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कोरोना काल के मसीहा : पॉजिटिव मरीजों के दरवाजे तक खाना पहुंचा रही कनाडा की ये संस्था
Tue, 04 May 2021 11:10 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 04 May 2021 11:10 AM IST
सार
कोरोना काल में ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि संक्रमण से पीड़ित परिवारों से अपने और रिश्तेदारों ने किनारा करना शुरू कर दिया है। उन्हें डर है कि कहीं वे भी संक्रमण की चपेट में न आ जाए। इस बीच कनाडा के मिसी सागा के रहने वाले चरणजीव सिंह लाली ने लोगों की मदद का बीड़ा उठाया है।
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जालंधर में कोरोना मरीजों को खाना उपलब्ध करा रही संस्था।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फैलते कोरोना संक्रमण के बीच सेवा के लिए हाथ भी उठने लगे हैं। कनाडा के रहने वाले चरणजीव सिंह लाली व उनकी संस्था कनाडा से आकर सेवा में डटे हैं। संस्था गुरु नानक मिशन नौजवान सभा न केवल कोरोना संक्रमित मरीजों का खाना उनके दरवाजे पर भेज रही है, बल्कि परिजनों को भी यह सेवा दी जा रही है।
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कोरोना काल में ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि संक्रमण से पीड़ित परिवारों से अपने और रिश्तेदारों ने किनारा करना शुरू कर दिया है। उन्हें डर है कि कहीं वे भी संक्रमण की चपेट में न आ जाए। इस बीच कनाडा के मिसी सागा के रहने वाले चरणजीव सिंह लाली ने लोगों की मदद का बीड़ा उठाया है। उनका कहना है कि वह भारत आए हुए हैं और यहां आकर उन्होंने महसूस किया कि कोरोना संक्रमण होने के बाद मरीज को घर पर हेल्दी खाना नहीं मिल पाता।
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वह ताजी सब्जी लेने बाजार नहीं जा पाते। ऐसे में अपनी संस्था के प्रधान संदीप सिंह सन्नी, जसप्रीत सिंह, हरनूर सिंह ने मिलकर फैसला किया कि वह मरीजों को खाना उनके घर के दरवाजे तक पहुंचाएंगे। इसके लिए उन्होंने अपने साथियों के सहयोग से फंड एकत्रित किया और पैक थाली तीन समय मरीज के घर के दरवाजे पर पहुंचा रहे हैं।
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थाली में दलिया, खिचड़ी के अलावा रोटी, हरी सब्जी भी है। रोजाना फोन आ रहे हैं, करीब 200 थाली रोजाना मरीजों के दरवाजे तक पहुंचाकर सेवा की जा रही है। इसके लिए उन्होंने व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रचार शुरू किया और फोन नंबर सार्वजनिक किये हैं। जिन पर मरीज कॉल कर खाना मंगा सकते हैं। तीन दिन पहले शुरू की गई सेवा के साथ लोग भी जुड़ने लगे हैं और कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए हाथ उठने लगे हैं।
सुबह का नाश्ता, दोपहर व रात के भोजन को डिस्पोजल थाली में पैक किया जाता है और पूरी सूची तैयार कर सेवादारों को जिम्मेदारी दी जाती है, जो घरों के दरवाजे पर थाली रखकर कोरोना संक्रमित मरीज को मोबाइल फोन के जरिये बताते हैं कि उनका खाना दरवाजे पर पहुंच चुका है।