंची। वहां पर गाड़ी में सवार युवकों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और गाड़ी छोड़कर भागकर गांव में छिप गए। पुलिस ने गांव वासियों की मदद से चार युवकों हरजोत सिंह चीमा (18) निवासी सुलतानपुर लोधी, गुरप्रीत सिंह गोपी (20) हैबोवाल लुधियाना, जगराल जग्गा (20) निवासी बस्ती बावा खेल जालंधर व अमरबीर लाली चीमा (20) निवासी सुलतानपुर लोधी को गिरफ्तार कर लिया।
इन बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि उनके कुछ साथी गुरु नानक मोहल्ला नकोदर में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने जब उस इलाके की घेराबंदी की तो वहां से भी पुलिस पर फायरिंग की गई। वहां पर पुलिस ने गैंगस्टर गौरव शर्मा गोरू (20) निवासी हैबोवाल लुधियाना, तलविंदर सिंह निवासी खुसरोपुर कपूरथला, सन्नी (20) निवासी गुरु नानकपुरा नकोदर व भूपिंदर भिंदर (18) निवासी सरींह को काबू कर लिया।
गोरू पर हैं 25 केस दर्ज
गैंगस्टर गोरू पर 25 केस दर्ज हैं। इसमें सुपारी लेकर मारपीट, लूटपाट व गैंगवार के केस दर्ज हैं। वह 5 सितंबर को ही जेल से बाहर आया था।
दो सगे भाई भी शामिल
गिरोह में दो सगे भाई हरजोत चीमा व अमरबीर शामिल हैं। उन्होंने सुक्खा काहलवां गैंगस्टर को पुलिस कस्टडी से छुड़वाया था। उस केस में दोनों भाई भगोड़े करार दिए जा चुके हैं।
जेल में तैयार हुआ था गिरोह
कमिश्नर परमजीत सिंह गिल ने बताया कि गोरू का मकसद अपनी बहन के प्रेमी को ठिकाने लगाना भी था। दूसरा वह सचिन गिरोह का था और उसने विरोधी लल्ला गैंग के सदस्यों को भी ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। जेल से रिहा होने से पहले ही गोरू ने जेल में बैठकर पूरा गिरोह तैयार कर लिया था। उसने दीप नगर में लक्की की टांग में गोली भी इसलिए मारी थी क्योंकि उसको शंका थी कि लक्की उसकी बहन के साथ प्रेम संबंध रखता है।
बलराज पैलेस नकोदर में भी चलाई थी गोलियां
गिरोह के सदस्योें ने पिछले दिनों नकोदर-शाहकोट मार्ग पर स्थित बलराज पैलेस के बाहर भी गोलियां चलाई थी, जिसको लेकर काफी दहशत फैल गई थी। इस गिरोह के सदस्य जालंधर में छिपे हुए थे और देहात पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर की उम्र करीब 20 से 22 साल है। उनके पास से नौ पिस्तौल के अलावा 50 कारतूस बरामद किए गए हैं। गिरोह के सदस्यों ने पिछले कुछ दिन में लुधियाना में ताबड़तोड़ वारदात कर दहशत मचा रखी थी। इस गिरोह से जुड़े 17 सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है, जो तरनतारन, सुल्तानपुर व लुधियाना के रहने वाले हैं।
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यहां सोमवार को लुधियाना पुलिस के कमिश्नर परमजीत सिंह गिल, एसएसपी देहाती यूरिंदर सिंह हेयर, एसपी डिटेक्टिव राजिंदर सिंह, लुधियाना के एसीपी क्राइम गुरबंस सिंह बैंस ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 29 अक्तूबर को स्लेम टाबरी इलाके में गैंग के सदस्यों ने गोलियां चलाकर जुए की लाखों रुपये की राशि लूट ली थी।
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इसके अलावा 9 नवंबर को दीप नगर व माडल टाउन इलाके में लक्की व गोल्डी नामक युवकों को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। इन्हें दबोचने के लिए एसीपी क्राइम लुधियाना गुरबंस सिंह बैंस के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि गैंग से जुड़ा गौरव शर्मा उर्फ गोरू बच्चा दो माह पहले जेल से बाहर निकला है। उसने जेल से बाहर आकर जालंधर, लुधियाना, कपूरथला, तरनतारन के गैंगस्टर को जोड़कर एक नया गिरोह बनाया है।
इसके बाद जालंधर सीआईए के अंग्रेज सिंह व एसीपी गुरबंस बैंस की संयुक्त टीम बनाई गई। एक सूचना के आधार पर काली रंग की सफारी का पीछा करते हुए पुलिस गांव जगराल पहुंची। वहां पर गाड़ी में सवार युवकों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और गाड़ी छोड़कर भागकर गांव में छिप गए। पुलिस ने गांव वासियों की मदद से चार युवकों हरजोत सिंह चीमा (18) निवासी सुलतानपुर लोधी, गुरप्रीत सिंह गोपी (20) हैबोवाल लुधियाना, जगराल जग्गा (20) निवासी बस्ती बावा खेल जालंधर व अमरबीर लाली चीमा (20) निवासी सुलतानपुर लोधी को गिरफ्तार कर लिया।
इन बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि उनके कुछ साथी गुरु नानक मोहल्ला नकोदर में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने जब उस इलाके की घेराबंदी की तो वहां से भी पुलिस पर फायरिंग की गई। वहां पर पुलिस ने गैंगस्टर गौरव शर्मा गोरू (20) निवासी हैबोवाल लुधियाना, तलविंदर सिंह निवासी खुसरोपुर कपूरथला, सन्नी (20) निवासी गुरु नानकपुरा नकोदर व भूपिंदर भिंदर (18) निवासी सरींह को काबू कर लिया।
गोरू पर हैं 25 केस दर्ज
गैंगस्टर गोरू पर 25 केस दर्ज हैं। इसमें सुपारी लेकर मारपीट, लूटपाट व गैंगवार के केस दर्ज हैं। वह 5 सितंबर को ही जेल से बाहर आया था।
दो सगे भाई भी शामिल
गिरोह में दो सगे भाई हरजोत चीमा व अमरबीर शामिल हैं। उन्होंने सुक्खा काहलवां गैंगस्टर को पुलिस कस्टडी से छुड़वाया था। उस केस में दोनों भाई भगोड़े करार दिए जा चुके हैं।
जेल में तैयार हुआ था गिरोह
कमिश्नर परमजीत सिंह गिल ने बताया कि गोरू का मकसद अपनी बहन के प्रेमी को ठिकाने लगाना भी था। दूसरा वह सचिन गिरोह का था और उसने विरोधी लल्ला गैंग के सदस्यों को भी ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। जेल से रिहा होने से पहले ही गोरू ने जेल में बैठकर पूरा गिरोह तैयार कर लिया था। उसने दीप नगर में लक्की की टांग में गोली भी इसलिए मारी थी क्योंकि उसको शंका थी कि लक्की उसकी बहन के साथ प्रेम संबंध रखता है।
बलराज पैलेस नकोदर में भी चलाई थी गोलियां
गिरोह के सदस्योें ने पिछले दिनों नकोदर-शाहकोट मार्ग पर स्थित बलराज पैलेस के बाहर भी गोलियां चलाई थी, जिसको लेकर काफी दहशत फैल गई थी। इस गिरोह के सदस्य जालंधर में छिपे हुए थे और देहात पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।