फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   FIR at Pathankot 132 crusher

पठानकोट में 132 क्रैशरों पर एफआईआर

Tue, 22 Oct 2013 10:21 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
अमर उजाला, जालंधर Updated Tue, 22 Oct 2013 10:21 PM IST
विज्ञापन
FIR at Pathankot 132 crusher
पंजाब में निर्माण कार्यों के लिए बजरी का संकट गहराने लगा है। सरकार की सख्ती से घबराकर क्रैशर मालिकों ने कामकाज बंद कर दिया है। क्रैशर मालिकों का तर्क है कि पुलिस ने पठानकोट में 132 क्रैशर मालिकों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कर लिया है। पंजाब में इस समय 210 क्रैशर यूनिट चल रहे हैं, जो पठानकोट और आसपास के क्षेत्रों में हैं।
विज्ञापन


मंगलवार को जालंधर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब स्टोन एंड क्रैशर एसोसिएशन के प्रधान विजय पासी, विपिन शर्मा, डॉ. संजीव सलारिया, पुष्पिंदर मैनी ने कहा कि पंजाब में क्रैशर एक इंडस्ट्री हैं। इसमें बड़े पत्थरों की प्रोसेसिंग कर उसे बजरी का रूप दिया जाता है।
विज्ञापन


विजय पासी ने बताया कि उन्हें खनन विभाग ने अपने यूनिट रजिस्टर करवाने के लिए कहा था, जिसे अदालत में चुनौती दी गई है। इसके बाद सरकार ने क्रैशर यूनिटों के बिजली कनेक्शन काटने शुरू कर दिए। नतीजतन कई क्रैशर कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन करवा ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पासी ने बताया कि इसके बाद अचानक खनन विभाग ने 210 क्रैशर यूनिटों को नोटिस जारी कर दिए कि वे बीते पांच माह का बिजली खर्च का ब्यौरा जमा करवाएं। उन्होंने सवाल किया कि कारोबारी पांच माह से बिजली के कितने यूनिट किस दिन फूंके गए हैं, इसका ब्यौरा कहां से दे सकते हैं।

हिमाचल और जेएडंके से मंगाते हैं पत्थर
विजय पासी ने कहा कि क्रैशर यूनिट पंजाब में खनन पर रोक के कारण वे पत्थर को हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से मंगवाकर प्रोसेसिंग कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें चोर की नजर से देख रही है।


उन्होंने कहा कि क्रैशर यूनिटों द्वारा बिजली का ब्यौरा नहीं दिए जाने के कारण पठानकोट में डीसी ने 132 क्रैशर यूनिटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।  उन्होंने कहा कि उनका कारोबार वैध है और वह बाकायदा वैध बिल पर पत्थर को दूसरे प्रदेशों से खरीद रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed