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नगर निगम में दूसरे दिन भी विजिलेंस की जांच, रेकार्ड खंगाला
Updated Tue, 03 Jul 2018 10:28 PM IST
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93 इमारतों का लेखा-जोखा खुला तो कई होंगे सस्पेंड
मेयर ने फिलहाल 42 इमारतों का लेखा-जोखा तैयार कर नवजोत सिद्धू को सौंपा
नगर निगम में दूसरे दिन भी विजिलेंस ने दस्तावेजों को खंगाला
सुरिंदर पाल
जालंधर। नगर निगम में दूसरे दिन भी विजिलेंस विभाग की धमक रही और विजिलेंस के अधिकारियों ने दस्तावेजों को खंगाला। विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई से निगम अधिकारियों का बच निकलना आसान काम नहीं है, क्योंकि जालंधर से एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने इसकी शिकायत चीफ डायरेक्ट विजिलेंस ब्यूरो को की थी।
विजिलेंस ब्यूरो की टीम के राडार पर पहले 31 इमारतें थी, जिसमें अब 66 और जुड़ गई हैं। नगर निगम ने सिर्फ 93 की सूची जारी की है, जिन पर एक्शन के लिए स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने जालंधर निगम को कहा है। पहले चरण में आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह की शिकायत पर विजिलेंस ने 31 अवैध बिल्डिंगों की जांच शुरू की थी, परंतु बाद में इसी जांच में 66 और बिल्डिंगों को जोड़ दिया गया। अवैध इमारतों के मामले में निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा आठ अधिकारी सस्पेंड किए जा चुके हैं, अभी कई अधिकारी राडार पर हैं। अभी तक 42 इमारतों की फाइलों को ही निगम खंगाल पाया है। अगर 93 की सूची पूरी हो जाती है तो सस्पेंड अधिकारियों की संख्या में इजाफा होना तय है। सिद्धू के निकटवर्ती लोग जालंधर में पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मेयर जगदीश राज राजा के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है और वह मंगलवार को 42 इमारतों का लेखा जोखा लेकर सिद्धू के पास चंडीगढ़ जा पहुंचे हैं। इन फाइलों के अध्ययन के बाद ऐसे कई अधिकारी किसी भी वक्त सस्पेंड किए जा सकते हैं, जिनका इन इमारतों के निर्माण में अहम रोल रहा है।
सूत्रों के अनुसार मेयर के पास 42 इमारतों और कालोनियों का कच्चा चिट्ठा है। इनको मेयर ने खुद तैयार करवाया है और अभी 51 इमारतों और कालोनियों को चेक किया जाना बाकी है। मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले महीने 14 जून को जालंधर आकर अवैध कालोनियों और इमारतों की जांच की थी। उसी दिन उन्होंने आठ अफसरों को सस्पेंड कर दिया था। पिछले दिनों सस्पेंशन लेटर में तीन इंस्पेक्टरों को बचा लिया गया और उनकी जगह चार अन्य लोगों को सस्पेंड किया गया है। इसमें कई अधिकारी ऐसे भी हैं, जिनके इलाके में 12 अवैध इमारतें और कालोनियां तैयार हो गई थी। इसमें कई इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी हैं। पता चला है कि आदर्श नगर व जेपी नगर इलाके में ऐसी 12 इमारतों की सूची तैयार की जा रही है, जिस पर किसी भी समय एक्शन लिया जा सकता है। इसमें दशहरा मैदान के सामने दुकानें, करण इंक्लेव में अवैध कालोनी, जेपी नगर रोड पर दिलबाग पतीसा के सामने दुकानें, जेपी नगर फ्लैट के सामने बिल्डिंग और बस्ती दानिशमंदा में अवैध कालोनी समेत 12 इमारतें चिन्हित की गई हैं।
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सूत्रों के अनुसार नगर निगम में कई इमारतों का रिकार्ड गायब है और उन इमारतों के एरिया इंस्पेक्टर से लेकर आला अधिकारी भी विजिलेंस के शिकंजे में आ जाएंगे। मंगलवार को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दोबारा नगर निगम में दबिश दी और काफी फाइलों को कब्जे में ले लिया।
विजिलेंस टीम ने बिल्डिंग ब्रांच की कई अलमारियों को खुलवा कर पिछले पांच साल की फाइलें कब्जे में ली हैं। अब विजिलेंस विभाग की टीम टेक्निकल टीम के साथ इमारतों का अध्ययन करेगी और उनको मापा जाएगा, इसके बाद विजिलेंस अपनी रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ डायरेक्टर विजिलेंस के कार्यालय भेजेगी।
नहीं सुधरा माफिया, फिर से कालोनियां शुरू....
