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भाजपा के कई दिग्गजों का पता साफ, कांग्रेस की चली आंधी
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:58 PM IST
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कांग्रेस हाईकमान के बिना ही विधायकों की चली आंधी
भाजपा के कई दिग्गजों का पत्ता साफ, भाजपा के दो-दो बार जीते पार्षद बुरी तरह से हारे
सुरिंदर पाल
जालंधर।
रविवार को निगम के नतीजों की घोषणा में कांग्रेस उम्मीदवारों की आंधी ने भाजपा के कई दिग्गजों की पत्ता साफ कर दिया। कांग्रेस हाईकमान ने निगम चुनावों का सारा दारोमदार कांग्रेसी विधायकों के कंधों पर रख दिया था, जिसने भाजपा-अकाली दल का सूपड़ा साफ कर दिया। कई भाजपा के ऐसे चेहरे हार गए, जिन्होंने हार का कभी मुंह नहीं देखा था। भाजपा के दिग्गज कांग्रेस के नए चेहरों के आगे हवा में उड़ गए।
कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ से लेकर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह चुनावों से बिलकुल दूर रहे। इतना ही नहीं कांग्रेस द्वारा कोई बड़ी रैलियां भी नहीं की गयी। 80 वार्डों में कांग्रेसी उम्मीदवारों को टिकट देने से लेकर जिताने तक की जिम्मेदारी कांग्रेसी विधायकों के कंधों पर थी। पद्मश्री परगट सिंह के विधानसभा हलके में 11 वार्डों में कांग्रेस ने भाजपा-शिअद को एक भी सीट नहीं जीतने दी और तमाम कांग्रेसी उम्मीदवार जीत गए। दो विधायकों राजिंदर बेरी की पत्नी उमा बेरी, विधायक सुशील रिंकू की पत्नी सुनीता रिंकू ने भी जीत गयी। भाजपा के दो बार पार्षद रह चुके रवि महेंद्रू 78 नंबर से चुनाव हार गए, उनके आगे नया चेहरा जगदीश समराय था। वहीं भाजपा के दो बार विधायक रहे केडी भंडारी की भाभी रितू भंडारी को 53 नंबर वार्ड से रजनी बाहरी ने हरा दिया। रितू भंडारी के पति अश्वनी भंडारी पिछली बार पार्षद थे और यह भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था लेकिन 1500 वोटों से रजनी बाहरी ने भंडारी को हरा दिया।
वहीं आज तक हार का मुंह न देखने वाली पूर्व डिप्टी मेयर अरविंदर कौर ओबराय को नए चेहरे राधिका पाठक ने 51 नंबर वार्ड से हरा दिया। अरविंदर कौर ओबराय के पति कुलदीप ओबराय ने भी आज तक हार का मुंह नहीं देखा था, वह भी 50 नंबर वार्ड से नए चेहरे शैरी चड्डा से बुरी तरह से हार गए।
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भाजपा के पूर्व पार्षद व दिग्गज नेता मिंटा कोछड़ भी 60 नंबर से चुनाव हार गए, मिंटा भाजपा के दमदार नेता हैं लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार अवतार ने उनको हरा दिया। रिंपी प्रभाकर व उसके पति भगवंत प्रभाकर दोनों एक-एक बार पार्षद रह चुके हैं लेकिन इस बार 61 नबंर से नये चेहरे रिशमा खोसला ने उनका पत्ता साफ कर दिया। दो बार भाजपा पार्षद रहे गोपाल दास पेठेवाला भी 66 नंबर से नए चेहरे राकेश कुमार नीटा के आगे टिक नहीं पाये और उनको हार का मुंह देखना पड़ा। इसी तरह से भाजपा के दमदार नेता 64 नंबर वार्ड से कमलजीत सिंह बेदी भी कांग्रेस के उम्मीदवार सुशील कालिया के आगे टिक नहीं पाये। कांग्रेस के विधायक बावा हेनरी के हलके में कांग्रेस का बोलबाला रहा। बावा हेनरी के हलके में दो सीटें शिअद व एक सीट भाजपा जीत पायी जबकि बाकी 21 सीटों पर कांग्रेस का ध्वज लहराया।
कांग्रेस के दंपत्ति जीते, शिअद व आजाद दंपत्ति हारे
कांग्रेस के दंपति जगदीश राज राजा व उसकी पत्नी अनिता राजा दोनों कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीत गए हैं जबकि शिअद से नाराज होकर आजाद तौर पर चुनाव लड़ने वाले कुलदीप ओबराय व उसकी पत्नी अरविंदर कौर ओबराय दोनों हार गए। वहीं शिअद की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले दो बार पार्षद रह चुके 12 नंबर वार्ड से बलवीर बिट्टू चुनाव हार गए उनकी पत्ननी कर्मजीत कौर भी शिअद की टिकट पर आठ नंबर वार्ड से चुनाव लड़ रही थी, दोनों हार गए। कर्मजीत कौर को कांग्रेस के जेपी शमशेर खैरा ने हराया।
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भाजपा के कई दिग्गजों का पत्ता साफ, भाजपा के दो-दो बार जीते पार्षद बुरी तरह से हारे
सुरिंदर पाल
जालंधर।
रविवार को निगम के नतीजों की घोषणा में कांग्रेस उम्मीदवारों की आंधी ने भाजपा के कई दिग्गजों की पत्ता साफ कर दिया। कांग्रेस हाईकमान ने निगम चुनावों का सारा दारोमदार कांग्रेसी विधायकों के कंधों पर रख दिया था, जिसने भाजपा-अकाली दल का सूपड़ा साफ कर दिया। कई भाजपा के ऐसे चेहरे हार गए, जिन्होंने हार का कभी मुंह नहीं देखा था। भाजपा के दिग्गज कांग्रेस के नए चेहरों के आगे हवा में उड़ गए।
कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ से लेकर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह चुनावों से बिलकुल दूर रहे। इतना ही नहीं कांग्रेस द्वारा कोई बड़ी रैलियां भी नहीं की गयी। 80 वार्डों में कांग्रेसी उम्मीदवारों को टिकट देने से लेकर जिताने तक की जिम्मेदारी कांग्रेसी विधायकों के कंधों पर थी। पद्मश्री परगट सिंह के विधानसभा हलके में 11 वार्डों में कांग्रेस ने भाजपा-शिअद को एक भी सीट नहीं जीतने दी और तमाम कांग्रेसी उम्मीदवार जीत गए। दो विधायकों राजिंदर बेरी की पत्नी उमा बेरी, विधायक सुशील रिंकू की पत्नी सुनीता रिंकू ने भी जीत गयी। भाजपा के दो बार पार्षद रह चुके रवि महेंद्रू 78 नंबर से चुनाव हार गए, उनके आगे नया चेहरा जगदीश समराय था। वहीं भाजपा के दो बार विधायक रहे केडी भंडारी की भाभी रितू भंडारी को 53 नंबर वार्ड से रजनी बाहरी ने हरा दिया। रितू भंडारी के पति अश्वनी भंडारी पिछली बार पार्षद थे और यह भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था लेकिन 1500 वोटों से रजनी बाहरी ने भंडारी को हरा दिया।
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वहीं आज तक हार का मुंह न देखने वाली पूर्व डिप्टी मेयर अरविंदर कौर ओबराय को नए चेहरे राधिका पाठक ने 51 नंबर वार्ड से हरा दिया। अरविंदर कौर ओबराय के पति कुलदीप ओबराय ने भी आज तक हार का मुंह नहीं देखा था, वह भी 50 नंबर वार्ड से नए चेहरे शैरी चड्डा से बुरी तरह से हार गए।
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भाजपा के पूर्व पार्षद व दिग्गज नेता मिंटा कोछड़ भी 60 नंबर से चुनाव हार गए, मिंटा भाजपा के दमदार नेता हैं लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार अवतार ने उनको हरा दिया। रिंपी प्रभाकर व उसके पति भगवंत प्रभाकर दोनों एक-एक बार पार्षद रह चुके हैं लेकिन इस बार 61 नबंर से नये चेहरे रिशमा खोसला ने उनका पत्ता साफ कर दिया। दो बार भाजपा पार्षद रहे गोपाल दास पेठेवाला भी 66 नंबर से नए चेहरे राकेश कुमार नीटा के आगे टिक नहीं पाये और उनको हार का मुंह देखना पड़ा। इसी तरह से भाजपा के दमदार नेता 64 नंबर वार्ड से कमलजीत सिंह बेदी भी कांग्रेस के उम्मीदवार सुशील कालिया के आगे टिक नहीं पाये। कांग्रेस के विधायक बावा हेनरी के हलके में कांग्रेस का बोलबाला रहा। बावा हेनरी के हलके में दो सीटें शिअद व एक सीट भाजपा जीत पायी जबकि बाकी 21 सीटों पर कांग्रेस का ध्वज लहराया।
कांग्रेस के दंपत्ति जीते, शिअद व आजाद दंपत्ति हारे
कांग्रेस के दंपति जगदीश राज राजा व उसकी पत्नी अनिता राजा दोनों कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीत गए हैं जबकि शिअद से नाराज होकर आजाद तौर पर चुनाव लड़ने वाले कुलदीप ओबराय व उसकी पत्नी अरविंदर कौर ओबराय दोनों हार गए। वहीं शिअद की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले दो बार पार्षद रह चुके 12 नंबर वार्ड से बलवीर बिट्टू चुनाव हार गए उनकी पत्ननी कर्मजीत कौर भी शिअद की टिकट पर आठ नंबर वार्ड से चुनाव लड़ रही थी, दोनों हार गए। कर्मजीत कौर को कांग्रेस के जेपी शमशेर खैरा ने हराया।