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राज्यसभा में श्वेत मलिक के भाषण पर विवाद, बोले- देश में रोजगार नहीं, तभी...
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Updated Sat, 04 Aug 2018 01:08 AM IST
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श्वेत मलिक
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विदेशों में पंजाबी युवक रेस्तरां में नौकरी कर रहे हैं या फिर टैक्सी चला रहे हैं, पंजाब भाजपा के प्रधान व सांसद श्वेत मलिक के राज्यसभा में इस ब्यान के बाद पंजाब में एक नई बहस छिड़ गई है। सांसद मलिक के इस बयान से विदेशी एजुकेशन एजेंसियों के संचालकों के अलावा ट्रेवल एजेंट्स को गहरा धक्का लगा है। उनका तर्क है कि भारत से एमबीबीएस या बड़ी डिग्री करके जाने के बाद भी भारतीय मूल के लोगों को अपना जीवन रेस्तरां की नौकरी से ही शुरू करना पड़ता है।
देश में युवाओं के पास रोजगार तो है नहीं, यही वजह है कि वह अपने सुनहरे भविष्य की कामना के लिए विदेशों में जा रहे हैं। मेहनत कर आगे पढ़ाई करना कोई बुरी बात नहीं है, सांसद के इस बयान से युवा हताश होंगे।
दरअसल, पंजाब के ट्रेवल एजेंट व विदेशी एजुकेशन एजेंसियों के संचालक आगे ही पंजाब व केंद्र सरकार के निशाने पर हैं और उन पर तरह तरह के कानून लागू किए जा रहे हैं। जहां पंजाब की विदेशी एजुकेशन एजेंसियों के संचालकों में काफी दहशत है वहीं बुधवार को सांसद मलिक के बयान से कारोबारी परेशान हो गए हैं। पंजाब से हर साल 80 हजार विद्यार्थी विदेशों में स्टडी के लिए जा रहे हैं। पंजाब में पिछले 12 वर्षों में 7 लाख से अधिक विद्यार्थी विदेशों में जाकर सेटल हो चुके हैं। कई विद्यार्थी वहां पर जमीनी स्तर पर मेहनत कर अब न केवल मुकाम पर पहुंच चुके हैं, बल्कि वहां पर राजनीति से लेकर कारोबार में अच्छा नाम कमा चुके हैं।
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रहन-सहन का खर्च खुद वहन करते हैं
विदेशी एजुकेशन संस्था एकोस के प्रधान सुकांत का कहना है कि पंजाब से जो भी विद्यार्थी विदेशों में जाते हैं, अपना करियर जमीनी स्तर से ही शुरू करते हैं। वह रेस्तरां में मेहनत कर 1 से 2 लाख रुपये तक महीना कमाते हैं, जिससे जहां वह अपनी फीस निकालते हैं। वहीं अपने रहन सहन का खर्च भी खुद वहन करते हैं। इससे न केवल उनमें अनुशासन व मेहनत की भावना पैदा होती है। पंजाब में तो कई मास्टर डिग्री होल्डर 15 हजार की नौकरी कर रहे हैं।
हम राजनीतिक लोग नहीं
ब्राडवेज इमिग्रेशन के संचालक अमरजीत सिंह का कहना हैं कि हम राजनीतिक लोग नहीं है, हम कारोबार करते हैं। ठग एजेंटों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होनी चाहिए। पंजाब में विदेश जाने का क्रेज आज का नहीं, वर्षों पुराना है। आज पंजाबी कनाडा में अपने नाम का डंका बजा रहे हैं। कनाडा में रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन समेत कई लोगों ने पंजाबी मूल के लोगों का मान बढ़ाया है लेकिन इनकी जीवनी जरूर पढ़नी चाहिए तो पता चलेगा कि सबका कैरियर मेहनत व दिहाड़ी के तौर पर शुरू हुआ है।
बयान देने से पहले सोचना चाहिए
ऑस्ट्रेलियन सिटीजन अंशु बब्बर कहना है कि मलिक को बयान देने से पहले सोचना चाहिए। पहले तो पंजाबी लोग 25-25 लाख देकर विदेशों में अवैध रूप से जाते थे लेकिन अब पंजाबी लोग विदेशी एजुकेशन संचालकों के माध्यम से लीगल तौर पर विदेश में जा रहे हैं। अंशू का कहना है कि वह पहले एक रेस्तरां में किचन में कार्य करता था लेकिन बाद में वह सफलता की सीढियां चढ़ता गया और आज वह खुद का एक बड़ा बिजनेस खड़ा कर चुका है।
गहराई तक मंथन की जरूरत
परसोना कंसलटेंट के हरदीप सिंह का कहना है कि आज के दौर में युवा विदेशों में स्टडी के लिए क्यों जा रहा है, वह क्यों वहां मेहनत कर रहा है, इसकी गहराई तक जाकर मंथन की जरूरत है लेकिन जिंदगी का कैरियर वह शुरू कर रहे हैं। हम राजनीतिक लोग नहीं है लेकिन सरकार को उलटा हमारी पीठ थपथपानी चाहिए कि पंजाब के युवाओं को सुनहरा भविष्य देने में उनकी मदद कर रहे हैं।
