{"_id":"5f82fe678ebc3e5be4509d71","slug":"45-thousand-liters-of-raw-liquor-caught-from-sutlej-river-in-ferozepur-firozpur-news-pkl3905914165","type":"story","status":"publish","title_hn":"सतलुज दरिया से 45 हजार लीटर कच्ची दारू पकड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सतलुज दरिया से 45 हजार लीटर कच्ची दारू पकड़ी
विज्ञापन
फिरोजपुर में सतलुज दरिया के टापू से पकड़ी गई कच्ची दारू व अन्य सामग्री के साथ मौजूद पुलिस और आबका?
- फोटो : FIROZPUR
आबकारी विभाग और पुलिस ने छापा मारकर सतलुज दरिया से 45000 लीटर कच्ची दारू के अलावा तिरपाल और अन्य सामग्री पकड़ी है। पुलिस को देखकर आरोपी भागने में कामयाब हो गए। थाना सदर पुलिस ने रविवार को सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आबकारी विभाग के एएसआई भूपिंदर सिंह के अनुसार वह पुलिस के साथ सतलुज दरिया के बांध पर गश्त करते हुए सीमांत गांव अलीके के पास बनी पीर बलावर की दरगाह के पास मौजूद थे। इस दौरान मुखबिर ने गुप्त सूचना दी कि दरिया के बीच बने टापू में तिरपालों में भरी हुई कच्ची दारू रखी है। आरोपी किश्तियों के जरिये कच्ची दारू लेने के लिए गए हैं। यदि वहां पर छापा मारा जाए तो भारी मात्रा में कच्ची दारू व अन्य सामान बरामद हो सकता है।
इस पर उन्होंने पुलिस पार्टी ने उक्त टापू पर छापा मारा। वहां से तिरपालों में भरी 45000 लीटर कच्ची दारू बरामद की। पुलिस को टापू पर आते हुए देख आरोपी किश्तियों के जरिये भागने में कामयाब हो गए। थाना सदर पुलिस ने आरोपी काली, बीरू, काला, दारा, कैली, कुलवंत व मेजर निवासी गांव अलीके के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
गांव अलीके के लोग तैयार कर रहे हैं कच्ची दारू
पुलिस ने लगभग पंद्रह दिनों के भीतर गांव अलीके साथ बह रहे सतलुज दरिया से तकरीबन दो लाख पचास हजार लीटर कच्ची दारू पकड़ी है। इसके अलावा 85 से ज्यादा तिरपाल, अवैध शराब की 700 बोतलें बरामद की हैं। जानकारों का कहना है कि सीमांत गांव अलीके के ज्यादातर लोग कच्ची दारू बनाते हैं। तरनतारन, अमृतसर और बटाला में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत के बाद से पुलिस और आबकारी विभाग कच्ची दारू पकड़ने में लगी है। इसके बावजूद फिरोजपुर के हुसैनीवाला बार्डर से सटे सीमांत गांवों में कच्ची दारू बनाने का धंधा बंद नहीं हुआ है।
विज्ञापन
आबकारी विभाग के एएसआई भूपिंदर सिंह के अनुसार वह पुलिस के साथ सतलुज दरिया के बांध पर गश्त करते हुए सीमांत गांव अलीके के पास बनी पीर बलावर की दरगाह के पास मौजूद थे। इस दौरान मुखबिर ने गुप्त सूचना दी कि दरिया के बीच बने टापू में तिरपालों में भरी हुई कच्ची दारू रखी है। आरोपी किश्तियों के जरिये कच्ची दारू लेने के लिए गए हैं। यदि वहां पर छापा मारा जाए तो भारी मात्रा में कच्ची दारू व अन्य सामान बरामद हो सकता है।
विज्ञापन
इस पर उन्होंने पुलिस पार्टी ने उक्त टापू पर छापा मारा। वहां से तिरपालों में भरी 45000 लीटर कच्ची दारू बरामद की। पुलिस को टापू पर आते हुए देख आरोपी किश्तियों के जरिये भागने में कामयाब हो गए। थाना सदर पुलिस ने आरोपी काली, बीरू, काला, दारा, कैली, कुलवंत व मेजर निवासी गांव अलीके के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
गांव अलीके के लोग तैयार कर रहे हैं कच्ची दारू
पुलिस ने लगभग पंद्रह दिनों के भीतर गांव अलीके साथ बह रहे सतलुज दरिया से तकरीबन दो लाख पचास हजार लीटर कच्ची दारू पकड़ी है। इसके अलावा 85 से ज्यादा तिरपाल, अवैध शराब की 700 बोतलें बरामद की हैं। जानकारों का कहना है कि सीमांत गांव अलीके के ज्यादातर लोग कच्ची दारू बनाते हैं। तरनतारन, अमृतसर और बटाला में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत के बाद से पुलिस और आबकारी विभाग कच्ची दारू पकड़ने में लगी है। इसके बावजूद फिरोजपुर के हुसैनीवाला बार्डर से सटे सीमांत गांवों में कच्ची दारू बनाने का धंधा बंद नहीं हुआ है।