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दलितों के बहिष्कार पर फूटा गुस्सा
फगवाड़ा।
Updated Fri, 04 Jul 2014 10:41 PM IST
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संगरूर के गांव बाऊपुर में दलित समुदाय दो माह से बहिष्कार किए जाने के विरोध में शुक्रवार को अंबेडकर सेना मूलनिवासी (पंजाब) ने पुतला फूंककर प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को समूह सेना कार्यकर्ता स्थानीय हरगोबिंद नगर स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां से प्रदेश अध्यक्ष हरभजन सुमन की अगुवाई में रोष मार्च करते हुए वे हरगोबिंद नगर चौक जीटी रोड पहुंचे और सीएम का पुतला फूंका। सुमन ने कहा कि करीब दो महा से संगरूर जिले के गांव बाऊपुर में दलित भाईचारे का बहिष्कार हो रहा है।
पुलिस प्रशासन सरकारी दबाव में इस फरमान को जारी करने वाले रसूखदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार दलित हितैषी नहीं है। सुमन ने कहा कि बाऊपुर के दलित परिवार डर के माहौल में गांव छोड़ कर जाने को मजबूर हैं लेकिन सरकार की तरफ से बहिष्कार खत्म करवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाऊपुर में दलितों का बहिष्कार तुरंत खत्म न हुआ और बालद कलां के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज न किया गया तो अंबेडकर सेना मूल निवासी सभी समान विचारधारा के संगठनों को साथ लेकर सड़कों पर उतरेगी। इस दौरान शहरी प्रधान बलविन्द्र बोध, परमिन्द्र बोध, जीवन बोध, पवन बद्धन, जसवीर सरोय, सोनू भुट्टा, डा. जगदीश, अकाश बंगड़, हनी बंगड़, परमजीत सुमन, विजय पंडोरी ब्लाक समिति मेंबर के अलावा विनय, बंटी मौजूद थे।
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शुक्रवार को समूह सेना कार्यकर्ता स्थानीय हरगोबिंद नगर स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां से प्रदेश अध्यक्ष हरभजन सुमन की अगुवाई में रोष मार्च करते हुए वे हरगोबिंद नगर चौक जीटी रोड पहुंचे और सीएम का पुतला फूंका। सुमन ने कहा कि करीब दो महा से संगरूर जिले के गांव बाऊपुर में दलित भाईचारे का बहिष्कार हो रहा है।
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पुलिस प्रशासन सरकारी दबाव में इस फरमान को जारी करने वाले रसूखदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार दलित हितैषी नहीं है। सुमन ने कहा कि बाऊपुर के दलित परिवार डर के माहौल में गांव छोड़ कर जाने को मजबूर हैं लेकिन सरकार की तरफ से बहिष्कार खत्म करवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाऊपुर में दलितों का बहिष्कार तुरंत खत्म न हुआ और बालद कलां के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज न किया गया तो अंबेडकर सेना मूल निवासी सभी समान विचारधारा के संगठनों को साथ लेकर सड़कों पर उतरेगी। इस दौरान शहरी प्रधान बलविन्द्र बोध, परमिन्द्र बोध, जीवन बोध, पवन बद्धन, जसवीर सरोय, सोनू भुट्टा, डा. जगदीश, अकाश बंगड़, हनी बंगड़, परमजीत सुमन, विजय पंडोरी ब्लाक समिति मेंबर के अलावा विनय, बंटी मौजूद थे।