{"_id":"5d027dfebdec226dad01796a","slug":"156044440417-faridkot-news136","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटकपूरा गोलीकांड मामले में तत्कालीन डीएसपी की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में तत्कालीन डीएसपी की जमानत खारिज
विज्ञापन
कोटकपूरा गोलीकांड में तत्कालीन डीएसपी की जमानत खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। अतिरिक्त जिला व सेशन जज एचएस लेखी की अदालत ने वीरवार को कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में एसआईटी द्वारा नामजद तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा व वर्तमान में एसपी फिरोजपुर बलजीत सिंह सिद्धू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। उनकी इस याचिका पर एक दिन पहले बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों में बहस हुई और जिला अदालत ने फैसले के लिए वीरवार का दिन तय किया था।
जानकारी के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड में जांच के आधार पर एसआईटी ने कुछ दिन पहले ही जेएमआईसी की अदालत से पहले से ही नामजद आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा व पूर्व शिअद विधायक मनतार सिंह बराड़ के अलावा तीन नए पुलिस अधिकारी, जिनमें तत्कालीन एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह, तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह और तत्कालीन थाना सिटी प्रभारी गुरदीप सिंह पंधेर को भी बतौर आरोपी नामजद किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद इन तीनों अधिकारियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिकाएं दाखिल की थी। इनमें से जिला अदालत ने 6 जून को एडीसीपी पन्नु की जमानत मंजूर कर ली थी, जबकि एसएचओ पंधेर की याचिका को खारिज कर दिया था। डीएसपी सिद्धू की याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान हुई एसआईटी की तरफ से सरकारी वकील ने कहा कि वारदात वाले दिन पुलिस की गोली लगने से घायल हुए केस के मुख्य शिकायतकर्ता अजीत सिंह की पुलिस ने बुरी तरह पिटाई भी की थी और पिटाई करने वालों में डीएसपी बलजीत सिंह सिद्धू भी शामिल था, जिसकी फुटेज एसआईटी के पास है। इसके अलावा डीएसपी सिद्धू पर वारदात वाले दिन से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी समेत अन्य अहम सबूत नष्ट करने के साथ साथ घायल व्यक्तियों की एमएलआर पर कार्रवाई न करने के आरोप हैं। सरकारी पक्ष ने कहा था कि यदि आरोपी को जमानत मिलती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने सरकारी पक्ष की दलीलों पर सहमति जताते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। अतिरिक्त जिला व सेशन जज एचएस लेखी की अदालत ने वीरवार को कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में एसआईटी द्वारा नामजद तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा व वर्तमान में एसपी फिरोजपुर बलजीत सिंह सिद्धू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। उनकी इस याचिका पर एक दिन पहले बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों में बहस हुई और जिला अदालत ने फैसले के लिए वीरवार का दिन तय किया था।
जानकारी के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड में जांच के आधार पर एसआईटी ने कुछ दिन पहले ही जेएमआईसी की अदालत से पहले से ही नामजद आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा व पूर्व शिअद विधायक मनतार सिंह बराड़ के अलावा तीन नए पुलिस अधिकारी, जिनमें तत्कालीन एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह, तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह और तत्कालीन थाना सिटी प्रभारी गुरदीप सिंह पंधेर को भी बतौर आरोपी नामजद किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद इन तीनों अधिकारियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिकाएं दाखिल की थी। इनमें से जिला अदालत ने 6 जून को एडीसीपी पन्नु की जमानत मंजूर कर ली थी, जबकि एसएचओ पंधेर की याचिका को खारिज कर दिया था। डीएसपी सिद्धू की याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान हुई एसआईटी की तरफ से सरकारी वकील ने कहा कि वारदात वाले दिन पुलिस की गोली लगने से घायल हुए केस के मुख्य शिकायतकर्ता अजीत सिंह की पुलिस ने बुरी तरह पिटाई भी की थी और पिटाई करने वालों में डीएसपी बलजीत सिंह सिद्धू भी शामिल था, जिसकी फुटेज एसआईटी के पास है। इसके अलावा डीएसपी सिद्धू पर वारदात वाले दिन से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी समेत अन्य अहम सबूत नष्ट करने के साथ साथ घायल व्यक्तियों की एमएलआर पर कार्रवाई न करने के आरोप हैं। सरकारी पक्ष ने कहा था कि यदि आरोपी को जमानत मिलती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने सरकारी पक्ष की दलीलों पर सहमति जताते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन