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सरकार की बेरुखी भरे रवैये खिलाफ गरजे मिनी सचिवालय कर्मी
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:24 PM IST
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सरकार पर बरसे कर्मचारी, नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
प्रदेश सरकार की ओर से मानी गईं मांगों को लागू न करने और मिनी सचिवालय कर्मियों के साथ पक्षपात का रवैया अपनाने के विरोध में कर्मचारियों ने हड़ताल के दूसरे दिन भी गेट रैली की। पंजाब राज्य जिला डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की सूबा बॉडी के आह्वान पर चल रहे इस संघर्ष के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कर्मचारियों ने संघर्ष के दूसरे दिन भी दफ्तरी कामकाज ठप कर कलम छोड़ हड़ताल की।
जिला अध्यक्ष वरिंदर ढ़ोसीवाल ने कहा कि डीआरओ से नायब तहसीलदार की पदोन्नति का कोटी दो प्रतिशत था। इस बाबत यूनियन ने सरकार से ये कोटा बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की मांग की थी। कैबिनेट बैठक में सरकार ने दो प्रतिशत कोटा खत्म भी कर दिया था। जिस कारण कर्मचारियों के नायब तहसीलदार के तौर पर पदोन्नति के मौके खत्म हो गए हैं। सरकार की इस बेरुखी के चलते कर्मचारियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। मांगें न मानी गईं तो संघर्ष तेज किया जाएगा। मौके पर नछत्तर सिंह, जगतार सिंह, भोला राम, कुलदीप सिंह, राजिंदर सिंह, सिमरनजीत सिंह, भूपिंदर सिंह, दीपक कुमार, नसीब कौर, गुरदीप कौर, बलजीत कौर उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
प्रदेश सरकार की ओर से मानी गईं मांगों को लागू न करने और मिनी सचिवालय कर्मियों के साथ पक्षपात का रवैया अपनाने के विरोध में कर्मचारियों ने हड़ताल के दूसरे दिन भी गेट रैली की। पंजाब राज्य जिला डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की सूबा बॉडी के आह्वान पर चल रहे इस संघर्ष के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कर्मचारियों ने संघर्ष के दूसरे दिन भी दफ्तरी कामकाज ठप कर कलम छोड़ हड़ताल की।
जिला अध्यक्ष वरिंदर ढ़ोसीवाल ने कहा कि डीआरओ से नायब तहसीलदार की पदोन्नति का कोटी दो प्रतिशत था। इस बाबत यूनियन ने सरकार से ये कोटा बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की मांग की थी। कैबिनेट बैठक में सरकार ने दो प्रतिशत कोटा खत्म भी कर दिया था। जिस कारण कर्मचारियों के नायब तहसीलदार के तौर पर पदोन्नति के मौके खत्म हो गए हैं। सरकार की इस बेरुखी के चलते कर्मचारियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। मांगें न मानी गईं तो संघर्ष तेज किया जाएगा। मौके पर नछत्तर सिंह, जगतार सिंह, भोला राम, कुलदीप सिंह, राजिंदर सिंह, सिमरनजीत सिंह, भूपिंदर सिंह, दीपक कुमार, नसीब कौर, गुरदीप कौर, बलजीत कौर उपस्थित थे।
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