जालंधर। जालंधर जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। नौ हजार पुलिस जवानों के कंधों पर शांतिपूर्वक मतदान की जिम्मेदारी है। सभी विधानसभा क्षेत्रों के 1975 पोलिंग स्टेशनों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 2125 वेबकास्टिंग कैमरे लगाए गए हैं। इनका कंट्रोल चुनाव आयोग के पास होगा और जिला प्रशासन के पास इसका एक्सेस होगा। पोलिंग बूथों के 100 मीटर के घेरे अंदर चुनाव प्रचार करने की इजाजत नहीं होगी। जिला जालंधर में प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को मुकम्मल करवाने के लिए 15 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को मतदान के लिए लगाया है।
हर पोलिंग बूथ पर एक प्रेजाइडिंग और तीन पोलिंग अधिकारी हर समय तैनात रहेंगे। सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान के दौरान 10712 कर्मचारियों को प्रेजाइडिंग अधिकारी (पीआरओ), पोलिंग अधिकारी (पीओ) के तौर पर तैनात किया गया है और 10 मार्च को होने वाली गिनती के लिए अपेक्षित स्टाफ तैनात किया जाएगा। 1975 पोलिंग स्टेशनों के लिए 2678 पीआरओ और 8034 पीओ लगाया गया है। शनिवार को जिला चुनाव अधिकारी की तरफ से स्टाफ को ईवीएम मशीन समेत रवाना कर दिया गया है। डीसी थोरी ने बताया कि स्टाफ को किसी किस्म की दिक्कत न हो। इसलिए खाने का इंतजाम और दूरदराज के स्टेशनों पर बिस्तर लगाए गए हैं। जिला जालंधर के नौ विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम और वीवी पैट मशीनों को जालंधर में तीन स्थानों पर 10 मार्च तक रखा जाएगा। सभी मशीनें स्पोर्ट्स कॉलेज, पंजाब लैंड रिकॉर्ड सोसायटी और पटवार स्कूल में रखी जाएंगी।