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पूर्व अकाली मंत्री के घर के बाहर 90 लाख की वसूली के लिए धरना
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:30 PM IST
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पूर्व अकाल मंत्री के घर के बाहर वसूली के लिए ‘गांधीगिरी’
टॉप 50 डिफाल्टरों में कई अकाली नेता भी शामिल, डिफाल्टिंग अमाउंट 13 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
कपूरथला खेतीबाड़ी विकास बैंक ने डिफाल्टिंग अमाउंट वसूलने के लिए ‘गांधीगिरी’ को हथियार बनाते हुए पूर्व अकाली मंत्री रघबीर सिंह के निवास स्थान गांव होठियां में धरना लगाया। अकाली मंत्री व उसके बेटे पर 90 लाख रुपये की डिफाल्टिंग अमाउंट बकाया है। जिसके चलते बैंक ने अब सख्त रुख अपनाया है। बैंक कर्मियों का धरना लगाने का क्रम लगातार जारी है। वीरवार को बैंक कर्मियों ने हमीरा में पोल्ट्री इंस्पेक्टर अरविंदर सिंह के घर के पास धरना लगाया। बैंक ने इंस्पेक्टर से 22.90 लाख रकम वसूलनी है। जिसकी रिकवरी के लिए दो से पांच बजे तक धरना दिया गया। बैंक की सूची में टॉप 50 डिफाल्टरों में कई अकाली नेता भी शामिल हैं।
बैंक अधिकारियों का कहना कि पूर्व परिवहन मंत्री रघबीर व उनके बेटे गुरप्रताप सिंह के 10 लोन खातों का करीब 90 लाख रुपये बकाया है। कपूरथला ब्रांच की डिमांड 46 करोड़ 63 लाख रुपये है। जबकि बैंक की लिस्ट में टॉप 50 में आने वाले कर्जदारों से कर्ज वसूली की रकम 13 करोड़ रुपये बनती है। पूर्व परिवहन मंत्री ने 2004 में खेतीबाड़ी विकास बैंक कपूरथला से अपनी जमीन गिरवी रखकर 32 लाख रुपये और बेटे गुरप्रताप सिंह के नाम पर भी 13 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उस समय कुछ कर्ज तो लौटा दिया गया, लेकिन बाद में किस्त अदा नहीं की। 2017 के अंत तक इस रकम पर ब्याज के साथ रकम 90 लाख रुपये बन गई है। मैनेजर गुरप्रेम पाल ने भास्कर को बताया कि बैंक ने रोष स्वरूप गांव होठियां में पूर्व परिवहन मंत्री रघबीर सिंह आवास के बाहर धरना दिया। इससे पहले गांव मुंडी मोड़ में डिफाल्टर आढ़ती के घर के आगे भी धरना दिया। अब तक ‘गांधीगिरी’ से बैंक ने 1.83 करोड़ रुपये की रिकवरी की है। वीरवार को बैंक कर्मियों ने हमीरा में पोल्ट्री इंस्पेक्टर अरविंदर सिंह के घर के बाहर दोपहर दो से पांच बजे तक धरना दिया। अब सख्ती किए जाने पर मैनेजर गुरप्रेम पाल ने बताया कि पहले सरकार की ओर से कर्ज माफी की घोषणा के चलते कार्रवाई नहीं की। अब जब साफ हो गया कि टर्म लोन वालों का कर्ज माफ नहीं होगा तो उन्होंने रिवकरी में तेजी कर दी है। कपूरथला बैंक के अधीन 250 गांव आते हैं, इनमें से 150 गांवों के लोगों को बैंक ने लोन दे रखा है। अकाली मंत्री रघबीर सिंह के विदेश होने के चलते उनसे संपर्क नहीं हो सका।
इधर सख्ती, उधर रिकवरी में तेजी
हमीरा में जैसे ही बैंक कर्मियों ने धरना लगाकर गांधीगिरी शुरू की तो इंस्पेक्टर अरविंदर सिंह ने मोहल्ले में अपनी साख बचाने के लिए दो लाख रुपये का चेक मैनेजर गुरप्रेम पाल को सौंप दिया। मैनेजर ने बताया कि फिर भी उन्होंने दो से पांच बजे तक पूरा धरना दिया और पूरा बैंक का स्टाफ मौजूद था।
