फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   कोटकपूरा गोलीकांड मामले में तत्कालीन डीएसपी की जमानत खारिज

कोटकपूरा गोलीकांड मामले में तत्कालीन डीएसपी की जमानत खारिज

Thu, 13 Jun 2019 10:16 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 10:16 PM IST
विज्ञापन
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में तत्कालीन डीएसपी की जमानत खारिज
कोटकपूरा गोलीकांड में तत्कालीन डीएसपी की जमानत खारिज
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। अतिरिक्त जिला व सेशन जज एचएस लेखी की अदालत ने वीरवार को कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में एसआईटी द्वारा नामजद तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा व वर्तमान में एसपी फिरोजपुर बलजीत सिंह सिद्धू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। उनकी इस याचिका पर एक दिन पहले बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों में बहस हुई और जिला अदालत ने फैसले के लिए वीरवार का दिन तय किया था।

जानकारी के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड में जांच के आधार पर एसआईटी ने कुछ दिन पहले ही जेएमआईसी की अदालत से पहले से ही नामजद आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा व पूर्व शिअद विधायक मनतार सिंह बराड़ के अलावा तीन नए पुलिस अधिकारी, जिनमें तत्कालीन एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह, तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह और तत्कालीन थाना सिटी प्रभारी गुरदीप सिंह पंधेर को भी बतौर आरोपी नामजद किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद इन तीनों अधिकारियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिकाएं दाखिल की थी। इनमें से जिला अदालत ने 6 जून को एडीसीपी पन्नु की जमानत मंजूर कर ली थी, जबकि एसएचओ पंधेर की याचिका को खारिज कर दिया था। डीएसपी सिद्धू की याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान हुई एसआईटी की तरफ से सरकारी वकील ने कहा कि वारदात वाले दिन पुलिस की गोली लगने से घायल हुए केस के मुख्य शिकायतकर्ता अजीत सिंह की पुलिस ने बुरी तरह पिटाई भी की थी और पिटाई करने वालों में डीएसपी बलजीत सिंह सिद्धू भी शामिल था, जिसकी फुटेज एसआईटी के पास है। इसके अलावा डीएसपी सिद्धू पर वारदात वाले दिन से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी समेत अन्य अहम सबूत नष्ट करने के साथ साथ घायल व्यक्तियों की एमएलआर पर कार्रवाई न करने के आरोप हैं। सरकारी पक्ष ने कहा था कि यदि आरोपी को जमानत मिलती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने सरकारी पक्ष की दलीलों पर सहमति जताते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed