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जेल में कैदी से चार ग्राम नशीला पदार्थ व मोबाइल बरामद
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:36 PM IST
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जेल में कैदी से चार ग्राम नशीला पदार्थ व मोबाइल बरामद
एक दिन पहले एक युवक ने जेल में नशे के नेटवर्क का किया था खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। माडर्न जेल कपूरथला में बंद एक कैदी से जेल प्रशासन ने चार ग्राम नशीला पदार्थ और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इस बरामदगी ने जेल में बंद कैदियों की ओर से नशा तस्करी का खेल चलने की बात को उजागर कर दिया है। अभी एक दिन पहले ही जालंधर के पुलिस कमिश्नर पीके सिन्हा के सामने नशा छुड़ाओ केंद्र में बंद एक युवक ने जेल में नशे फलते-फूलते कारोबार का खुलासा करके कमिश्नर को हैरान कर दिया था। हालांकि जेल एसपी ने जेल के अंदर नशे के खिलाफ जीरो टालरेंस पॉलिसी पर काम करने की बात कही है। माडर्न जेल कपूरथला के सहायक सुपरिंटेंडेंट सुशील कुमार ने बताया कि उन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत माडर्न जेल में बंद रणधीर सिंह उर्फ धीरा निवासी गांव गन्ना थाना फिल्लौर जिला जालंधर के पास नशीला पदार्थ होने की सूचना मिली थी। जिस पर उन्होंने जब धीरा की बैरक की तलाशी शुरू की तो उसके पास से एक मोबाइल फोन, बैटरी और सिम बरामद हुआ। इसके बाद हेड वार्डन तिरलोचन सिंह व एक एएसआई ने धीरा के सामने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें से चार ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ। मोबाइल व नशीला पदार्थ की उपलब्धता के बारे में पूछा गया तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। थाना कोतवाली के एसएचओ इंस्पेक्टर हरगुरदेव सिंह ने कहा कि आरोपी कैदी के खिलाफ प्रीजन व एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने संभावना जताई कि जेल में कहीं न कहीं नशा तस्करी हो रही है। काबिले गौर हो कि करीब डेढ़ माह पहले जेल प्रशासन ने जेल की ड्योढी में शिफ्टिंग के समय चेकिंग के दौरान जेल वार्डन भूपिंदर सिंह से नशीला पदार्थ बरामद किया था। एसपी जेल सुरिंदरपाल खन्ना ने कहा कि जेल में नशे पर जीरो टालरेंस पॉलिसी पर काम किया जा रहा है। जालंधर में एक युवक की ओर से जेल में नशा तस्करी का नेटवर्क चलने के जवाब में कहा कि अब ऐसा कुछ नहीं है। जिस युवक ने आरोप लगाए हैं, वह पुरानी बात कर रहा होगा। इस समय तो पूरी सख्ती की हुई है। किसी भी तरह का कोई नशे का नेटवर्क नहीं चल रहा है। करीब डेढ़ माह पहले नशे की खेप के साथ पकड़े गए हेड वार्डन भूपिंदर सिंह को नौकरी से ही डिसमिस कर दिया गया है।
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एक दिन पहले एक युवक ने जेल में नशे के नेटवर्क का किया था खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। माडर्न जेल कपूरथला में बंद एक कैदी से जेल प्रशासन ने चार ग्राम नशीला पदार्थ और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इस बरामदगी ने जेल में बंद कैदियों की ओर से नशा तस्करी का खेल चलने की बात को उजागर कर दिया है। अभी एक दिन पहले ही जालंधर के पुलिस कमिश्नर पीके सिन्हा के सामने नशा छुड़ाओ केंद्र में बंद एक युवक ने जेल में नशे फलते-फूलते कारोबार का खुलासा करके कमिश्नर को हैरान कर दिया था। हालांकि जेल एसपी ने जेल के अंदर नशे के खिलाफ जीरो टालरेंस पॉलिसी पर काम करने की बात कही है। माडर्न जेल कपूरथला के सहायक सुपरिंटेंडेंट सुशील कुमार ने बताया कि उन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत माडर्न जेल में बंद रणधीर सिंह उर्फ धीरा निवासी गांव गन्ना थाना फिल्लौर जिला जालंधर के पास नशीला पदार्थ होने की सूचना मिली थी। जिस पर उन्होंने जब धीरा की बैरक की तलाशी शुरू की तो उसके पास से एक मोबाइल फोन, बैटरी और सिम बरामद हुआ। इसके बाद हेड वार्डन तिरलोचन सिंह व एक एएसआई ने धीरा के सामने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें से चार ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ। मोबाइल व नशीला पदार्थ की उपलब्धता के बारे में पूछा गया तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। थाना कोतवाली के एसएचओ इंस्पेक्टर हरगुरदेव सिंह ने कहा कि आरोपी कैदी के खिलाफ प्रीजन व एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने संभावना जताई कि जेल में कहीं न कहीं नशा तस्करी हो रही है। काबिले गौर हो कि करीब डेढ़ माह पहले जेल प्रशासन ने जेल की ड्योढी में शिफ्टिंग के समय चेकिंग के दौरान जेल वार्डन भूपिंदर सिंह से नशीला पदार्थ बरामद किया था। एसपी जेल सुरिंदरपाल खन्ना ने कहा कि जेल में नशे पर जीरो टालरेंस पॉलिसी पर काम किया जा रहा है। जालंधर में एक युवक की ओर से जेल में नशा तस्करी का नेटवर्क चलने के जवाब में कहा कि अब ऐसा कुछ नहीं है। जिस युवक ने आरोप लगाए हैं, वह पुरानी बात कर रहा होगा। इस समय तो पूरी सख्ती की हुई है। किसी भी तरह का कोई नशे का नेटवर्क नहीं चल रहा है। करीब डेढ़ माह पहले नशे की खेप के साथ पकड़े गए हेड वार्डन भूपिंदर सिंह को नौकरी से ही डिसमिस कर दिया गया है।