कैनवर्ड के संचालक जसपाल सिंह का कहना है कि पंजाब के लोग विदेशों में डंका बजा रहे हैं। हर इंसान मेहनत से सफलता हासिल करता है। सांसद मलिक ने ठग एजेंटों के खिलाफ जो बोला सराहनीय है लेकिन यहां के विद्यार्थी विदेशों में कार चलाकर काम कर रहे हैं, इस पर आपत्ति है। यहां के एमबीबीएस डिग्री होल्डर अमेरिका, कनाडा, यूके में जाकर पार्ट टाइम टैक्सी चलाते हैं और साथ में स्टडी करते हैं।
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देश में युवाओं के पास रोजगार तो है नहीं, यही वजह है कि वह अपने सुनहरे भविष्य की कामना के लिए विदेशों में जा रहे हैं। मेहनत कर आगे पढ़ाई करना कोई बुरी बात नहीं है, सांसद के इस बयान से युवा हताश होंगे।
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दरअसल, पंजाब के ट्रेवल एजेंट व विदेशी एजुकेशन एजेंसियों के संचालक आगे ही पंजाब व केंद्र सरकार के निशाने पर हैं और उन पर तरह तरह के कानून लागू किए जा रहे हैं। जहां पंजाब की विदेशी एजुकेशन एजेंसियों के संचालकों में काफी दहशत है वहीं बुधवार को सांसद मलिक के बयान से कारोबारी परेशान हो गए हैं। पंजाब से हर साल 80 हजार विद्यार्थी विदेशों में स्टडी के लिए जा रहे हैं। पंजाब में पिछले 12 वर्षों में 7 लाख से अधिक विद्यार्थी विदेशों में जाकर सेटल हो चुके हैं। कई विद्यार्थी वहां पर जमीनी स्तर पर मेहनत कर अब न केवल मुकाम पर पहुंच चुके हैं, बल्कि वहां पर राजनीति से लेकर कारोबार में अच्छा नाम कमा चुके हैं।
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रहन-सहन का खर्च खुद वहन करते हैं
विदेशी एजुकेशन संस्था एकोस के प्रधान सुकांत का कहना है कि पंजाब से जो भी विद्यार्थी विदेशों में जाते हैं, अपना करियर जमीनी स्तर से ही शुरू करते हैं। वह रेस्तरां में मेहनत कर 1 से 2 लाख रुपये तक महीना कमाते हैं, जिससे जहां वह अपनी फीस निकालते हैं। वहीं अपने रहन सहन का खर्च भी खुद वहन करते हैं। इससे न केवल उनमें अनुशासन व मेहनत की भावना पैदा होती है। पंजाब में तो कई मास्टर डिग्री होल्डर 15 हजार की नौकरी कर रहे हैं।
हम राजनीतिक लोग नहीं
ब्राडवेज इमिग्रेशन के संचालक अमरजीत सिंह का कहना हैं कि हम राजनीतिक लोग नहीं है, हम कारोबार करते हैं। ठग एजेंटों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होनी चाहिए। पंजाब में विदेश जाने का क्रेज आज का नहीं, वर्षों पुराना है। आज पंजाबी कनाडा में अपने नाम का डंका बजा रहे हैं। कनाडा में रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन समेत कई लोगों ने पंजाबी मूल के लोगों का मान बढ़ाया है लेकिन इनकी जीवनी जरूर पढ़नी चाहिए तो पता चलेगा कि सबका कैरियर मेहनत व दिहाड़ी के तौर पर शुरू हुआ है।
बयान देने से पहले सोचना चाहिए
ऑस्ट्रेलियन सिटीजन अंशु बब्बर कहना है कि मलिक को बयान देने से पहले सोचना चाहिए। पहले तो पंजाबी लोग 25-25 लाख देकर विदेशों में अवैध रूप से जाते थे लेकिन अब पंजाबी लोग विदेशी एजुकेशन संचालकों के माध्यम से लीगल तौर पर विदेश में जा रहे हैं। अंशू का कहना है कि वह पहले एक रेस्तरां में किचन में कार्य करता था लेकिन बाद में वह सफलता की सीढियां चढ़ता गया और आज वह खुद का एक बड़ा बिजनेस खड़ा कर चुका है।
गहराई तक मंथन की जरूरत
परसोना कंसलटेंट के हरदीप सिंह का कहना है कि आज के दौर में युवा विदेशों में स्टडी के लिए क्यों जा रहा है, वह क्यों वहां मेहनत कर रहा है, इसकी गहराई तक जाकर मंथन की जरूरत है लेकिन जिंदगी का कैरियर वह शुरू कर रहे हैं। हम राजनीतिक लोग नहीं है लेकिन सरकार को उलटा हमारी पीठ थपथपानी चाहिए कि पंजाब के युवाओं को सुनहरा भविष्य देने में उनकी मदद कर रहे हैं।
कैनवर्ड के संचालक जसपाल सिंह का कहना है कि पंजाब के लोग विदेशों में डंका बजा रहे हैं। हर इंसान मेहनत से सफलता हासिल करता है। सांसद मलिक ने ठग एजेंटों के खिलाफ जो बोला सराहनीय है लेकिन यहां के विद्यार्थी विदेशों में कार चलाकर काम कर रहे हैं, इस पर आपत्ति है। यहां के एमबीबीएस डिग्री होल्डर अमेरिका, कनाडा, यूके में जाकर पार्ट टाइम टैक्सी चलाते हैं और साथ में स्टडी करते हैं।