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Jalandhar: प्रताप बाग में शराब ठेके में लगी आग, बोतलें फटने से मची अफरातफरी; अंदर सो रहा सेल्समैन बाल-बाल बचा
Fri, 02 Jan 2026 11:34 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 02 Jan 2026 11:34 AM IST
सार
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में लपटें सड़क के पार तक दिखाई देने लगीं। ठेके के अंदर रखी शराब गर्म होते ही बोतलें फटने लगीं, जिनकी तेज आवाजों से आसपास के लोग सहम उठे।
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जालंधर में ठेके में लगी आग
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जालंधर के भीड़भाड़ वाले प्रताप बाग इलाके में रात रीब साढ़े तीन बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक शराब के ठेके में अचानक भीषण आग भड़क उठी।
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में लपटें सड़क के पार तक दिखाई देने लगीं। ठेके के अंदर रखी शराब गर्म होते ही बोतलें फटने लगीं, जिनकी तेज आवाजों से आसपास के लोग सहम उठे।
आग लगने के वक्त ठेके के अंदर सेल्समैन सचिन सो रहा था। सचिन ने बताया कि वह रोजाना की तरह शटर बंद कर अंदर सो गया था। अचानक रजाई के अंदर घुटन और तेज गर्मी महसूस होने लगी। बेचैनी बढ़ी तो उसकी नींद खुल गई। उसने तुरंत शटर खोला और बाहर की ओर भागा।
सचिन ने बताया कि उसके बाहर निकलने के करीब दस मिनट के भीतर ही पूरा ठेका आग की चपेट में आ गया। ठेके के कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। ठेके में बाहर से बिजली का कनेक्शन लिया गया था और तारों में स्पार्किंग की आशंका जताई जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार ठेके के अंदर कोई भी भारी बिजली उपकरण नहीं था, केवल रोशनी के लिए बल्ब लगे हुए थे। घटना की जानकारी बिजली विभाग को भी दे दी गई है।
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आग लगने के बाद शराब ने इतनी तेजी से आग पकड़ी कि ठेके के पास तक जाना नामुमकिन हो गया। गर्मी के कारण बोतलें एक-एक कर फटती रहीं और कांच चारों ओर बिखर गया। देखते ही देखते ठेके में रखा लाखों रुपये का स्टॉक जलकर खाक हो गया। धमाकों की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। शराब और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे आग बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके को भी सुरक्षित किया गया, ताकि आग किसी अन्य दुकान या रिहायशी क्षेत्र तक न फैल सके। सचिन ने करीब तीन महीने पहले ही ठेके पर नौकरी शुरू की थी।
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आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में लपटें सड़क के पार तक दिखाई देने लगीं। ठेके के अंदर रखी शराब गर्म होते ही बोतलें फटने लगीं, जिनकी तेज आवाजों से आसपास के लोग सहम उठे।
आग लगने के वक्त ठेके के अंदर सेल्समैन सचिन सो रहा था। सचिन ने बताया कि वह रोजाना की तरह शटर बंद कर अंदर सो गया था। अचानक रजाई के अंदर घुटन और तेज गर्मी महसूस होने लगी। बेचैनी बढ़ी तो उसकी नींद खुल गई। उसने तुरंत शटर खोला और बाहर की ओर भागा।
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सचिन ने बताया कि उसके बाहर निकलने के करीब दस मिनट के भीतर ही पूरा ठेका आग की चपेट में आ गया। ठेके के कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। ठेके में बाहर से बिजली का कनेक्शन लिया गया था और तारों में स्पार्किंग की आशंका जताई जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार ठेके के अंदर कोई भी भारी बिजली उपकरण नहीं था, केवल रोशनी के लिए बल्ब लगे हुए थे। घटना की जानकारी बिजली विभाग को भी दे दी गई है।
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आग लगने के बाद शराब ने इतनी तेजी से आग पकड़ी कि ठेके के पास तक जाना नामुमकिन हो गया। गर्मी के कारण बोतलें एक-एक कर फटती रहीं और कांच चारों ओर बिखर गया। देखते ही देखते ठेके में रखा लाखों रुपये का स्टॉक जलकर खाक हो गया। धमाकों की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। शराब और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे आग बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके को भी सुरक्षित किया गया, ताकि आग किसी अन्य दुकान या रिहायशी क्षेत्र तक न फैल सके। सचिन ने करीब तीन महीने पहले ही ठेके पर नौकरी शुरू की थी।