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चैकिंग से घबराए अध्यापकों ने की बच्चों से स्कूल आने की अपील
Updated Sun, 01 Jul 2018 10:00 PM IST
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चेकिंग से घबराए अध्यापकों ने की बच्चों से स्कूल आने की अपील
सोशल मीडिया पर जारी पत्र में अध्यापकों ने की गुजारिश
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। शिक्षा विभाग की तरफ से छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले ही दिन होने वाली चेकिंग की खबर ने अध्यापकों को परेशानी में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर इस संबंधी वायरल हो रहे पंजाबी में लिखे एक पत्र में यह दर्शाया गया है कि शिक्षा विभाग की तरफ से छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले दिन चेकिंग की जा सकती है। शिक्षा सचिव की तरफ से अध्यापकों को चेकिंग की चेतावनी को लेकर लिखे इस पत्र के कारण अध्यापकों में रोष है। मामले के अनुसार सोशल मीडिया पर बेनामी रूप से जारी हुए एक पब्लिक नोटिस में समूह सरकारी अध्यापक अपने छात्रों से अपील करते हुए उन्हें छुट्टियों के बाद 2 जुलाई को हर हाल में स्कूल आने की अपील कर रहे हैं।
जारी नोटिस जो कि पंजाबी में हैं में कहा गया है कि ‘‘सरकारी स्कूलों में पढ़दे सारे विद्यार्थियों नू बेनती है कि तिथि 2 जुलाई नू गर्मियों की छुट्टियां दे बाद स्कूल खुल रहे हन। इस लई आप नूं बेनती है कि इस तिथि नूं समय सिर स्कूल पुज्जो। इस दिन विभाग वालों छापेमारी कीती जानी है। जे तुसी स्कूल ना पहुंचे तां विभाग ने सानू सूली टंग देना है। तुहाढे अध्यापकां दी इज्जत हुण तुहाढे हथ है। ईस लई सारे सरकारी अध्यापक आपजी नू हथ जोड़के बेनती करदे हण की 2 जुलाई नू स्कूल जरूर पहुंचो।’’
अध्यापकों का कहना है कि वह स्कूलों में कोई नशा नहीं बेच रहे हैं। उनकी ड्यूटी बच्चों को पढ़ाने की है। वह अपनी ड्यूटी ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं। ऐसे में शिक्षा सचिव की तरफ से अध्यापकों को चेकिंग का डर दिखाना उनकी विभाग के प्रति ईमानदारी पर सवाल खड़ा कर रहा है।
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सोशल मीडिया पर जारी पत्र में अध्यापकों ने की गुजारिश
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। शिक्षा विभाग की तरफ से छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले ही दिन होने वाली चेकिंग की खबर ने अध्यापकों को परेशानी में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर इस संबंधी वायरल हो रहे पंजाबी में लिखे एक पत्र में यह दर्शाया गया है कि शिक्षा विभाग की तरफ से छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले दिन चेकिंग की जा सकती है। शिक्षा सचिव की तरफ से अध्यापकों को चेकिंग की चेतावनी को लेकर लिखे इस पत्र के कारण अध्यापकों में रोष है। मामले के अनुसार सोशल मीडिया पर बेनामी रूप से जारी हुए एक पब्लिक नोटिस में समूह सरकारी अध्यापक अपने छात्रों से अपील करते हुए उन्हें छुट्टियों के बाद 2 जुलाई को हर हाल में स्कूल आने की अपील कर रहे हैं।
जारी नोटिस जो कि पंजाबी में हैं में कहा गया है कि ‘‘सरकारी स्कूलों में पढ़दे सारे विद्यार्थियों नू बेनती है कि तिथि 2 जुलाई नू गर्मियों की छुट्टियां दे बाद स्कूल खुल रहे हन। इस लई आप नूं बेनती है कि इस तिथि नूं समय सिर स्कूल पुज्जो। इस दिन विभाग वालों छापेमारी कीती जानी है। जे तुसी स्कूल ना पहुंचे तां विभाग ने सानू सूली टंग देना है। तुहाढे अध्यापकां दी इज्जत हुण तुहाढे हथ है। ईस लई सारे सरकारी अध्यापक आपजी नू हथ जोड़के बेनती करदे हण की 2 जुलाई नू स्कूल जरूर पहुंचो।’’
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अध्यापकों का कहना है कि वह स्कूलों में कोई नशा नहीं बेच रहे हैं। उनकी ड्यूटी बच्चों को पढ़ाने की है। वह अपनी ड्यूटी ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं। ऐसे में शिक्षा सचिव की तरफ से अध्यापकों को चेकिंग का डर दिखाना उनकी विभाग के प्रति ईमानदारी पर सवाल खड़ा कर रहा है।
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