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यूनिवर्सिटी प्रशासन व अस्थायी कर्मियों में तनातनी बरकरार
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:35 PM IST
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धरने में आउटसोर्स कर्मी ने पी फिनाइल ,आईसीयू में भर्ती
अस्थायी कर्मियों ने वीसी के ओपीडी रूम के शीशे तोड़े
सादिक रोड पर भी दो घंटे किया चक्का जाम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के अस्थायी कर्मियों की बेमियादी हड़ताल के 30वें दिन बुधवार को धरने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी ने फिनाइल पी ली। उसे तुरंत गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। उसे फिलहाल आईसीयू में रखा गया है।
इससे गुस्साए कर्मियों ने पहले मेडिकल अस्पताल में प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर के ओपीडी रूम के दरवाजे के शीशे तोड़ डाले। बाद में करीब दो घंटे तक सादिक रोड पर मेडिकल कॉलेज के बाहर चक्का जाम भी किया। इस मामले में डिप्टी कमिश्नर राजीव पराशर ने दखल देते हुए प्रदर्शनकारियों को वीरवार यूनिवर्सिटी के वीसी के साथ बैठक करवा उनकी मांगों के समाधान करवाने का भरोसा दिया है।
अस्थायी कर्मियों की ओर से बुधवार को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के गेट पर रोष धरना दिया जा रहा था। इस दौरान यूनिवर्सिटी में फायर ऑपरेटर की सेवाएं निभा रहे आउटसोर्स कर्मी व सांझी मुलाजिम संघर्ष कमेटी के प्रमुख सदस्य विशाल मोंगा ने फिनाइल पी ली। इसके बाद उसकी हालत खराब हो गई। इस दौरान संघर्ष कमेटी के सदस्य गुरइकबाल सिंह, विकास अरोड़ा, गगन जसवाल, गुरमीत सिंह मुक्खा ने कहा कि वह 23 मई से अपनी सेवाएं स्थायी/यूनिवर्सिटी के अधीन करने की मांग पर हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस वजह से उनकी साथी आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
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विवाद बढ़ने पर एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने पहल करते संघर्ष कमेटी की डिप्टी कमिश्नर राजीव पराशर के साथ उनके आवास पर मीटिंग करवाई। इस मौके पर डीसी ने कमेटी को भरोसा दिलाया कि वीरवार को जिला प्रशासन अपनी हाजिरी में यूनिवर्सिटी के वीसी के साथ बैठक करवाई जाएगी और उनके मसला का समाधान करवाया जाएगा। इस हड़ताल के दौरान रोष धरने में जहरीला पदार्थ पीने का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले 30 मई को भी यूनिवर्सिटी के एक दर्जा चार कर्मचारी गुरप्रीत सिंह ने भी कीटनाशक दवा पी ली थी। उसे कई दिनों तक मेडिकल अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।
फोटो 21एफआरडीपी01
फोटो 21एफआरडीपी02
फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती यूनिवर्सिटी कर्मी विशाल मोंगा।
फोटो 21एफआरडीपी03
फरीदकोट में अपने साथी के पदार्थ पीने की घटना के बाद प्रदर्शनकारियों की तरफ से तोड़े गए वीसी के ओपीडी रूम के शीशे।
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अस्थायी कर्मियों ने वीसी के ओपीडी रूम के शीशे तोड़े
सादिक रोड पर भी दो घंटे किया चक्का जाम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के अस्थायी कर्मियों की बेमियादी हड़ताल के 30वें दिन बुधवार को धरने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी ने फिनाइल पी ली। उसे तुरंत गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। उसे फिलहाल आईसीयू में रखा गया है।
इससे गुस्साए कर्मियों ने पहले मेडिकल अस्पताल में प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर के ओपीडी रूम के दरवाजे के शीशे तोड़ डाले। बाद में करीब दो घंटे तक सादिक रोड पर मेडिकल कॉलेज के बाहर चक्का जाम भी किया। इस मामले में डिप्टी कमिश्नर राजीव पराशर ने दखल देते हुए प्रदर्शनकारियों को वीरवार यूनिवर्सिटी के वीसी के साथ बैठक करवा उनकी मांगों के समाधान करवाने का भरोसा दिया है।
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अस्थायी कर्मियों की ओर से बुधवार को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के गेट पर रोष धरना दिया जा रहा था। इस दौरान यूनिवर्सिटी में फायर ऑपरेटर की सेवाएं निभा रहे आउटसोर्स कर्मी व सांझी मुलाजिम संघर्ष कमेटी के प्रमुख सदस्य विशाल मोंगा ने फिनाइल पी ली। इसके बाद उसकी हालत खराब हो गई। इस दौरान संघर्ष कमेटी के सदस्य गुरइकबाल सिंह, विकास अरोड़ा, गगन जसवाल, गुरमीत सिंह मुक्खा ने कहा कि वह 23 मई से अपनी सेवाएं स्थायी/यूनिवर्सिटी के अधीन करने की मांग पर हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस वजह से उनकी साथी आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
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विवाद बढ़ने पर एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने पहल करते संघर्ष कमेटी की डिप्टी कमिश्नर राजीव पराशर के साथ उनके आवास पर मीटिंग करवाई। इस मौके पर डीसी ने कमेटी को भरोसा दिलाया कि वीरवार को जिला प्रशासन अपनी हाजिरी में यूनिवर्सिटी के वीसी के साथ बैठक करवाई जाएगी और उनके मसला का समाधान करवाया जाएगा। इस हड़ताल के दौरान रोष धरने में जहरीला पदार्थ पीने का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले 30 मई को भी यूनिवर्सिटी के एक दर्जा चार कर्मचारी गुरप्रीत सिंह ने भी कीटनाशक दवा पी ली थी। उसे कई दिनों तक मेडिकल अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।
फोटो 21एफआरडीपी01
फोटो 21एफआरडीपी02
फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती यूनिवर्सिटी कर्मी विशाल मोंगा।
फोटो 21एफआरडीपी03
फरीदकोट में अपने साथी के पदार्थ पीने की घटना के बाद प्रदर्शनकारियों की तरफ से तोड़े गए वीसी के ओपीडी रूम के शीशे।