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सेना में भर्ती कराने वाला शातिर गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। जालधर ग्रामीण पुलिस के सीआईए स्टाफ ने पैसे लेकर लिखित टेस्ट पास करवा सेना में भर्ती करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक शातिर को उस समय दबोच जब वह करतारपुर में ठगी के जाल में फंसाने के लिए घूम रहा था। गिरोह का सरगना फरार है।
जालंधर देहात के एसपी जांच मनप्रीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि उनकी टीम ने वीरवार की रात करीब सवा 9 बजे सिनेमा मोड़ करतारपुर में नाकेबंदी कर रखी थी। अमृतसर के थाना घरिंडा के गांव चीचा के रहने वाले संदीप सिंह उर्फ भोलू को गुप्त सूचना के आधार पर रोका गया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह एक गिरोह से संबंधित है। गिरोह सेना में भर्ती होने के इच्छुक लोगों से लिखित टेस्ट पास करवाने के लिए 2 से 3 लाख रुपये लेता है। गिरोह का सरगना अमृतसर के गांव मालोवाल भकना कलां के हरगोबिंद है।
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संदीप भोलू ने खुलासा किया कि गिरोह ने 3 युवकों को इसी तरह सेना में भर्ती करवाया है। यह भर्ती साल 2019 में हुई थी। इसके लिए उन्होंने हर युवक से 2.20 लाख यानी कुल 6.60 लाख रुपये लिए थे। वह ऐसे युवकों को खोजते है जो सेना में भर्ती होना चाहते हैं। फिर उनसे मिलकर सौदेबाजी करता है और लिखित टेस्ट पास करवाने के लिए पैसे लेता है।
आगे का सारा काम हरगोबिंद ही करता है। आगे उसे कौन जानता है? कैसे भर्ती होती थी और इस खेल में और कौन-कौन अधिकारी शामिल है? यह भी हरगोबिंद को ही पता है। एसपी ढिल्लो ने बताया कि हरगोबिंद की तलाश की जा रही हैं।
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जालंधर। जालधर ग्रामीण पुलिस के सीआईए स्टाफ ने पैसे लेकर लिखित टेस्ट पास करवा सेना में भर्ती करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक शातिर को उस समय दबोच जब वह करतारपुर में ठगी के जाल में फंसाने के लिए घूम रहा था। गिरोह का सरगना फरार है।
जालंधर देहात के एसपी जांच मनप्रीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि उनकी टीम ने वीरवार की रात करीब सवा 9 बजे सिनेमा मोड़ करतारपुर में नाकेबंदी कर रखी थी। अमृतसर के थाना घरिंडा के गांव चीचा के रहने वाले संदीप सिंह उर्फ भोलू को गुप्त सूचना के आधार पर रोका गया।
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पूछताछ में उसने बताया कि वह एक गिरोह से संबंधित है। गिरोह सेना में भर्ती होने के इच्छुक लोगों से लिखित टेस्ट पास करवाने के लिए 2 से 3 लाख रुपये लेता है। गिरोह का सरगना अमृतसर के गांव मालोवाल भकना कलां के हरगोबिंद है।
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संदीप भोलू ने खुलासा किया कि गिरोह ने 3 युवकों को इसी तरह सेना में भर्ती करवाया है। यह भर्ती साल 2019 में हुई थी। इसके लिए उन्होंने हर युवक से 2.20 लाख यानी कुल 6.60 लाख रुपये लिए थे। वह ऐसे युवकों को खोजते है जो सेना में भर्ती होना चाहते हैं। फिर उनसे मिलकर सौदेबाजी करता है और लिखित टेस्ट पास करवाने के लिए पैसे लेता है।
आगे का सारा काम हरगोबिंद ही करता है। आगे उसे कौन जानता है? कैसे भर्ती होती थी और इस खेल में और कौन-कौन अधिकारी शामिल है? यह भी हरगोबिंद को ही पता है। एसपी ढिल्लो ने बताया कि हरगोबिंद की तलाश की जा रही हैं।