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चुपके से राजस्व विभाग ने बढ़ा दिए रेट
Jalandhar
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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जालंधर। पंजाब सरकार ने आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राजस्व विभाग की फीस चुपके से बढ़ा दी है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। कई कार्यों की फीस दोगुना तक कर दी गई है। राजस्व विभाग में पिछले छह माह में यह तीसरी बढ़ोतरी है। संभावना है कि आने वाले दिनों में जीपीए से लेकर एसपीए पर भी अतिरिक्त चार्ज देने का फरमान लागू हो सकता है।
शिअद-भाजपा सरकार ने दूसरी पारी की शुरुआत में अप्रैल में पहले अपने क्लेक्टर रेटों में 20 फीसदी बढ़ोतरी की थी। इसका डटकर विरोध हुआ लेकिन सरकार इसे लागू करने में कामयाब हो गई। जमीन की हर खरीद-फरोख्त पर खरीदार पर 20 फीसदी अतिरिक्त बोझ बढ़ गया। इसके बाद अचानक जनरल पावर ऑफ अटार्नी पर लैंड रिकार्ड सोसाइटी की तरफ से एक हजार रुपये बढ़ा दिए गए। पहले एक हजार रुपये लगते थे और बाद में दो हजार कर दिए गए। स्पेशल पावर ऑफ अटार्नी पर 500 रुपये अतिरिक्त लगा दिए गए। अब शुक्रवार को अचानक तीसरी बढ़ी बढ़ोतरी कर दी गई है।
कार्य पुरानी फीस नई फीस
वसीयत एक हजार दो हजार
रजिस्ट्री 30 हजार 50 हजार
(50 लाख तक)
रजिस्ट्री 50 हजार दो लाख
2 करोड़ तक या ऊपर
नकल 100 रुपये 200 रुपये
पेस्टिंग फीस 20 रुपये 100 रुपये
इंतकाल 150 रुपये 300 रुपये
शहरी वर्ग पर बोझ
राजस्व विभाग में फीस की बढ़ोतरी से शहरी वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा क्योंकि पंजाब सरकार को जमीन की खरीद-फरोख्त का रेवेन्यू शहरी सेक्टरों से आता है, जहां रीयल एस्टेट के कारोबार में निवेश होता है।
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सरकार कमर तोड़ रही है : वरिंदर शर्मा
पीपीसीसी सचिव वरिंदर शर्मा का कहना है कि सत्ताधारी शिअद व भाजपा शहरी सेक्टर की कमर तोड़ रही हैं। आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। वसीयत के लिए फीस व इंतकाल के लिए फीस में बढ़ोतरी का असर सीधा गरीब जनता पर पड़ेगा। इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
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शिअद-भाजपा सरकार ने दूसरी पारी की शुरुआत में अप्रैल में पहले अपने क्लेक्टर रेटों में 20 फीसदी बढ़ोतरी की थी। इसका डटकर विरोध हुआ लेकिन सरकार इसे लागू करने में कामयाब हो गई। जमीन की हर खरीद-फरोख्त पर खरीदार पर 20 फीसदी अतिरिक्त बोझ बढ़ गया। इसके बाद अचानक जनरल पावर ऑफ अटार्नी पर लैंड रिकार्ड सोसाइटी की तरफ से एक हजार रुपये बढ़ा दिए गए। पहले एक हजार रुपये लगते थे और बाद में दो हजार कर दिए गए। स्पेशल पावर ऑफ अटार्नी पर 500 रुपये अतिरिक्त लगा दिए गए। अब शुक्रवार को अचानक तीसरी बढ़ी बढ़ोतरी कर दी गई है।
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कार्य पुरानी फीस नई फीस
वसीयत एक हजार दो हजार
रजिस्ट्री 30 हजार 50 हजार
(50 लाख तक)
रजिस्ट्री 50 हजार दो लाख
2 करोड़ तक या ऊपर
नकल 100 रुपये 200 रुपये
पेस्टिंग फीस 20 रुपये 100 रुपये
इंतकाल 150 रुपये 300 रुपये
शहरी वर्ग पर बोझ
राजस्व विभाग में फीस की बढ़ोतरी से शहरी वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा क्योंकि पंजाब सरकार को जमीन की खरीद-फरोख्त का रेवेन्यू शहरी सेक्टरों से आता है, जहां रीयल एस्टेट के कारोबार में निवेश होता है।
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सरकार कमर तोड़ रही है : वरिंदर शर्मा
पीपीसीसी सचिव वरिंदर शर्मा का कहना है कि सत्ताधारी शिअद व भाजपा शहरी सेक्टर की कमर तोड़ रही हैं। आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। वसीयत के लिए फीस व इंतकाल के लिए फीस में बढ़ोतरी का असर सीधा गरीब जनता पर पड़ेगा। इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।