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High Court: दिव्यांग कर्मचारियों की 32 याचिकाएं खारिज, 60 साल की सेवा को लेकर सुनाया ये फैसला
Fri, 17 Jul 2026 10:17 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Fri, 17 Jul 2026 10:17 PM IST
सार
हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों की 60 वर्ष तक सेवा जारी रखने की मांग वाली 32 याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज की हैं।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों की 60 वर्ष तक सेवा जारी रखने की मांग वाली 32 याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 58 वर्ष की आयु के बाद सेवा जारी रखने का कोई अधिकार नहीं है। यह फैसला हरियाणा सिविल सेवा (जनरल) नियम, 2016 में हुए संशोधन के बाद आया है।
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जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकलपीठ ने कहा कि यह मुद्दा पहले ही डिवीजन बेंच के फैसले से तय हो चुका है। याचिकाकर्ताओं ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत 60 वर्ष तक सेवा का अधिकार मांगा था। उनका तर्क था कि बाद के संशोधन से पहले से प्राप्त अधिकार समाप्त नहीं किए जा सकते।
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हरियाणा सरकार ने बताया कि संशोधित नियम सभी मौजूदा कर्मचारियों पर लागू होते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-309 के तहत राज्य सरकार को सेवानिवृत्ति की आयु बदलने का अधिकार है। किसी कर्मचारी को निश्चित आयु तक सेवा जारी रखने का निहित अधिकार प्राप्त नहीं होता।
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अंतरिम राहत
कोर्ट ने उन कर्मचारियों को राहत दी है जिन्होंने अंतरिम आदेश के कारण 58 वर्ष के बाद भी सेवा की। उनकी उस अवधि का वेतन, पेंशन और अन्य सेवा लाभ सुरक्षित रहेंगे। सक्षम प्राधिकारी प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर कानून के अनुसार निर्णय करेगा। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने सभी 32 याचिकाओं का निपटारा कर दिया।