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एसआईटी के समक्ष पेश हुए डॉ.दलजीत सिंह चीमा
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एसआईटी के समक्ष पेश हुए डॉ. दलजीत सिंह चीमा
एसआईटी की ओर से पूछे गए सवालों के बारे में नहीं दी जानकारी
श्री अकाल तख्त साहिब से डेरा प्रमुख को माफी दिलाने के मामले में पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी की ओर से तलब किए जाने पर राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री व शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा शनिवार को फरीदकोट स्थित एसआईटी के कैंप आफिस में पेश हुए। इस दौरान एसआईटी के सदस्य और आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में सवा घंटे तक डॉ. चीमा से पूछताछ की गई। पेशी के बाद डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने एसआईटी की ओर से पूछे गए सवालों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन सूत्रों का दावा है कि एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब से माफी देने के मामले में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई है।
जानकारी के अनुसार बेअदबी की घटनाओं की जांच के लिए पंजाब सरकार द्वारा गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग के पास श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह के भाई हिम्मत सिंह ने खुलासा किया था कि डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को माफी देने के लिए बादल परिवार ने तख्तों के जत्थेदारों को अपने घर बुलाया था, जिसमें दलजीत सिंह चीमा भी हाजिर थे। उन्होंने ही डेरा प्रमुख का माफीनामा वाला पत्र पढ़कर सुनाया था। इसी को आधार बनाकर एसआईटी ने डॉ. दलजीत सिंह चीमा को पूछताछ के लिए तलब किया था। पेशी के बाद डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने एसआईटी के सवालों के बारे में कोई जानकारी देने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि शिअद द्वारा एसआईटी को जांच में सहयोग दिया जा रहा है, जिसके तहत ही वह उनके बुलावे पर यहां पहुंचे हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार हर फ्रंट पर फेल हो चुकी है और अपनी नाकामी छिपाने के लिए वह बिना वजह से मुद्दे उठाकर अकाली दल को बदनाम करने की साजिशें रच रहे है। इस मामले में एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि गोलीकांड की घटनाओं में अब तक एसआईटी द्वारा करीब 200 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चीमा ने पूछताछ में पूरा सहयोग किया। हाईकोर्ट से इजाजत मिलने के बाद एसआईटी द्वारा इस घटनाओं के संदर्भ में जिला व सेशन कोर्ट फरीदकोट के पास चालान पेश कर दिया जाएगा।
फोटो 29एफआरडीपी01
फरीदकोट स्थित एसआईटी के कैंप आफिस में पेश होने पहुंचे पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा
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एसआईटी के समक्ष पेश हुए डॉ. दलजीत सिंह चीमा
एसआईटी की ओर से पूछे गए सवालों के बारे में नहीं दी जानकारी
श्री अकाल तख्त साहिब से डेरा प्रमुख को माफी दिलाने के मामले में पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी की ओर से तलब किए जाने पर राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री व शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा शनिवार को फरीदकोट स्थित एसआईटी के कैंप आफिस में पेश हुए। इस दौरान एसआईटी के सदस्य और आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में सवा घंटे तक डॉ. चीमा से पूछताछ की गई। पेशी के बाद डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने एसआईटी की ओर से पूछे गए सवालों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन सूत्रों का दावा है कि एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब से माफी देने के मामले में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई है।
जानकारी के अनुसार बेअदबी की घटनाओं की जांच के लिए पंजाब सरकार द्वारा गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग के पास श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह के भाई हिम्मत सिंह ने खुलासा किया था कि डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को माफी देने के लिए बादल परिवार ने तख्तों के जत्थेदारों को अपने घर बुलाया था, जिसमें दलजीत सिंह चीमा भी हाजिर थे। उन्होंने ही डेरा प्रमुख का माफीनामा वाला पत्र पढ़कर सुनाया था। इसी को आधार बनाकर एसआईटी ने डॉ. दलजीत सिंह चीमा को पूछताछ के लिए तलब किया था। पेशी के बाद डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने एसआईटी के सवालों के बारे में कोई जानकारी देने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि शिअद द्वारा एसआईटी को जांच में सहयोग दिया जा रहा है, जिसके तहत ही वह उनके बुलावे पर यहां पहुंचे हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार हर फ्रंट पर फेल हो चुकी है और अपनी नाकामी छिपाने के लिए वह बिना वजह से मुद्दे उठाकर अकाली दल को बदनाम करने की साजिशें रच रहे है। इस मामले में एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि गोलीकांड की घटनाओं में अब तक एसआईटी द्वारा करीब 200 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चीमा ने पूछताछ में पूरा सहयोग किया। हाईकोर्ट से इजाजत मिलने के बाद एसआईटी द्वारा इस घटनाओं के संदर्भ में जिला व सेशन कोर्ट फरीदकोट के पास चालान पेश कर दिया जाएगा।
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फोटो 29एफआरडीपी01
फरीदकोट स्थित एसआईटी के कैंप आफिस में पेश होने पहुंचे पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा