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किडनी रैकेट : डॉ. अग्रवाल को जांच में शामिल करेगी पुलिस
ब्यूरो, अमर उजाला/जालंध्ार
Updated Tue, 04 Aug 2015 10:16 PM IST
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जालंधर में किडनी रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद केस की जांच में अब किडनी
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ट्रांसप्लांट के विख्यात सर्जन डॉ. राजेश अग्रवाल और उनकी पत्नी दीपा
अग्रवाल को शामिल किया जा रहा है। डॉ. राजेश अग्रवाल ने अपने अस्पताल नेशनल
किडनी सेंटर में किडनी के ट्रांसप्लांट किए थे। यही नहीं, जिस लाल पैथ लैब
के टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया है, वह भी डॉ. राजेश की पत्नी दीपा
अग्रवाल के नाम पर है।
कमिश्नर ऑफ पुलिस यूरिंदर सिंह हेयर ने आईपीएस अधिकारी अलका मीणा को भी एसआईटी में शामिल कर दिया है। अब एसआईटी में दो आईपीएस अधिकारी शामिल हो गए हैं। इसके अलावा एडीसीपी सिटी अमरीक सिंह पोवार, एसीपी बलविंदर इकबाल काहलों और एसएचओ नवदीप सिंह एसआईटी में कार्य कर रहे हैं। एडीसीपी सिटी अमरीक सिंह पोवार ने कहा कि डॉ. राजेश अग्रवाल को जांच में शामिल करने के लिए उनके निवास पर सम्मन भेजा गया है। ऐसी उम्मीद है कि बुधवार को वह जांच में शामिल होंगे।
उनकी पत्नी दीपा अग्रवाल के नाम पर लाल पैथ लैब है। वहीं, अभी तक दीपा अग्रवाल ने ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिया है, जिससे साफ हो सके कि उन्होंने अपनी लैब को आगे सौंप दिया था। एसआईटी के अमरीक सिंह पोवार का कहना है कि अभी तक छह आपरेशन सामने आए हैं, जिनमें नकली रिश्तेदार बनाकर किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। नेशनल अस्पताल का रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया गया है। कई टीमों की तैनाती कर अलग-अलग स्थानों पर रवाना किया गया है। यह मामला दिल्ली तक पहुंच गया है।
एसआईटी को गहराई से जांच के आदेश
जालंधर पुलिस कमिश्नर यूरिंदर सिंह हेयर का कहना है कि एसआईटी का गठन कर उनको आदेश दिए गए हैं कि इस केस में किसी को बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि मामला हाई प्रोफाइल है। केस में किसी भी प्रेशर को सहन किया नहीं जाएगा।
कमिश्नर ऑफ पुलिस यूरिंदर सिंह हेयर ने आईपीएस अधिकारी अलका मीणा को भी एसआईटी में शामिल कर दिया है। अब एसआईटी में दो आईपीएस अधिकारी शामिल हो गए हैं। इसके अलावा एडीसीपी सिटी अमरीक सिंह पोवार, एसीपी बलविंदर इकबाल काहलों और एसएचओ नवदीप सिंह एसआईटी में कार्य कर रहे हैं। एडीसीपी सिटी अमरीक सिंह पोवार ने कहा कि डॉ. राजेश अग्रवाल को जांच में शामिल करने के लिए उनके निवास पर सम्मन भेजा गया है। ऐसी उम्मीद है कि बुधवार को वह जांच में शामिल होंगे।
उनकी पत्नी दीपा अग्रवाल के नाम पर लाल पैथ लैब है। वहीं, अभी तक दीपा अग्रवाल ने ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिया है, जिससे साफ हो सके कि उन्होंने अपनी लैब को आगे सौंप दिया था। एसआईटी के अमरीक सिंह पोवार का कहना है कि अभी तक छह आपरेशन सामने आए हैं, जिनमें नकली रिश्तेदार बनाकर किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। नेशनल अस्पताल का रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया गया है। कई टीमों की तैनाती कर अलग-अलग स्थानों पर रवाना किया गया है। यह मामला दिल्ली तक पहुंच गया है।
एसआईटी को गहराई से जांच के आदेश
जालंधर पुलिस कमिश्नर यूरिंदर सिंह हेयर का कहना है कि एसआईटी का गठन कर उनको आदेश दिए गए हैं कि इस केस में किसी को बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि मामला हाई प्रोफाइल है। केस में किसी भी प्रेशर को सहन किया नहीं जाएगा।