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अपने ही जिले में निकायमंत्री चुन्नी लाल व भंडारी हारे
Jalandhar
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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जालंधर। पार्टी के संगठन चुनावों में जिला प्रधान पद की दौड़ में विधायक मनोरंजन कालिया के हाथों पंजाब के निकायमंत्री चुन्नी लाल व सीपीएस भंडारी दोनों हार गए। एक लंबे अर्से के बाद कालिया गुट को ऑक्सीजन मिली है। सर्किट हाउस में रवि महेंद्रू के प्रधान बनते ही कालिया ने उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए और उनके चेहरे की चमक बता रही थी कि वह घर की जंग जीत गए हैं।
जालंधर जिला भाजपा के प्रधान पद का चुनाव दो गुटों में वर्चस्व की जंग को लेकर लड़ा जा रहा था। एक गुट से शिव दयाल चुघ संभावित उम्मीदवार थे, जिनका समर्थन भगत चुन्नी लाल व सीपीएस केडी भंडारी कर रहे थे। वहीं दूसरे गुट से रवि महेंद्रू को समर्थन सिर्फ सेंट्रल से विधायक मनोरंजन कालिया का था। कालिया पिछले कुछ समय से हाशिये पर चल रहे हैं। उनको जीतने के बाद न तो मंत्री बनाया गया और न ही उनकी पसंद का कोई ओहदेदार या मेयर। नगर निगम चुनावों के बाद कालिया ने रवि महेंद्रू को मेयर बनाने के लिए काफी जोड़ तोड़ की, लेकिन उनके कट्टर विरोधी भगत चुन्नी व सीपीएस केडी भंडारी की जोड़ी ने कालिया को हर मोर्चे पर पटखनी दी। मेयर पद पर भंडारी अपने दहिने हाथ सुनील ज्योति को बैठाने में कामयाब हो गए।
रवि महेंद्रू मेयर नहीं बन पाए और यह कालिया के दूसरा बड़ा झटका था। संगठन में रवि ने अपनी रणनीति एक मंजे हुए खिलाड़ी की खेली, उसने पहले सीपीएस केडी भंडारी के विधानसभा क्षेत्र में सेंधमारी की और वहां पर तीनों मंडलों के प्रधान व डेलिगेट्स अपनी मर्जी के बनाने की कोशिश की, जिस कारण तीनों पेंडिंग रह गए। भंडारी के हलके से निश्चिंत होने के बाद कालिया के क्षेत्र में उनको कोई फर्क नहीं था। रवि महेंद्रू ने निकायमंत्री भगत चुन्नी लाल के क्षेत्र में सेंधमारी कर वहां से मंडल प्रधान व डेलिगेट को तोड़कर अपनी तरफ मिला लिया और जीत के लिए अंक हासिल कर लिए।
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जालंधर में कालिया का प्रधान बनने से नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं, अभी तक कालिया के विरोधियों का ही जालंधर में प्रधानगी से लेकर मेयर तक कब्जा था।
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जालंधर जिला भाजपा के प्रधान पद का चुनाव दो गुटों में वर्चस्व की जंग को लेकर लड़ा जा रहा था। एक गुट से शिव दयाल चुघ संभावित उम्मीदवार थे, जिनका समर्थन भगत चुन्नी लाल व सीपीएस केडी भंडारी कर रहे थे। वहीं दूसरे गुट से रवि महेंद्रू को समर्थन सिर्फ सेंट्रल से विधायक मनोरंजन कालिया का था। कालिया पिछले कुछ समय से हाशिये पर चल रहे हैं। उनको जीतने के बाद न तो मंत्री बनाया गया और न ही उनकी पसंद का कोई ओहदेदार या मेयर। नगर निगम चुनावों के बाद कालिया ने रवि महेंद्रू को मेयर बनाने के लिए काफी जोड़ तोड़ की, लेकिन उनके कट्टर विरोधी भगत चुन्नी व सीपीएस केडी भंडारी की जोड़ी ने कालिया को हर मोर्चे पर पटखनी दी। मेयर पद पर भंडारी अपने दहिने हाथ सुनील ज्योति को बैठाने में कामयाब हो गए।
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रवि महेंद्रू मेयर नहीं बन पाए और यह कालिया के दूसरा बड़ा झटका था। संगठन में रवि ने अपनी रणनीति एक मंजे हुए खिलाड़ी की खेली, उसने पहले सीपीएस केडी भंडारी के विधानसभा क्षेत्र में सेंधमारी की और वहां पर तीनों मंडलों के प्रधान व डेलिगेट्स अपनी मर्जी के बनाने की कोशिश की, जिस कारण तीनों पेंडिंग रह गए। भंडारी के हलके से निश्चिंत होने के बाद कालिया के क्षेत्र में उनको कोई फर्क नहीं था। रवि महेंद्रू ने निकायमंत्री भगत चुन्नी लाल के क्षेत्र में सेंधमारी कर वहां से मंडल प्रधान व डेलिगेट को तोड़कर अपनी तरफ मिला लिया और जीत के लिए अंक हासिल कर लिए।
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जालंधर में कालिया का प्रधान बनने से नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं, अभी तक कालिया के विरोधियों का ही जालंधर में प्रधानगी से लेकर मेयर तक कब्जा था।