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मध्य प्रदेश में मारे किसानों को इंसाफ देने की मांग
Updated Fri, 16 Jun 2017 09:15 PM IST
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किसानों ने कोटकपूरा बाईपास तीन घंटे किया जाम
मध्य प्रदेश में मारे किसानों को इंसाफ देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
भारतीय किसान यूनियन (कदियां) की ओर से मध्य प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों को इंसाफ दिलाने की मांग पर शुक्रवार को कोटकपूरा बाईपास पर जाम लगाया गया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
किसानों ने 12 बजे से 3 बजे तक तीन घंटे तक यातायात ठप्प रखा। इस दौरान मुक्तसर के अध्यक्ष जगदेव सिंह कानियांवाली व फाजिल्का के अध्यक्ष बुधराम बिश्नोई ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को हक देने के बजाय उनकी आवाज दबाने पर तुली हुई है, लेकिन ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं हो पाएगा।
किसान अपनी मांगों पर संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ेंगे। मास्टर बूटा सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों के प्रति विचार न किया गया तो वे संघर्ष तेज करेंगे। किसानों की कमजोर आर्थिकता की वजह से देश को अनाज की कमी का सामना भी करना पड़ सकता है। इस दौरान उन्होंने किसानों के ऋण माफ करने, शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले किसानों पर गोली चलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मध्य प्रदेश सरकार को भंग कर गवर्नर राज्य स्थापित करने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) की ओर से भी बठिंडा रोड पर यादगारी गेट के सामने यातायात ठप कर प्रदर्शन किया गया। किसानों ने मध्य प्रदेश में गोली चलाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने, किसानों के ऋण माफ करने, डॉ. स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई।
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मध्य प्रदेश में मारे किसानों को इंसाफ देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
भारतीय किसान यूनियन (कदियां) की ओर से मध्य प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों को इंसाफ दिलाने की मांग पर शुक्रवार को कोटकपूरा बाईपास पर जाम लगाया गया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
किसानों ने 12 बजे से 3 बजे तक तीन घंटे तक यातायात ठप्प रखा। इस दौरान मुक्तसर के अध्यक्ष जगदेव सिंह कानियांवाली व फाजिल्का के अध्यक्ष बुधराम बिश्नोई ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को हक देने के बजाय उनकी आवाज दबाने पर तुली हुई है, लेकिन ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं हो पाएगा।
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किसान अपनी मांगों पर संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ेंगे। मास्टर बूटा सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों के प्रति विचार न किया गया तो वे संघर्ष तेज करेंगे। किसानों की कमजोर आर्थिकता की वजह से देश को अनाज की कमी का सामना भी करना पड़ सकता है। इस दौरान उन्होंने किसानों के ऋण माफ करने, शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले किसानों पर गोली चलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मध्य प्रदेश सरकार को भंग कर गवर्नर राज्य स्थापित करने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) की ओर से भी बठिंडा रोड पर यादगारी गेट के सामने यातायात ठप कर प्रदर्शन किया गया। किसानों ने मध्य प्रदेश में गोली चलाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने, किसानों के ऋण माफ करने, डॉ. स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई।
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