{"_id":"5c8a8735bdec22143c034767","slug":"71552582453-jalandhar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम में नमी से होगा गेहूं का बम्पर उत्पादन-जिला कृषि अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम में नमी से होगा गेहूं का बम्पर उत्पादन-जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम में नमी से होगी गेहूं की बंपर फसल: जिला कृषि अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। जनवरी अंत से लेकर मध्य मार्च तक मौसम में लगातार आ रही नमी से गेहूं की पैदावार बंपर होने की संभावना है। हालांकि लगातार बादल छाए रहने से फसलों में तेला और चेपा जैसी बीमारियाें का भी खतरा है। जिससे बचाव के लिए किसान फसलों पर लगातार नजर बनाए रखें। यह बात जिला कृषि अधिकारी गुरमेल सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि नरमा पट्टी पर आधारित अबोहर क्षेत्र में गेहूं की पछेती फसल पैदा होती है। इसलिए मौजूद समय में ठंडा मौसम इस फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने मौसम विभाग के हवाले से बताया कि 15 व 16 मार्च को फिर बरसात की संभावना है। जिससे पछेती गेहूं की फसल को पूरा लाभ होगा। साथ ही उन्होंने किसानों को आगाह किया है कि वे फसलों पर पूरी नजर रखें, क्योंकि ऐसे मौसम में तेला और चेपा जैसी बीमारियां पैदा हो सकती है। सरसों, चना और मटर जैसी तिलहनी और दलहनी फसलों के बारे में गुरमेल सिंह ने बताया कि मार्च में मौसम की नमी इन फसलों के लिए कुछ नुकसानदेह हो सकती है। लेकिन अधिकतर फसलों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष करीब दो माह से रुक- रुककर हो रही हल्की बरसात से रबी की फसल के लिए लाभदायक है। ऐसा पिछले कई वर्षों बाद देखने को मिला है। क्योंकि अक्सर मार्च में शुरू होने वाली गर्मी पछेती गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक होती थी। इसके असर से गेहूं के पत्ते पीले पड़ने लगते थे और उत्पादन पर भी भारी विपरीत असर पड़ता था। लेकिन इस बार का मौसम किसानों पर मेहरबान दिखाई दे रहा है।
इस समाचार की फोटो एबीआर 3 भेजी जा रही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। जनवरी अंत से लेकर मध्य मार्च तक मौसम में लगातार आ रही नमी से गेहूं की पैदावार बंपर होने की संभावना है। हालांकि लगातार बादल छाए रहने से फसलों में तेला और चेपा जैसी बीमारियाें का भी खतरा है। जिससे बचाव के लिए किसान फसलों पर लगातार नजर बनाए रखें। यह बात जिला कृषि अधिकारी गुरमेल सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि नरमा पट्टी पर आधारित अबोहर क्षेत्र में गेहूं की पछेती फसल पैदा होती है। इसलिए मौजूद समय में ठंडा मौसम इस फसल के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने मौसम विभाग के हवाले से बताया कि 15 व 16 मार्च को फिर बरसात की संभावना है। जिससे पछेती गेहूं की फसल को पूरा लाभ होगा। साथ ही उन्होंने किसानों को आगाह किया है कि वे फसलों पर पूरी नजर रखें, क्योंकि ऐसे मौसम में तेला और चेपा जैसी बीमारियां पैदा हो सकती है। सरसों, चना और मटर जैसी तिलहनी और दलहनी फसलों के बारे में गुरमेल सिंह ने बताया कि मार्च में मौसम की नमी इन फसलों के लिए कुछ नुकसानदेह हो सकती है। लेकिन अधिकतर फसलों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष करीब दो माह से रुक- रुककर हो रही हल्की बरसात से रबी की फसल के लिए लाभदायक है। ऐसा पिछले कई वर्षों बाद देखने को मिला है। क्योंकि अक्सर मार्च में शुरू होने वाली गर्मी पछेती गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक होती थी। इसके असर से गेहूं के पत्ते पीले पड़ने लगते थे और उत्पादन पर भी भारी विपरीत असर पड़ता था। लेकिन इस बार का मौसम किसानों पर मेहरबान दिखाई दे रहा है।
इस समाचार की फोटो एबीआर 3 भेजी जा रही है।