{"_id":"646fffae2e8f8df69306ba74","slug":"ban-on-students-from-six-states-including-up-in-two-universities-of-australia-2023-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalandhar : छह राज्यों के छात्रों पर ऑस्ट्रेलिया के दो विश्वविद्यालयों में प्रतिबंध, वीजा दुरुपयोग का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalandhar : छह राज्यों के छात्रों पर ऑस्ट्रेलिया के दो विश्वविद्यालयों में प्रतिबंध, वीजा दुरुपयोग का आरोप
Fri, 26 May 2023 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जालंधर
अमर उजाला नेटवर्क, जालंधर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 26 May 2023 06:09 AM IST
सार
विक्टोरिया स्थित फेडरेशन यूनिवर्सिटी और न्यू साउथ वेल्स स्थित वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को दाखिला न देने का फरमान जारी किया है।
विज्ञापन
वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के दो और नामी विश्वविद्यालयों ने भारत के कई राज्यों के विद्यार्थियों के दाखिले पर प्रतिबंध लगा दिया है। विक्टोरिया स्थित फेडरेशन यूनिवर्सिटी और न्यू साउथ वेल्स स्थित वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को दाखिला न देने का फरमान जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपने एजुकेशन एजेंट्स को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है।
विज्ञापन
पिछले महीने भी पांच विश्वविद्यालयों ने ऐसा ही प्रतिबंध लगाया था। विश्वविद्यालयों का आरोप है कि आवेदक स्टूडेंट वीजा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे पढ़ाई के बजाय नौकरी को अधिक महत्व दे रहे हैं। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के अनुसार उनके यहां पर 2022 में कई भारतीय विद्यार्थियों ने दाखिले लिए, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इससे यूनिवर्सिटी को काफी नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन
रोजगार में बंदिशें बढ़ेंगी
2022 में ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने विदेशी विद्यार्थियों के काम करने पर लगी सीमा को हटा दिया गया था। यानी छात्र कितने घंटे भी काम कर सकते हैं। हालांकि, अब अल्बनीज सरकार फिर से छात्रों के काम करने के समय पर पाबंदी लगाने जा रही है।
विज्ञापन
बीते वर्ष गए थे एक लाख छात्र...
रिपोर्ट्स के अनुसार बीच में पढ़ाई छोड़कर काम करने वाले ज्यादातर विद्यार्थी पंजाब, गुजरात और हरियाणा से हैं। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मुद्रा के अनुसार न्यूनतम श्रमिक दर 1800 रुपये प्रति घंटा है। यह भी एक वजह है कि भारतीय विद्यार्थी वहां नौकरी करने लगते हैं। वहीं, कुछ रोजमर्रा का खर्च निकालने के लिए भी पार्ट टाइम जॉब करते हैं। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में एक लाख के करीब भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए गए थे।