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श्री राम भक्ति करने वाले भक्त हनुमान जी को अतिप्रिय : कमलानंद
Updated Mon, 05 Nov 2018 10:00 PM IST
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श्री राम की भक्ति करने वाले हनुमान जी को अतिप्रिय : कमलानंद
मुक्तसर। श्री राम भवन में सोमवार को श्री हनुमान जयंती उत्सव का आयोजन हुआ। जिसमें देवभूमि हरिद्वार के स्वामी कमलानंद गिरि जी महाराज ने वीर बजरंगी की महिमा का बखान करते हुए कहा कि वीर बजरंगी जैसा श्री राम भक्त व सेवक जगत में न हुआ है न कभी होगा। वीर बजरंग बली अपने आराध्य प्रभु श्री राम चंद्र जी क ी सेवा का कोई मौका नहीं छोड़ा करते थे। वह तो अपने प्रभु की सेवा करने के बहाने ढूंढा करते थे। वह कभी अपने आराध्य से सेवा नहीं पूछते थे बल्कि उनकी सेवा के कार्य ढूंढा करते थे। सच्चा सेवक वही होता है जो अपने गुरु के बिना कुछ बोले ही सब कुछ समझ जाए। हनुमान जी ऐसे ही सेवक थे जो प्रभु श्री राम चंद्र जी के मन की इच्छा को पहले ही भांप कर उनके बिना कुछ कहे ही उस इच्छा को पूर्ण करने को तैयार रहते थे। इस दौरान मंदिर प्रांगण वीर बजरंगी के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर का माहौल भक्तिमय हुआ नजर आ रहा था। श्रद्धालुओं ने श्री हनुमान चालीसा एवं श्री सुंदर कांड पाठ भी किए।
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मुक्तसर। श्री राम भवन में सोमवार को श्री हनुमान जयंती उत्सव का आयोजन हुआ। जिसमें देवभूमि हरिद्वार के स्वामी कमलानंद गिरि जी महाराज ने वीर बजरंगी की महिमा का बखान करते हुए कहा कि वीर बजरंगी जैसा श्री राम भक्त व सेवक जगत में न हुआ है न कभी होगा। वीर बजरंग बली अपने आराध्य प्रभु श्री राम चंद्र जी क ी सेवा का कोई मौका नहीं छोड़ा करते थे। वह तो अपने प्रभु की सेवा करने के बहाने ढूंढा करते थे। वह कभी अपने आराध्य से सेवा नहीं पूछते थे बल्कि उनकी सेवा के कार्य ढूंढा करते थे। सच्चा सेवक वही होता है जो अपने गुरु के बिना कुछ बोले ही सब कुछ समझ जाए। हनुमान जी ऐसे ही सेवक थे जो प्रभु श्री राम चंद्र जी के मन की इच्छा को पहले ही भांप कर उनके बिना कुछ कहे ही उस इच्छा को पूर्ण करने को तैयार रहते थे। इस दौरान मंदिर प्रांगण वीर बजरंगी के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर का माहौल भक्तिमय हुआ नजर आ रहा था। श्रद्धालुओं ने श्री हनुमान चालीसा एवं श्री सुंदर कांड पाठ भी किए।