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नहरों में प्रदूषित पानी के खिलाफ पंजाब-राजस्थान के सांझे संघर्ष की रूपरेखा तैयार
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अबोहर। सूबे की तरह पश्चिमी राजस्थान में महामारी के रूप में फैलते जा रहे कैंसर, चर्म और गुर्दा रोगों की भयावहता को रोकने के लिए राजस्थान-पंजाब के जागरूक लोग अब एक मंच पर आकर संयुक्त रूप से एक बड़ा अभियान शुरू करने की कवायद में जुट गए हैं। इसी के चलते श्रीगंगानगर में गठित की गई संघर्ष समिति का एक शिष्टमंडल वीरवार को पंजाब के फरीदकोट पहुंचा, जहां इस मसले को लेकर पंजाब स्तर पर गठित गैर राजनीतिक संगठन निरोहा के सदस्यों से मुलाकात की। पंजाब में नहरों व दरियाओं के लगातार प्रदूषित और जानलेवा होते पानी के खिलाफ निरोहा के अभियान मेें राजस्थान को भी शामिल करने पर विचार विमर्श हुआ।
बैठक में पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में धीरे-धीरे कैंसर, चर्म रोग और गुर्दा रोग जैसी फैल रही बीमारियों पर गहन चिंता जताते हुए इसके लिए पंजाब से इंदिरा गांधी नहर और सरहिंद फीडर नहर से आ रहे केमिकल युक्त पानी को जिम्मेवार ठहराया गया। बैठक में पंजाब के कोटकपूरा से विधायक गुलतार सिंह, निरोहा संगठन के सदस्य गुरप्रीत सिंह चंदवाजा, राजेन्द्र सिंह बराड़, श्रीगंगानगर से संघर्ष समिति के सदस्य-भाजपा के जिला उपाध्यक्ष महेश पेड़ीवाल, भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष रमजान अली चौपदार, नेतेवाला के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र पारीक तथा रोटरी क्लब के अध्यक्ष हरविंद्र सिंह संधू शामिल हुए।
रमजान अली चौपदार ने बताया कि आगामी 9 जून को जालंधर में निरोहा की राज्य स्तरीय बैठक होने जा रही है, जिसमें पंजाब में कैंसर प्रभावित जिलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी बैठक में अब पश्चिमी राजस्थान के जिलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। श्रीगंगानगर से संघर्ष समिति के इन पदाधिकारियों व सदस्यों के अलावा हनुमानगढ़ से देवेंद्र पारिक, बीकानेर से सुरेंद्र सिंह शेखावत, जैसलमेर से आईदान सिंह भाटी, बाड़मेर से राजेंद्र बिहाड़ा और जोधपुर से जागरूक सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। सभी 9 जून को जालंधर में बैठक करने के बाद नजदीक ही बुड्ढा नाला के हालात देखने जायेंगे।
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जालंधर के समीप इस बुड्ढा नाला में क्षेत्र के सैकड़ों कारखानों और शहर के सीवरेज का पानी दरिया में डाला जाता है। दरिया का यही पानी सतलुज, ब्यास दरियाओं के संगम स्थल हरीके बैराज पहुंचता है। इसी हरीके बैरोज (फिरोजपुर हैड) से इंदिरा गांधी नहर और सरहिंद फीडर नहरें निकलती हैं। इन नहरों का पानी श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों सहित पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर तक जाता है। श्रीगंगानगर जिले को सिंचित करने वाली गंगकैनाल की मेन फीडर में सरहिन्द फीडर का पानी आता है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर पश्चिमी राजस्थान के लोग जागरूक नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में पंजाब जैसे भयावह हालात हो जायेंगे। हर गांव और हर घर में कैंसर, चर्म रोग और गुर्दा रोग से पीड़ित दिखाई देंगे। इन बीमारियों की जड़ दरियाओं, नहरों का पानी फैक्टिरियों के केमिकल युक्त अपशिष्ट पदार्थाें, शहरों के सीवरेज की गंदगी के कारण अत्यंत प्रदूषित हो गया है।
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बैठक में पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में धीरे-धीरे कैंसर, चर्म रोग और गुर्दा रोग जैसी फैल रही बीमारियों पर गहन चिंता जताते हुए इसके लिए पंजाब से इंदिरा गांधी नहर और सरहिंद फीडर नहर से आ रहे केमिकल युक्त पानी को जिम्मेवार ठहराया गया। बैठक में पंजाब के कोटकपूरा से विधायक गुलतार सिंह, निरोहा संगठन के सदस्य गुरप्रीत सिंह चंदवाजा, राजेन्द्र सिंह बराड़, श्रीगंगानगर से संघर्ष समिति के सदस्य-भाजपा के जिला उपाध्यक्ष महेश पेड़ीवाल, भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष रमजान अली चौपदार, नेतेवाला के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र पारीक तथा रोटरी क्लब के अध्यक्ष हरविंद्र सिंह संधू शामिल हुए।
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रमजान अली चौपदार ने बताया कि आगामी 9 जून को जालंधर में निरोहा की राज्य स्तरीय बैठक होने जा रही है, जिसमें पंजाब में कैंसर प्रभावित जिलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी बैठक में अब पश्चिमी राजस्थान के जिलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। श्रीगंगानगर से संघर्ष समिति के इन पदाधिकारियों व सदस्यों के अलावा हनुमानगढ़ से देवेंद्र पारिक, बीकानेर से सुरेंद्र सिंह शेखावत, जैसलमेर से आईदान सिंह भाटी, बाड़मेर से राजेंद्र बिहाड़ा और जोधपुर से जागरूक सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। सभी 9 जून को जालंधर में बैठक करने के बाद नजदीक ही बुड्ढा नाला के हालात देखने जायेंगे।
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जालंधर के समीप इस बुड्ढा नाला में क्षेत्र के सैकड़ों कारखानों और शहर के सीवरेज का पानी दरिया में डाला जाता है। दरिया का यही पानी सतलुज, ब्यास दरियाओं के संगम स्थल हरीके बैराज पहुंचता है। इसी हरीके बैरोज (फिरोजपुर हैड) से इंदिरा गांधी नहर और सरहिंद फीडर नहरें निकलती हैं। इन नहरों का पानी श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों सहित पश्चिमी राजस्थान में बाड़मेर तक जाता है। श्रीगंगानगर जिले को सिंचित करने वाली गंगकैनाल की मेन फीडर में सरहिन्द फीडर का पानी आता है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर पश्चिमी राजस्थान के लोग जागरूक नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में पंजाब जैसे भयावह हालात हो जायेंगे। हर गांव और हर घर में कैंसर, चर्म रोग और गुर्दा रोग से पीड़ित दिखाई देंगे। इन बीमारियों की जड़ दरियाओं, नहरों का पानी फैक्टिरियों के केमिकल युक्त अपशिष्ट पदार्थाें, शहरों के सीवरेज की गंदगी के कारण अत्यंत प्रदूषित हो गया है।