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चिनाब नदी का पुल सुरंग टी-दो और सुरंग टी-तीन को जोड़ेगा
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फिरोजपुर रेल डिवीजन के अंतर्गत कटड़ा व बनिहाल रेल सेक्शन के बीच बन रहे पुल का चल रहा कार्य।
- फोटो : FIROZPUR
फिरोजपुर। रेल डिवीजन फिरोजपुर के अंतर्गत वैली (जम्मू-कश्मीर) में रेल पटरी बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। ऊधमपुर-श्रीनगर -बारामूला रेल लिंक परियोजना के कटड़ा-बनिहाल रेल सेक्शन के बीच केबल स्टेड अंजी पुल के निर्माण दौरान 27 मार्च को उस समय बड़ी उपलब्धि हासिल हुई, जब 196.25 मीटर लंबे डेक स्लेब कास्टिंग के पहले चरण का कार्य पूरा हो गया। यह जानकारी नॉर्दर्न रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने दी है।
जीएम गंगल ने बताया कि 272 किलोमीटर लंबी ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना, जो ब्रॉडगेज लाइन से जम्मू को कश्मीर से जोड़ेगी। इसमें से 161 किलोमीटर पर रेल पटरी बिछा दी गई है, जबकि शेष 111 किलोमीटर का टुकड़ा बचा है, जिस पर युद्धस्तर पर रेल पटरी बिछाने का कार्य चल रहा है। इस सेक्शन पर अनेक महत्वपूर्ण निर्माण हो रहे हैं। इनमें से एक भारतीय रेलवे के पहले केबल स्टेड अंजी पुल का निर्माण भी शामिल है।
इसका निर्माण अंजी खड्ड नाम की एक गहरी खाई के ऊपर किया जा रहा है। चिनाब नदी पुल के दक्षिण-पूर्व में सुरंग टी-2 और टी-3 के बीच स्थित यह पुल मन्दिरों के नगर कटड़ा को रेल द्वारा जिला मुख्यालय रियाशी से जोड़ेगा। एक केंद्रीय तोरण की धुरी पर टिका अंजी खड्ड पुल एक असममित (एसिमेट्रिकल) केबल स्टेड पुल है। नींव के ऊपर से तोरण (पायलन) की ऊंचाई 193 मीटर है। पुल नदी तल से 331 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
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पुल की कुल लंबाई 726 मीटर है, जबकि मुख्य पुल की लंबाई 473.25 मीटर है । इस पुल को 96 केबलों का सहयोग प्राप्त होगा जिनकी लंबाई 82 मीटर से 295 मीटर तक होगी। तोरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और डेक का निर्माण कार्य चल रहा है। इस डेक में 15 मीटर चौड़े कंपोजिट स्टील गर्डर हैं, जिनकी गहराई 10 मीटर है। पहले चरण में 370 मीट्रिक टन के प्रबलित (रिइन्फोर्स्ड) स्टील और 900 क्यूसिक मीटर कंक्रीट के निरंतर ढलाव वाला 196.25 मीटर लंबे डेक की कास्टिंग का कार्य शामिल है। यह एक कठिन कार्य था, क्योंकि अगले चरण में सेगमेंट डेक बिछाने और उन्हें केबल का सहयोग देने का कार्य किया जाएगा।
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जीएम गंगल ने बताया कि 272 किलोमीटर लंबी ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना, जो ब्रॉडगेज लाइन से जम्मू को कश्मीर से जोड़ेगी। इसमें से 161 किलोमीटर पर रेल पटरी बिछा दी गई है, जबकि शेष 111 किलोमीटर का टुकड़ा बचा है, जिस पर युद्धस्तर पर रेल पटरी बिछाने का कार्य चल रहा है। इस सेक्शन पर अनेक महत्वपूर्ण निर्माण हो रहे हैं। इनमें से एक भारतीय रेलवे के पहले केबल स्टेड अंजी पुल का निर्माण भी शामिल है।
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इसका निर्माण अंजी खड्ड नाम की एक गहरी खाई के ऊपर किया जा रहा है। चिनाब नदी पुल के दक्षिण-पूर्व में सुरंग टी-2 और टी-3 के बीच स्थित यह पुल मन्दिरों के नगर कटड़ा को रेल द्वारा जिला मुख्यालय रियाशी से जोड़ेगा। एक केंद्रीय तोरण की धुरी पर टिका अंजी खड्ड पुल एक असममित (एसिमेट्रिकल) केबल स्टेड पुल है। नींव के ऊपर से तोरण (पायलन) की ऊंचाई 193 मीटर है। पुल नदी तल से 331 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
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पुल की कुल लंबाई 726 मीटर है, जबकि मुख्य पुल की लंबाई 473.25 मीटर है । इस पुल को 96 केबलों का सहयोग प्राप्त होगा जिनकी लंबाई 82 मीटर से 295 मीटर तक होगी। तोरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और डेक का निर्माण कार्य चल रहा है। इस डेक में 15 मीटर चौड़े कंपोजिट स्टील गर्डर हैं, जिनकी गहराई 10 मीटर है। पहले चरण में 370 मीट्रिक टन के प्रबलित (रिइन्फोर्स्ड) स्टील और 900 क्यूसिक मीटर कंक्रीट के निरंतर ढलाव वाला 196.25 मीटर लंबे डेक की कास्टिंग का कार्य शामिल है। यह एक कठिन कार्य था, क्योंकि अगले चरण में सेगमेंट डेक बिछाने और उन्हें केबल का सहयोग देने का कार्य किया जाएगा।