Jalandhar: 300 रुपये के लिए मजदूर की हत्या करने के दो आरोपी काबू, शहर छोड़ने की फिराक में थे सभी
गिरफ्तार आरोपियों की उम्र लगभग 30 साल के आसपास है और सभी नशे के आदी हैं। पुलिस ने आरोपियों को कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर स्लिप रोड से गिरफ्तार किया जो शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे जिन्हें अदालत में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
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जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने सिटी रेलवे स्टेशन से पटेल चौक जा रहे प्रवासी मजदूर की दमोरिया पुल के नीचे हुई हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए हत्या के आरोपी दो लुटेरों सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी इन्वेस्टिगेशन जसकिरणजीत सिंह तेजा ने बताया कि 10 फरवरी की रात उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला के गांव तोलोवानी के प्रवीण शुक्ला (28), लल्लू शुक्ला और चाचा दयाराम शुक्ला के साथ जालंधर शहर स्टेशन पर पहुंचे। 10:50 पर ट्रेन से उतरने के बाद 10 मिनट स्टेशन पर विश्राम कर पैदल ही पटेल चौक के लिए निकल लिए। 11:10 पर जैसे ही वे दमोरिया पुल के नीचे पहुंचे तो घात लगाए बैठे नशेड़ी युवकों सुरेश कुमार और रवि दोनों निवासी काजी मंडी ने प्रवासी मजदूरों को घेर लिया। उनका सामान छीन लेने के बाद मारपीट की और प्रवीण शुक्ला की शर्ट की जेब में से 300 रुपये निकाल लिए। विरोध करने पर पीठ और सीने में चाकू मारने के बाद मौके से फरार हो गए थे। घटना के दौरान सहायता के लिए अन्य आरोपी मुरली और बब्बू, मनोज कुमार और रवि भी पुल के नीचे छिपे हुए थे। प्रवीन की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस कमिश्नर ने स्पेशल ऑपरेशन यूनिट और थाना तीन की पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू की। इसके बाद कैमरे में नजर आए लुटेरे काजी मंडी की तरफ जाते दिखे तो पुलिस ने जांच के दौरान लूटपाट कर हत्या करने वाले दो आरोपियों सहित पांचों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की उम्र लगभग 30 साल के आसपास है और सभी नशे के आदी हैं। पुलिस ने आरोपियों को कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर स्लिप रोड से गिरफ्तार किया जो शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे जिन्हें अदालत में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। आरोपियों से पूछताछ में अन्य वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। आरोपियों में मनोज कुमार पर पांच, मुरली पर दो, सुरेश कुमार पर 3 और रवि पर एक मामला दर्ज है।
सुक्खा काहलवां गैंग के तीन शातिर रिवाल्वर और दो तेजधार हथियारों सहित काबू
जालंधर देहात की क्राइम ब्रांच पुलिस ने करतारपुर से गैंगस्टर सुक्खा काहलवां गैंग के 3 शातिरों को एक रिवाल्वर और दो तेजधार हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। एसएसपी देहाती स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच के प्रभारी पुष्प बाली को सूचना मिली थी कि गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निज्झर निवासी गांव जयरामपुर कपूरथला अपने साथियों तलजिंदर सिंह उर्फ मेहर लखन, सुखपाल सिंह उर्फ मंगा, विक्की और सुखपाल सिंह उर्फ मंगा ने मिलकर अलग गैंग बनाया है। इनके पास रिवाल्वर और तेजधार हथियार हैं जिसमें गुरप्रीत सिंह तलजिंदर सिंह और सुखपाल सिंह करतारपुर कपूरथला रोड पर स्थित वेयर हाउस के पीछे बैठ एटीएम लूटने की योजना बना रहे हैं। दूसरे साथी विक्की और नली जो गाड़ी लेकर आ रहे हैं अपने साथियों का इंतजार में हैं।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गैंग के तीन सदस्यों गुरप्रीत, तलजिंदर और सुखपाल सिंह को देसी पिस्टल, दो कारतूस और दो तेजधार हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया। गुरप्रीत उर्फ गोपी निज्झर को गैंगस्टर सुक्खा काहलवां का करीबी माना जाता था और उसके कत्ल का चश्मदीद गवाह भी था जिस पर पहले कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गुरप्रीत ही सुक्खा काहलवां की मौत के बाद गैंग को ऑपरेट करता था और ग्रुप में पोस्ट भी वही डालता है।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूला कि तलजिंदर सिंह जोकि सुखबीर सिंह उर्फ सोखी निवासी गांव पत्तड़ खुर्द हाल वासी यूएसए, जो दोनों सहपाठी हैं, सोखी ने अपनी चचेरे भाई दलजीत सिंह (33) निवासी पत्तड़ खुर्द जोकि वेब डिजाइनिंग का काम करता है को जानी और माली नुकसान पहुंचाने की वीडियो बनाकर भेजने को कहा था जिसके एवज में दो लाख रुपये की डील हुई थी और 40 हजार रुपये एडवांस मिले थे। इस पर तलजिंदर ने अपने दोस्त गैंगस्टर सुक्खा काहलवां गैंग के ऑपरेटर गोपी से मुलाकात की। इसके बाद गांव पत्तड़ खुर्द के ही सुखपाल सिंह से दलजीत की रेकी करवाने के लिए रुपये 25000 की डील हुई थी। इसके बाद सुखपाल ने रेकी कर बताया कि दलजीत रोज सुबह 8 से 9 बजे के करीब घर पत्तड़ खुर्द से गांव पत्तड़ कलां दूध लेने के लिए आता है। हमले से पहले ही पुलिस ने आरोपियों को एटीएम लूट की योजना बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश कर 3 दिन का रिमांड लिया है ताकि अन्य वारदातों का खुलासा हो सके।