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उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होते लोग-खारीवाल

Fri, 15 Mar 2019 10:15 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Fri, 15 Mar 2019 10:15 PM IST
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उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होते लोग-खारीवाल
‘उपभोक्ता अधिकारों से अनजान हैं लोग’
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अबोहर में विश्व उपभोक्ता दिवस पर सेमीनार एवं प्रदर्शनी आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। वर्ष 1986 में पारित हुए उपभोक्ता अधिकार संरक्षण अधिनियम से अभी तक केवल एक-दो प्रतिशत लोग ही जागरूक हुए हैं। यह बात उपभोक्ता आंदोलन के चेयरमेन सतपाल खारीवाल ने कही। वह शुक्रवार को भारत सरकार के कृषि एवं कल्याण मंत्रालय ए विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय की ओर सेअबोहर पैलेस में आयोजित सेमीनार एवं प्रदर्शनी को संबोधित कर रहे थे। पूर्व एसडीएम बी.एल. सिक्का व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमनदीप धालीवाल ने बतौर अतिथि शिरकत की।
खारीवाल ने कहा कि सरसों के तेल में सबसे अधिक मिलावट अबोहर में होती है।न कोई भी ग्राहक इसके बारे में आवाज उठाने को तैयार नहीं है। उन्होंने गृहणियों से अपील की कि वह खाद्य पदार्थ गुणवत्ता प्रमाणित मार्का के ही प्रयोग करें। हॉलमार्क ज्वैलरी ही खरीदें, क्योंकि आमतौर पर सोने में खोट का पता नहीं चलता।
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उद्योगपति नरेशपाल बांसल ने कहा कि लोगों को शुद्ध सरसों का तेल उपलब्ध करवाने के लिए उन्होंने कच्ची घानी का प्रोजैक्ट लगाया। उम्मीद के अनुसार लोगों ने सहयोग नहीं दिया। कृषि विभाग बठिंडा के एएमओ सुरेश कुमार गोयल ने सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। एगमार्क उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर वरिष्ठ विपणन निदेशालय अधिकारी संजय मेहरा, रिटायर्ड अधिकारी सी.एम. गिरधर, एडवोकेट देसराज कंबोज, उपभोक्ता, ग्राहक पंचायत के चेयरमैन एडवोकेट आनंद गुप्ता, फाजिल्का बार एसोसिएशन के सीनियर सदस्य एडवोकेट उमेश कुक्कड़, एडवोकेट प्रकाश मक्कड़, एडवोकेट साहिब राम, बलजिंद्र सिंह, सुभाष चंद्र, बलवीर चंद मौजूद थे।
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‘लावारिस पशुओं से हादसे पर मुआवजा लें’
खारीवाल ने कहा कि अबोहर में लावारिस पशुओं से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी हैं और सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं। अपने अधिकारों से अनभिज्ञ किसी ने भी इस मुद्दे पर सरकारी विभाग को अदालत में चुनौती नहीं दी। खारीवाल ने बताया लवारिस पशु की टक्कर में घायल या मृत व्यक्ति के बारे में नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ याचिका दायर की जाए तो मुआवजा लिया जा सकता है।
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