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बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड पर कुंवर विजय बोले- कैप्टन सरकार की संदिग्ध भूमिका के कारण रद्द हुई थी चार्जशीट
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फरीदकोट के बहिबल कलां के इंसाफ मोर्चे में पीड़ित परिवारों से मिलते पूर्व आईजी व विधायक कुंवर विज?
- फोटो : FARIDKOT
फरीदकोट। बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं की एसआईटी के सदस्य रहे सेवामुक्त आईजी व आम आदमी पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बहिबल कलां के इंसाफ मोर्चे में पहुंचकर गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर इन घटनाओं की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने रोष जताया कि इन घटनाओं के 7 साल बीतने पर भी यह तय नहीं हो सका है कि जांच कौन करेगा। इस मौके पर विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि उनकी निगरानी में कोटकपूरा गोलीकांड केस की जांच की गई और अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी, लेकिन मामले में राजनीति होने और तत्कालीन (कैप्टन) सरकार की संदिग्ध भूमिका के कारण उनकी चार्जशीट पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में रद्द हो गई।
इस कारण उन्होंने आईजी पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार ने दोनों घटनाओं की जांच के लिए अलग अलग एसआईटी गठित कर दी थी, लेकिन दोनों ही कुछ नहीं कर रहीं। उलटा एक एसआईटी के प्रमुख ने उन्हें लिखित रूप में पूछा कि प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ क्या सबूत हैं। कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी, बहिबल गोलीकांड केस की एसआईटी से कोई बात शेयर नहीं कर रही। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। एसआईटी का हिस्सा रहे पूर्व आईजी ने कहा कि उनकी जांच बिल्कुल सही थी, लेकिन उसका अदालत में ट्रायल ही नहीं होने दिया। न किसी गवाह को बुलाया और न ही किसी की गवाही हुई फिर किस तरह जांच रिपोर्ट रद्द की गई।
विधायक ने कहा कि इस मामले को लेकर वह दो बार राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर जानकारी दे चुकी है। उन्होंने बहिबल गोलीकांड की जांच को लेकर उच्च न्यायालय में चल रही एक याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि इस केस का भी ट्रायल शुरू हो चुका है, ऐसे में सरकार को ठोस पैरवी करनी चाहिए, ताकि आरोपियों को कोई फायदा न मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि इन घटनाओं में जल्द इंसाफ दिया जाना चाहिए।
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इस कारण उन्होंने आईजी पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार ने दोनों घटनाओं की जांच के लिए अलग अलग एसआईटी गठित कर दी थी, लेकिन दोनों ही कुछ नहीं कर रहीं। उलटा एक एसआईटी के प्रमुख ने उन्हें लिखित रूप में पूछा कि प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ क्या सबूत हैं। कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी, बहिबल गोलीकांड केस की एसआईटी से कोई बात शेयर नहीं कर रही। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। एसआईटी का हिस्सा रहे पूर्व आईजी ने कहा कि उनकी जांच बिल्कुल सही थी, लेकिन उसका अदालत में ट्रायल ही नहीं होने दिया। न किसी गवाह को बुलाया और न ही किसी की गवाही हुई फिर किस तरह जांच रिपोर्ट रद्द की गई।
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विधायक ने कहा कि इस मामले को लेकर वह दो बार राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर जानकारी दे चुकी है। उन्होंने बहिबल गोलीकांड की जांच को लेकर उच्च न्यायालय में चल रही एक याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि इस केस का भी ट्रायल शुरू हो चुका है, ऐसे में सरकार को ठोस पैरवी करनी चाहिए, ताकि आरोपियों को कोई फायदा न मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि इन घटनाओं में जल्द इंसाफ दिया जाना चाहिए।
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