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पूर्व अकाल मंत्री के घर के बाहर वसूली के लिए ‘गांधीगिरी’
टॉप 50 डिफाल्टरों में कई अकाली नेता भी शामिल, डिफाल्टिंग अमाउंट 13 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
कपूरथला खेतीबाड़ी विकास बैंक ने डिफाल्टिंग अमाउंट वसूलने के लिए ‘गांधीगिरी’ को हथियार बनाते हुए पूर्व अकाली मंत्री रघबीर सिंह के निवास स्थान गांव होठियां में धरना लगाया। अकाली मंत्री व उसके बेटे पर 90 लाख रुपये की डिफाल्टिंग अमाउंट बकाया है। जिसके चलते बैंक ने अब सख्त रुख अपनाया है। बैंक कर्मियों का धरना लगाने का क्रम लगातार जारी है। वीरवार को बैंक कर्मियों ने हमीरा में पोल्ट्री इंस्पेक्टर अरविंदर सिंह के घर के पास धरना लगाया। बैंक ने इंस्पेक्टर से 22.90 लाख रकम वसूलनी है। जिसकी रिकवरी के लिए दो से पांच बजे तक धरना दिया गया। बैंक की सूची में टॉप 50 डिफाल्टरों में कई अकाली नेता भी शामिल हैं।
बैंक अधिकारियों का कहना कि पूर्व परिवहन मंत्री रघबीर व उनके बेटे गुरप्रताप सिंह के 10 लोन खातों का करीब 90 लाख रुपये बकाया है। कपूरथला ब्रांच की डिमांड 46 करोड़ 63 लाख रुपये है। जबकि बैंक की लिस्ट में टॉप 50 में आने वाले कर्जदारों से कर्ज वसूली की रकम 13 करोड़ रुपये बनती है। पूर्व परिवहन मंत्री ने 2004 में खेतीबाड़ी विकास बैंक कपूरथला से अपनी जमीन गिरवी रखकर 32 लाख रुपये और बेटे गुरप्रताप सिंह के नाम पर भी 13 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उस समय कुछ कर्ज तो लौटा दिया गया, लेकिन बाद में किस्त अदा नहीं की। 2017 के अंत तक इस रकम पर ब्याज के साथ रकम 90 लाख रुपये बन गई है। मैनेजर गुरप्रेम पाल ने भास्कर को बताया कि बैंक ने रोष स्वरूप गांव होठियां में पूर्व परिवहन मंत्री रघबीर सिंह आवास के बाहर धरना दिया। इससे पहले गांव मुंडी मोड़ में डिफाल्टर आढ़ती के घर के आगे भी धरना दिया। अब तक ‘गांधीगिरी’ से बैंक ने 1.83 करोड़ रुपये की रिकवरी की है। वीरवार को बैंक कर्मियों ने हमीरा में पोल्ट्री इंस्पेक्टर अरविंदर सिंह के घर के बाहर दोपहर दो से पांच बजे तक धरना दिया। अब सख्ती किए जाने पर मैनेजर गुरप्रेम पाल ने बताया कि पहले सरकार की ओर से कर्ज माफी की घोषणा के चलते कार्रवाई नहीं की। अब जब साफ हो गया कि टर्म लोन वालों का कर्ज माफ नहीं होगा तो उन्होंने रिवकरी में तेजी कर दी है। कपूरथला बैंक के अधीन 250 गांव आते हैं, इनमें से 150 गांवों के लोगों को बैंक ने लोन दे रखा है। अकाली मंत्री रघबीर सिंह के विदेश होने के चलते उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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इधर सख्ती, उधर रिकवरी में तेजी
हमीरा में जैसे ही बैंक कर्मियों ने धरना लगाकर गांधीगिरी शुरू की तो इंस्पेक्टर अरविंदर सिंह ने मोहल्ले में अपनी साख बचाने के लिए दो लाख रुपये का चेक मैनेजर गुरप्रेम पाल को सौंप दिया। मैनेजर ने बताया कि फिर भी उन्होंने दो से पांच बजे तक पूरा धरना दिया और पूरा बैंक का स्टाफ मौजूद था।
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