सिद्धू के डंडे के बावजूद भी माफिया में सुधार नहीं आया है और अब फिर से अवैध कालोनियां काटने का सिलसिला तेज हो गया है। कारण है कि सरकार पालिसी लाने जा रही है और कालोनाइजर इस चक्कर में हैं कि किसी तरह से वह कालोनी काटकर इसको पास करवा लें। नेशनल हाईवे पर एक निजी स्कूल के ठीक सामने अवैध रूप से कालोनी कटवाने का काम शुरू हो गया। इसके अलावा लद्देवाली रोड पर अवैध कालोनी काटी जा रही है। नेशनल हाईवे पर स्थित अवैध कालोनी का अभी तक सीएलयू तक नहीं कराया गया है। यह कालोनी पास भी नहीं, लेकिन अब इस कालोनी पर इंस्पेक्टर नीरज शर्मा की मेहरबानी हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू ने जिस अवैध कालोनी गुलमोहर सिटी में प्रेस कांफ्रेंस कर इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया था, वह भी नीरज शर्मा की देखरेख में काटी गई हैं।
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मेयर ने फिलहाल 42 इमारतों का लेखा-जोखा तैयार कर नवजोत सिद्धू को सौंपा
नगर निगम में दूसरे दिन भी विजिलेंस ने दस्तावेजों को खंगाला
सुरिंदर पाल
जालंधर। नगर निगम में दूसरे दिन भी विजिलेंस विभाग की धमक रही और विजिलेंस के अधिकारियों ने दस्तावेजों को खंगाला। विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई से निगम अधिकारियों का बच निकलना आसान काम नहीं है, क्योंकि जालंधर से एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने इसकी शिकायत चीफ डायरेक्ट विजिलेंस ब्यूरो को की थी।
विजिलेंस ब्यूरो की टीम के राडार पर पहले 31 इमारतें थी, जिसमें अब 66 और जुड़ गई हैं। नगर निगम ने सिर्फ 93 की सूची जारी की है, जिन पर एक्शन के लिए स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने जालंधर निगम को कहा है। पहले चरण में आरटीआई एक्टिविस्ट सिमरनजीत सिंह की शिकायत पर विजिलेंस ने 31 अवैध बिल्डिंगों की जांच शुरू की थी, परंतु बाद में इसी जांच में 66 और बिल्डिंगों को जोड़ दिया गया। अवैध इमारतों के मामले में निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा आठ अधिकारी सस्पेंड किए जा चुके हैं, अभी कई अधिकारी राडार पर हैं। अभी तक 42 इमारतों की फाइलों को ही निगम खंगाल पाया है। अगर 93 की सूची पूरी हो जाती है तो सस्पेंड अधिकारियों की संख्या में इजाफा होना तय है। सिद्धू के निकटवर्ती लोग जालंधर में पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मेयर जगदीश राज राजा के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है और वह मंगलवार को 42 इमारतों का लेखा जोखा लेकर सिद्धू के पास चंडीगढ़ जा पहुंचे हैं। इन फाइलों के अध्ययन के बाद ऐसे कई अधिकारी किसी भी वक्त सस्पेंड किए जा सकते हैं, जिनका इन इमारतों के निर्माण में अहम रोल रहा है।
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सूत्रों के अनुसार नगर निगम में कई इमारतों का रिकार्ड गायब है और उन इमारतों के एरिया इंस्पेक्टर से लेकर आला अधिकारी भी विजिलेंस के शिकंजे में आ जाएंगे। मंगलवार को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दोबारा नगर निगम में दबिश दी और काफी फाइलों को कब्जे में ले लिया।
विजिलेंस टीम ने बिल्डिंग ब्रांच की कई अलमारियों को खुलवा कर पिछले पांच साल की फाइलें कब्जे में ली हैं। अब विजिलेंस विभाग की टीम टेक्निकल टीम के साथ इमारतों का अध्ययन करेगी और उनको मापा जाएगा, इसके बाद विजिलेंस अपनी रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ डायरेक्टर विजिलेंस के कार्यालय भेजेगी।
नहीं सुधरा माफिया, फिर से कालोनियां शुरू....
सिद्धू के डंडे के बावजूद भी माफिया में सुधार नहीं आया है और अब फिर से अवैध कालोनियां काटने का सिलसिला तेज हो गया है। कारण है कि सरकार पालिसी लाने जा रही है और कालोनाइजर इस चक्कर में हैं कि किसी तरह से वह कालोनी काटकर इसको पास करवा लें। नेशनल हाईवे पर एक निजी स्कूल के ठीक सामने अवैध रूप से कालोनी कटवाने का काम शुरू हो गया। इसके अलावा लद्देवाली रोड पर अवैध कालोनी काटी जा रही है। नेशनल हाईवे पर स्थित अवैध कालोनी का अभी तक सीएलयू तक नहीं कराया गया है। यह कालोनी पास भी नहीं, लेकिन अब इस कालोनी पर इंस्पेक्टर नीरज शर्मा की मेहरबानी हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू ने जिस अवैध कालोनी गुलमोहर सिटी में प्रेस कांफ्रेंस कर इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया था, वह भी नीरज शर्मा की देखरेख में काटी गई हैं।