{"_id":"5f6dea9a8ebc3e245c425d31","slug":"celebrated-the-birth-anniversary-of-pandit-deendayal-upadhyay-in-pathankot-pathankot-news-pkl388938895","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई
विज्ञापन
पठानकोट में पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धासुमन अर्पित करते अश्वनी शर्मा व अन्य।
- फोटो : PATHANKOT
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। भाजपा ने शुक्रवार को पठानकोट स्थित दफ्तर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई। मुख्य मेहमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके जीवन के बारे में कार्यकर्ताओं को जानकारी दी।
प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता दिए, जिन्होंने देश को परमाणु शक्ति संपंन देश बनाया। उन्होंने भाजपा की नींव जनसंघ के तौर पर रखी। पंडित दीनदयाल राजनेता होने के साथ-साथ एक पत्रकार और लेखक भी थे, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। दीनदयाल उपाध्याय का कहना था कि हिंदू कोई धर्म या संप्रदाय नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय संस्कृति है।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मूलमंत्र था कि ‘मै तब तक व्यर्थ नहीं बैठ सकता, जब तक कि पंक्ति मे खडे़ आखिरी व्यक्ति का जीवन सर्व सुविधा संपंन नहीं बना देता। इस मौके पर जिला महामंत्री सुरेश शर्मा, विनोद धीमान, मंडल अध्यक्ष शमशेर ठाकुर, संजय, रामपाल विक्की, जोगिंदर शील, विजय काटल व बिंदा सैनी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। भाजपा ने शुक्रवार को पठानकोट स्थित दफ्तर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई। मुख्य मेहमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके जीवन के बारे में कार्यकर्ताओं को जानकारी दी।
प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता दिए, जिन्होंने देश को परमाणु शक्ति संपंन देश बनाया। उन्होंने भाजपा की नींव जनसंघ के तौर पर रखी। पंडित दीनदयाल राजनेता होने के साथ-साथ एक पत्रकार और लेखक भी थे, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। दीनदयाल उपाध्याय का कहना था कि हिंदू कोई धर्म या संप्रदाय नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय संस्कृति है।
विज्ञापन
अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मूलमंत्र था कि ‘मै तब तक व्यर्थ नहीं बैठ सकता, जब तक कि पंक्ति मे खडे़ आखिरी व्यक्ति का जीवन सर्व सुविधा संपंन नहीं बना देता। इस मौके पर जिला महामंत्री सुरेश शर्मा, विनोद धीमान, मंडल अध्यक्ष शमशेर ठाकुर, संजय, रामपाल विक्की, जोगिंदर शील, विजय काटल व बिंदा सैनी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विज्ञापन