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मिल मालिक को क्लीन चिट, डीएम पर ठगी का केस
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Tue, 04 Oct 2016 06:54 PM IST
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डीजीपी (विजिलेंस) ने पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) का करीब 3.50 करोड़ रुपये का धान खुर्द-बुर्द करने की जांच के आदेश दिए हैं। विजिलेंस अधिकारी ने इस जांच की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले से संबंधित दोनों पक्षों को तलब कर उनके बयान लिखे जा रहे हैं।
विजिलेंस के मुताबिक जिला मैनेजर (मार्कफेड) की शिकायत पर थाना कोट ईसेखां में चार जुलाई 2014 को कपूर राइस एंड जनरल मिल मालिक के खिलाफ धान खुर्दबुर्द करने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। मार्कफेड ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि चावल मिल मालिक ने गैर कानूनी ढंग से बैंक आधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धान की गारंटी पर पंजाब नेशनल बैंक की फिरोजपुर रोड, लुधियाना शाखा से 2 करोड़ का कर्ज ले लिया।
चावल मिल की भौतिक पड़ताल के दौरान पता लगा कि बैंक का कर्ज वापस न करने पर बैंक ने गोदाम सील कर दिया था। डीसी की हिदायत पर पुलिस ने चावल मिल मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच में यह केस झूठा करार देते हुए चावल मिल मालिक को क्लीन चिट दे दी थी।
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इसके बाद 5 मार्च 2016 को थाना कोट ईसेखां में इस चावल मिल के मालिक दीवेज कपूर की शिकायत पर तत्कालीन जिला मैनेजर (मार्कफेड) निशान सिंह निवासी बठिंडा बाईपास, मुक्तसर के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया गया था। चावल मिल मालिक ने आरोप लगाया था कि मार्कफेड ने उसके पास से 74 लाख का खाली बैंक चेक लिया था और धान की मिलिंग के बाद चावल भारतीय खाद्य निगम के पास जमा करवा दिया गया।
यह चेक मार्कफेड ने वापस करना था लेकिन यह चेक वापस नहीं किया गया। उन्होंने इसको जालसाजी से कैश करवाने का आरोप लगाया गया था। विजिलेंस अब पंजाब पुलिस की ओर से चावल मिल मालिक के खिलाफ दर्ज गबन की एफआईआर रद्द करने और मार्कफेड के तत्कालीन जिला प्रबंधक निशान सिंह के खिलाफ दर्ज की धोखाधड़ी की एफआईआर की जांच से इस घोटाले की जड़ का पता लगाएगी।
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विजिलेंस के मुताबिक जिला मैनेजर (मार्कफेड) की शिकायत पर थाना कोट ईसेखां में चार जुलाई 2014 को कपूर राइस एंड जनरल मिल मालिक के खिलाफ धान खुर्दबुर्द करने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। मार्कफेड ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि चावल मिल मालिक ने गैर कानूनी ढंग से बैंक आधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धान की गारंटी पर पंजाब नेशनल बैंक की फिरोजपुर रोड, लुधियाना शाखा से 2 करोड़ का कर्ज ले लिया।
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चावल मिल की भौतिक पड़ताल के दौरान पता लगा कि बैंक का कर्ज वापस न करने पर बैंक ने गोदाम सील कर दिया था। डीसी की हिदायत पर पुलिस ने चावल मिल मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच में यह केस झूठा करार देते हुए चावल मिल मालिक को क्लीन चिट दे दी थी।
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इसके बाद 5 मार्च 2016 को थाना कोट ईसेखां में इस चावल मिल के मालिक दीवेज कपूर की शिकायत पर तत्कालीन जिला मैनेजर (मार्कफेड) निशान सिंह निवासी बठिंडा बाईपास, मुक्तसर के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया गया था। चावल मिल मालिक ने आरोप लगाया था कि मार्कफेड ने उसके पास से 74 लाख का खाली बैंक चेक लिया था और धान की मिलिंग के बाद चावल भारतीय खाद्य निगम के पास जमा करवा दिया गया।
यह चेक मार्कफेड ने वापस करना था लेकिन यह चेक वापस नहीं किया गया। उन्होंने इसको जालसाजी से कैश करवाने का आरोप लगाया गया था। विजिलेंस अब पंजाब पुलिस की ओर से चावल मिल मालिक के खिलाफ दर्ज गबन की एफआईआर रद्द करने और मार्कफेड के तत्कालीन जिला प्रबंधक निशान सिंह के खिलाफ दर्ज की धोखाधड़ी की एफआईआर की जांच से इस घोटाले की जड़ का पता लगाएगी।