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Jalandhar News: ऑपरेशन सिंदूर के बाद युवा पीढ़ी का सेना के प्रति रुझान बढ़ा

Thu, 07 Aug 2025 08:57 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 08:57 PM IST
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After Operation Sindoor, the inclination of the young generation towards the army increased
-विदेश जाने की चाह घटी, छात्रों में देश के लिए कुछ कर दिखाने का बढ़ रहा जज्बा
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सूरज प्रकाश
पठानकोट। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना के प्रयासों से युवाओं का रुझान सेना की ओर बढ़ने लगा है। उनमें विदेश जाने की चाह घट रही है। उनके देश प्रति कुछ कर दिखाने का जज्बा बढ़ रह है। पठानकोट के मामून आर्मी कैंट स्टेशन के अधिकारियों ने युवा पीढ़ी की सोच में बदलाव लाने की शुरुआत स्कूलों से की है। स्कूलों में आपरेशन सिंदूर की कई झलकियां दिखाते हुए युवा पीढ़ी को सेना में जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पठानकोट की सीमा पाकिस्तान से लगती है।
सेना युवाओं को न सिर्फ देश प्रति अच्छे कार्यों में हिस्सा लेने के लिए जागरूक कर रही है बल्कि उन्हें नशे से दूर रखने का भी प्रयास कर रही है। पठानकोट से कई युवा सेना और देश हित में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसलिए पठानकोट मामून मिलिट्री स्टेशन के अधिकारियों ने सरकार का काम खुद करने का जिम्मा उठाया है। इस जागरूकता से जहां युवा पीढ़ी में देश प्रति जज्बा बढ़ने लगा है वहीं वे नशे के दुष्प्रभावों से भी वाफिक हो रहे हैं।
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विदेश नहीं जाएंगे, देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे

एससीएस पठानकोट की 12वीं कक्षा छात्रा शिवांजलि शर्मा कहती है कि आपरेशन सिंदूर के सेमिनार के बाद उसे पता चला है कि भारत सरकार ने किस तरह की टेक्नोलॉजी से दुश्मन को पराजित किया। सेना के जवान खुद को नहीं देश को पहले रखते हैं। जरूरी नहीं है कि हम सेना ही ज्वाइन करें बल्कि देश प्रति और भी जिम्मेदारियां निभा सकते हैं। हम भारतीयों का कर्तव्य बनता है कि हम देश के प्रति जरूर कुछ अच्छा करें। पैसा कमाना ही जिंदगी में जरूरी न समझा जाए। सेना की ओर से प्रेरित करने के बाद छात्रों में एनडीए की पढ़ाई में रुचि बढ़ रही है। पहले विदेश जाने की चाह थी लेकिन अब देश में रह कर ही अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
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अंग्रेजों के गुलाम नहीं बनेंगे
दसवीं कक्षा के छात्र आरवान का कहना है कि वे खुद एनसीसी कैडेट हैं। उनके ग्रुप में करीब 40 एनसीसी कैडेट्स हैं। इनमें आधे से ज्यादा कैडेट सिर्फ यही सोच रहे थे कि एनसीसी करके विदेश चले जाएंगे लेकिन सेना की गतिविधि देखने और समझने के बाद यह पता चला है कि जो देश हमें इतना कुछ दे रहा है, हमें भी उस देश प्रति कुछ करके दिखाना चाहिए। सभी कैडेट्स यही सोचने लगे हैं कि देश हित में ही सेवाएं निभाएंगे। दोबारा अंग्रेजों के गुलाम नहीं बनेंगे। उनके पिता का सपना वे आर्मी में भर्ती होकर पूरा करेंगे।

युवा देश प्रति अपना कर्तव्य निभाएं
सेना अधिकारियों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करने को मिला। देश के युवा देश प्रति अपना कर्तव्य निभाएं यह ज्यादा अच्छा लगता है। युवा पीढ़ी सेना के जज्बे को देख नशे से दूर रहेगी। सेना से जितना बन पाएगा उससे ज्यादा युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए प्रयास होगा क्योंकि पठानकोट बॉर्डर बेल्ट होने से पाकिस्तानी जहां की युवा पीढ़ी को ज्यादा अपने चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश करते हैं। युवा पीढ़ी को सही रास्ता दिखाना सरकार का काम है लेकिन फिर भी सेना देश के नागरिकों प्रति अपना फर्ज निभाने लगी है।
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